मुस्लिम युवती से प्रेम करने वाले शिवशंकर शुक्ला की मौत का रहस्य गहराया! परिवार ने दरोगा अजहर जमाल पर लगाए गंभीर आरोप, लाइन हाजिर
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में 26 वर्षीय संविदा बिजली लाइनमैन शिवशंकर शुक्ला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। राजापुर थाना क्षेत्र के भटरी गांव के नंदू पुरवा के बाहर एक पेड़ से उनका शव फंदे से लटका मिलने के बाद मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली, कथित मानसिक प्रताड़ना और एक उपनिरीक्षक पर लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण यह विवाद का विषय बन गया है।
मृतक के परिवार ने सरधुआ थाने में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) अजहर जमाल पर लगातार धमकाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कथित रूप से पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेड़ से लटका मिला शिवशंकर का शव
जानकारी के अनुसार, शिवशंकर शुक्ला सरधुआ बिजली उपकेंद्र में संविदा पर लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक, 17 जुलाई की रात वह ड्यूटी से घर लौटे थे। कुछ देर बाद वह घर से बाहर निकले लेकिन देर रात तक वापस नहीं आए।
अगली सुबह गांव के बाहर एक पेड़ से उनका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और परिजनों में कोहराम मच गया।
परिवार का आरोप- लगातार मिल रही थीं धमकियाँ
मृतक के पिता राजेश कुमार शुक्ला का आरोप है कि उनके बेटे को पिछले कई महीनों से लगातार धमकियां मिल रही थीं। उनका कहना है कि सरधुआ थाने में तैनात उपनिरीक्षक अजहर जमाल ने कई बार शिवशंकर को फोन कर गालियां दीं और जेल भेजने की धमकी दी।
परिजनों का दावा है कि दरोगा ने फोन पर कथित तौर पर कहा था कि "अब तुम्हारे दिन पूरे हो गए हैं, जेल जाने की तैयारी कर लो, दस साल तक जेल में सड़ोगे।"
परिवार का कहना है कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग शिवशंकर के मोबाइल फोन में मौजूद है। सोशल मीडिया पर भी एक कथित ऑडियो वायरल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पैसे मांगने का भी लगाया आरोप
मृतक के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले दरोगा ने उनके बेटे को थाने बुलाकर समझौते के नाम पर कथित रूप से दो लाख रुपये लिए थे और बाद में तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी।
परिवार का कहना है कि लगातार आर्थिक दबाव, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के कारण शिवशंकर बेहद तनाव में रहने लगे थे।
मृतक के भाई ने भी आरोप लगाया कि दरोगा ने उनके भाई को उठवा लेने की धमकी दी थी और पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी।
इन आरोपों की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इनकी सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।
आठ महीने पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
परिजनों के अनुसार, करीब आठ महीने पहले शिवशंकर का एक मुस्लिम युवती से प्रेम संबंध था। दोनों एक बार घर छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद युवती पक्ष ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बाद में पुलिस दोनों को बरामद कर लाई और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था।
परिवार का आरोप है कि समझौते के बाद भी युवती शिवशंकर से संपर्क करती रही। जब शिवशंकर ने इस संबंध में युवती के पिता से शिकायत की तो कथित रूप से मामला फिर से विवाद का कारण बन गया और उसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं।
पुलिस का पक्ष परिवार के आरोपों से अलग
चित्रकूट पुलिस और जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से इस मामले में अलग पक्ष सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में नाबालिग लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान युवती ने अपने लिखित बयान में कहा था कि वह अपने माता-पिता से नाराज होकर अपनी मौसी के घर चली गई थी।
पुलिस का कहना है कि उस समय पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण मामला समाप्त कर दिया गया था।
इसके बाद पुलिस का दावा है कि शिवशंकर कथित रूप से अलग-अलग नंबरों से युवती के पिता से संपर्क कर रहे थे। शिकायत मिलने पर संबंधित उपनिरीक्षक ने उन्हें फोन पर समझाया और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी थी।
पुलिस का यह भी कहना है कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच की जा रही है।
#चित्रकूट: राजापुर थाना क्षेत्र के महुवा गांव के सुरजवापुरवा में एक लाइनमैन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची @chitrakootpol ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय स्तर… pic.twitter.com/dnZIPyninP
— UttarPradesh.ORG News (@WeUttarPradesh) July 18, 2026
सुसाइड नोट और डायरी ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिवशंकर के पास से एक कथित सुसाइड नोट और निजी डायरी भी बरामद हुई है।
बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि उन्होंने युवती के पिता को फोन कर यह बताने का प्रयास किया था कि उनकी बेटी लगातार उन्हें फोन कर रही है। उन्होंने यह भी लिखा कि यदि युवती के बुलाने पर गांव आने के दौरान उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए युवती और उसके पिता जिम्मेदार होंगे।
परिवार का दावा है कि डायरी में करीब 15 मोबाइल नंबर लिखे हुए हैं, जिनसे शिवशंकर को लगातार फोन आते थे। इनमें कथित रूप से युवती और उसके पिता के नंबर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
परिजनों ने यह डायरी और अन्य दस्तावेज पुलिस को जांच के लिए सौंप दिए हैं।
हत्या की आशंका भी जता रहा परिवार
हालांकि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिवार ने हत्या की आशंका भी व्यक्त की है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें संदेह है कि पहले शिवशंकर की हत्या की गई और बाद में शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
इस दावे की पुष्टि फिलहाल किसी आधिकारिक जांच में नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
दरोगा अजहर जमाल को किया गया लाइन हाजिर
मामले के तूल पकड़ने के बाद संबंधित उपनिरीक्षक अजहर जमाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
साथ ही पूरे मामले की जांच राजापुर क्षेत्राधिकारी को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धमकी से आहत शिव शंकर शुक्ला का शव रात्रि से गायब संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ।
— संदीप द्विवेदी (@Sandeep42649902) July 19, 2026
वायरल ऑडियो सरधुवा थाना चित्रकूट के थानाध्यक्ष का बताया जा रहा है ।
प्रशासन 🚨 निष्पक्ष पारदर्शी कार्यवाही करे ।।#वायरल@dgpup @Uppolice @chitrakoot_dm @myogiadityanath pic.twitter.com/IEnmzsw27Z
सोशल मीडिया पर भी गरमाया मामला
घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग परिवार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पुलिस के आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
वायरल हो रहे कथित ऑडियो, सुसाइड नोट और अन्य दस्तावेज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि इन सभी सामग्रियों की प्रामाणिकता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
चित्रकूट में शिवशंकर शुक्ला की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिवार मानसिक प्रताड़ना, धमकी और अवैध धन मांगने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि मृतक के खिलाफ पहले भी शिकायत दर्ज हुई थी और उसे केवल समझाने का प्रयास किया गया था।
इस मामले में कथित सुसाइड नोट, मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग, डायरी में दर्ज नंबर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और पुलिस जांच की रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएंगी। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है, ताकि शिवशंकर शुक्ला की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके।

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