शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल! सेंसेक्स 965 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,300 के पार; जानिए किन वजहों से लौटी बाजार में तेजी
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स 965 अंकों की जोरदार छलांग लगाकर 78,151.45 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 261.55 अंक की बढ़त के साथ 24,334.30 अंक के स्तर पर पहुंच गया। कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत किया। बाजार की इस तेजी के पीछे आईटी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे और दिग्गज कंपनियों से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सप्ताह के अंत में निवेशकों को मिली बड़ी राहत
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव देखने के बाद शुक्रवार को बाजार ने दमदार वापसी की। कारोबार की शुरुआत से ही खरीदारी का माहौल बना रहा और दिनभर बाजार हरे निशान में कारोबार करता रहा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी केवल तकनीकी उछाल नहीं थी, बल्कि इसके पीछे मजबूत कारोबारी संकेत और कॉरपोरेट सेक्टर से आ रही सकारात्मक खबरें भी थीं। खासकर आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया।
आईटी सेक्टर बना बाजार का सबसे बड़ा हीरो
इस तेजी में सबसे बड़ी भूमिका आईटी सेक्टर ने निभाई। कई प्रमुख आईटी कंपनियों के जून तिमाही के परिणाम उम्मीद से बेहतर रहे, जिसके बाद निवेशकों ने इस सेक्टर में जमकर खरीदारी की।
बाजार में विशेष रूप से बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल सेवाओं की मांग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े कारोबार में बढ़ोतरी का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को आगे भी मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में भी कंपनियों का प्रदर्शन इसी तरह मजबूत रहता है, तो आईटी सेक्टर बाजार को आगे भी सहारा दे सकता है।
बैंकिंग शेयरों में भी जोरदार खरीदारी
आईटी के साथ-साथ बैंकिंग सेक्टर ने भी बाजार को मजबूती दी। निजी बैंकों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
निवेशकों की नजर प्रमुख बैंकों के तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है। बेहतर मुनाफे और स्थिर ऋण वृद्धि की उम्मीदों ने बैंकिंग शेयरों को समर्थन दिया।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि वित्तीय कंपनियों के नतीजे अनुमान के अनुरूप रहते हैं तो आने वाले दिनों में बैंकिंग इंडेक्स भी नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
रिलायंस और जियो फाइनेंशियल से भी मिला सहारा
बाजार की तेजी में रिलायंस समूह की कंपनियों ने भी अहम भूमिका निभाई।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के मजबूत तिमाही परिणामों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के परिणामों को लेकर सकारात्मक उम्मीदों ने भी बड़े निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया।
रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों में तेजी का असर सीधे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर देखने को मिला क्योंकि इनका सूचकांकों में बड़ा योगदान है।
रुपये की मजबूती बनी सकारात्मक संकेत
भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया।
रुपये के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा और आयात आधारित कंपनियों पर लागत का दबाव कम होने की उम्मीद बनी। मजबूत मुद्रा को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि इससे विदेशी पूंजी प्रवाह को भी समर्थन मिलता है।
तकनीकी स्तर टूटने से बढ़ी खरीदारी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी ने महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर को पार कर लिया, जिसके बाद कई निवेशकों और संस्थागत फंडों ने नई खरीदारी शुरू की।
जब कोई प्रमुख इंडेक्स लंबे समय से बने प्रतिरोध स्तर को पार करता है तो तकनीकी विश्लेषण के आधार पर भी खरीदारी बढ़ जाती है। इस कारण बाजार में तेजी और मजबूत हो गई।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी आने वाले सत्रों में 24,300 के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत
दिलचस्प बात यह रही कि कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई।
इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल घरेलू कारक विदेशी बाजारों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। मजबूत कॉरपोरेट आय, घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी और भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मक संभावनाएं बाजार को सहारा दे रही हैं।
विदेशी निवेशकों की भूमिका पर नजर
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां अभी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी लगातार जारी रहती है तो भारतीय बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी लगातार बाजार को समर्थन देते रहे हैं।
आने वाले सप्ताह में विदेशी निवेशकों के निवेश के आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सप्ताह में बाजार की चाल कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी।
इनमें प्रमुख हैं—
बड़ी कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे।
वैश्विक बाजारों का रुख।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
रुपये की स्थिति।
विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री।
प्रमुख आर्थिक आंकड़ों की घोषणा।
यदि इन सभी मोर्चों पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार, मजबूत बैंकिंग व्यवस्था और कॉरपोरेट आय में सुधार जैसे कारक लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।
हालांकि वे यह भी सलाह देते हैं कि केवल बाजार की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेना चाहिए।
भारतीय शेयर बाजार में आई यह जोरदार तेजी केवल एक दिन की राहत नहीं बल्कि मजबूत कॉरपोरेट प्रदर्शन और घरेलू आर्थिक विश्वास का संकेत मानी जा रही है। आईटी और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में सेंसेक्स और निफ्टी ने शानदार बढ़त दर्ज की है। अब निवेशकों की निगाहें आने वाले तिमाही नतीजों, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेंगी, जो यह तय करेंगे कि बाजार की यह रफ्तार आने वाले दिनों में कितनी मजबूत बनी रहती है।

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