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अगले 8 घंटे बेहद खतरनाक! IMD का बड़ा अलर्ट, 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, 70 Kmph की आंधी और वज्रपात का खतरा



देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 8 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी ट्रफ और कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। इसका असर मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक देखने को मिल सकता है।

क्यों अचानक बदल गया मौसम?

पिछले कुछ दिनों में कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं, लेकिन अब मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मानसूनी ट्रफ की सक्रियता बढ़ने से वातावरण में पर्याप्त नमी पहुंच रही है।

इसी वजह से अगले कुछ घंटों के दौरान कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना, मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। मौसम विभाग ने यहां तेज बारिश, गरज-चमक और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।

संभावित प्रभाव:

  • कई निचले इलाकों में जलभराव

  • ट्रैफिक जाम

  • पेड़ गिरने की आशंका

  • बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना

  • कमजोर होर्डिंग और निर्माण सामग्री गिरने का खतरा

दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 34°C तथा न्यूनतम तापमान 28°C रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है:

  • मेरठ

  • मथुरा

  • आगरा

  • चित्रकूट

  • बांदा

  • सोनभद्र

  • मिर्जापुर

  • कानपुर

  • बदायूं

  • सीतापुर

  • बाराबंकी

  • जालौन

  • हमीरपुर

  • महोबा

  • झांसी

  • ललितपुर

  • गोरखपुर

  • प्रयागराज

इन क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बिहार में भी बिगड़ सकता है मौसम

बिहार के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

अलर्ट वाले प्रमुख जिले:

  • पटना

  • सिवान

  • सारण

  • भोजपुर

  • मुजफ्फरपुर

  • समस्तीपुर

  • दरभंगा

  • मधुबनी

  • पूर्णिया

  • कटिहार

  • मधेपुरा

  • किशनगंज

  • बेगूसराय

  • खगड़िया

  • भागलपुर

  • मुंगेर

  • सहरसा

  • सुपौल

यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है।

उत्तराखंड

इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान है:

  • पिथौरागढ़

  • चंपावत

  • चमोली

  • देहरादून

  • नैनीताल

  • बागेश्वर

  • अल्मोड़ा

  • हरिद्वार

  • रुद्रप्रयाग

प्रशासन ने यात्रियों से पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश

इन जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना है:

  • शिमला

  • मंडी

  • कुल्लू

  • कांगड़ा

  • बिलासपुर

  • सोलन

  • लाहौल-स्पीति

इन इलाकों में तेज हवाओं और भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित हो सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर में भी खराब रहेगा मौसम

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

प्रमुख जिले:

  • कुलगाम

  • अनंतनाग

  • कठुआ

  • पुंछ

  • जम्मू

  • बारामूला

  • उधमपुर

  • किश्तवाड़

  • गांदरबल

  • शोपियां

  • रियासी

पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 12 राज्यों पर सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में जिन राज्यों पर मानसून का सबसे अधिक प्रभाव रह सकता है, उनमें शामिल हैं—

  • दिल्ली

  • उत्तर प्रदेश

  • बिहार

  • झारखंड

  • उत्तराखंड

  • हिमाचल प्रदेश

  • पंजाब

  • राजस्थान

  • मध्य प्रदेश

  • पश्चिम बंगाल

  • गुजरात

  • जम्मू-कश्मीर

इन राज्यों में कहीं भारी बारिश, कहीं तेज आंधी और कई इलाकों में वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है—

  • गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें।

  • खुले मैदान में बिल्कुल न जाएं।

  • बड़े पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

  • बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाए रखें।

  • नदी, तालाब और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

  • धातु की वस्तुओं को छूने से बचें।

  • मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा टाल दें।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि—

  • खेतों में रखी कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखें।

  • कृषि उपकरणों को बारिश से बचाएं।

  • तेज बारिश और बिजली की स्थिति में खेतों में काम न करें।

  • धान रोपाई या अन्य कृषि कार्य मौसम की स्थिति देखकर ही करें।

यात्रियों के लिए जरूरी सूचना

भारी बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

यात्रा से पहले—

  • सड़क की स्थिति की जानकारी लें।

  • रेल और हवाई उड़ानों का स्टेटस जांचें।

  • पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालें यदि मौसम खराब हो।

प्रमुख शहरों का अनुमानित तापमान

शहरअधिकतमन्यूनतम
दिल्ली34°C28°C
मुंबई28°C27°C
चेन्नई35°C28°C
कोलकाता28°C27°C
लखनऊ32°C27°C
पटना32°C27°C
रांची26°C23°C
भोपाल27°C24°C
जयपुर32°C26°C
शिमला24°C20°C
नैनीताल25°C21°C

मौसम विभाग की अपील

भारतीय मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।

देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और अगले कुछ घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मैदानी इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं से नुकसान की संभावना को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचना और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना सबसे सुरक्षित कदम होगा।

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