शादी में सिर्फ 3 दिन बचे थे... दुल्हन ने ही रच दी होने वाले पति की मौत की साजिश! जीजा के साथ प्रेम संबंध का खुलासा, जंगल में मिली लाश
झारखंड के गिरिडीह जिले से एक ऐसी सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अचानक मातम छा गया। पुलिस के अनुसार, शादी से महज तीन दिन पहले एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने होने वाले पति की हत्या की साजिश रची। जांच में सामने आया कि युवती का कथित प्रेम संबंध अपने ही जीजा से था और इसी रिश्ते को बचाने के लिए उसने अपने मंगेतर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस ने इस मामले में युवती और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, जमुआ निवासी शुभम हाजरा ने अपने बेटे नीरज हाजरा की शादी उर्मिला नाम की युवती से तय की थी। दोनों की शादी 7 जुलाई को होनी थी।
बताया गया कि नीरज राजस्थान में काम करता था और शादी में शामिल होने के लिए 4 जुलाई को अपने घर लौट रहा था। ट्रेन से उतरने के बाद उसने अपने पिता को फोन कर अपनी लोकेशन बताई थी। पिता उसे लेने निकल पड़े, लेकिन उससे पहले नीरज अपने होने वाले रिश्तेदार सुभाष पासवान के साथ चला गया। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा।
जब काफी देर तक नीरज का कोई पता नहीं चला तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में जमुआ थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पांच दिन बाद जंगल में मिला शव
पुलिस और परिवार के लोग लगातार नीरज की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान बिहार के जमुई जिले के बीचकोड़वा जंगल क्षेत्र से एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में नीरज हाजरा के रूप में हुई।
शव मिलने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
जांच में सामने आया प्रेम संबंध का एंगल
पुलिस की जांच में सामने आया कि नीरज की मंगेतर उर्मिला का अपने जीजा सुभाष पासवान के साथ कथित प्रेम संबंध था। जांच अधिकारियों के अनुसार, दोनों पिछले काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
पुलिस का दावा है कि उर्मिला किसी और से शादी नहीं करना चाहती थी। इसी कारण दोनों ने मिलकर नीरज की हत्या की साजिश बनाई।
हालांकि इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
कैसे रची गई कथित साजिश?
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत नीरज को फोन कर झारखंड-बिहार सीमा के पास स्थित बेला जंगल क्षेत्र में बुलाया गया।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद नीरज पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया ताकि पहचान और सबूत मिटाने की कोशिश की जा सके।
मोबाइल लोकेशन से खुला राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में नीरज की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद जांच का फोकस शादी और मंगेतर से जुड़े पहलुओं पर गया।
जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान उर्मिला के मोबाइल की लोकेशन भी घटना स्थल के आसपास मिली।
इसके बाद पुलिस ने उर्मिला से पूछताछ की। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाले हथियार, एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल और कुछ अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
फॉरेंसिक जांच के लिए सभी बरामद वस्तुओं को भेजा गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
गिरिडीह पुलिस ने इस मामले में उर्मिला और सुभाष पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न इलाकों में छापेमारी जारी है।
थाना पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
इन आरोपों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में आक्रोश
नीरज की हत्या की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का कहना है कि नीरज का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह अपनी शादी की तैयारियों को लेकर बेहद उत्साहित था। ऐसे में इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोग इस घटना की तुलना हाल के कुछ चर्चित हत्या मामलों से कर रहे हैं।
हालांकि हर आपराधिक मामले की परिस्थितियां, साक्ष्य और कानूनी पहलू अलग होते हैं। इसलिए किसी भी दो मामलों की समानता का अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
पुलिस जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। अंतिम रूप से दोष तय करना न्यायालय का अधिकार है।
गिरिडीह का यह मामला एक बार फिर रिश्तों में विश्वास, प्रेम संबंधों और अपराध के जटिल पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का दावा है कि शादी से ठीक पहले मंगेतर की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई। फिलहाल दो आरोपी गिरफ्तार हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष सामने आएगा।

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