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सर्वाइकल कैंसर पर WHO की बड़ी चेतावनी: समय पर HPV वैक्सीन और स्क्रीनिंग से बच सकती हैं लाखों महिलाओं की जान

 


महिलाओं में होने वाले कैंसरों में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) आज भी दुनिया की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह उन चुनिंदा कैंसरों में से एक है, जिन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी ताजा जानकारी में एक बार फिर जोर देकर कहा है कि HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन, नियमित स्क्रीनिंग और समय पर इलाज के जरिए सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है।

WHO के अनुसार, यदि सभी देश टीकाकरण और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करें तो आने वाले वर्षों में इस बीमारी से होने वाली लाखों मौतों को टाला जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी, समय पर जांच न कराना और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच अभी भी इस बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौतियां हैं।

क्या है सर्वाइकल कैंसर?

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) में विकसित होने वाला कैंसर है। यह बीमारी आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

WHO के अनुसार, लगभग सभी सर्वाइकल कैंसर के मामले हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण से जुड़े होते हैं। यदि HPV संक्रमण लंबे समय तक शरीर में बना रहता है, तो समय के साथ यह कैंसर का रूप ले सकता है।

WHO ने क्यों जताई चिंता?

WHO की 2026 की फैक्ट शीट के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में लगभग 6.04 लाख नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आए और करीब 2.8 लाख महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण हुई। सबसे अधिक प्रभावित निम्न और मध्यम आय वाले देश हैं, जहां HPV वैक्सीन, स्क्रीनिंग और उपचार तक पहुंच सीमित है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी गरीब और विकासशील देशों में अधिक जानलेवा साबित होती है, क्योंकि वहां अक्सर बीमारी का पता काफी देर से चलता है।

HPV वैक्सीन क्यों है जरूरी?

WHO का कहना है कि 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीन सबसे प्रभावी बचाव उपायों में से एक है। इस उम्र में वैक्सीन लगाने से शरीर वायरस के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा विकसित कर लेता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि HPV वैक्सीन केवल सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, बल्कि HPV से जुड़े अन्य कैंसरों और कुछ संक्रमणों के जोखिम को भी कम कर सकती है।

स्क्रीनिंग उतनी ही जरूरी

WHO ने स्पष्ट किया है कि केवल वैक्सीन लगवाना पर्याप्त नहीं है। महिलाओं को नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग भी करानी चाहिए।

संगठन के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में महिलाओं को 30 वर्ष की आयु से नियमित अंतराल पर स्क्रीनिंग करानी चाहिए। यदि किसी महिला में HIV संक्रमण है, तो स्क्रीनिंग की शुरुआत और भी पहले की जानी चाहिए। समय पर जांच से कैंसर बनने से पहले होने वाले बदलावों का पता लगाया जा सकता है और उनका इलाज संभव है।

शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरण में कई बार कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। लेकिन बीमारी बढ़ने पर कुछ संकेत सामने आ सकते हैं, जैसे—

  • असामान्य योनि से रक्तस्राव

  • मासिक धर्म के बीच में ब्लीडिंग

  • संभोग के बाद रक्तस्राव

  • दुर्गंधयुक्त योनि स्राव

  • लगातार पेल्विक दर्द

  • कमर या निचले पेट में दर्द

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

WHO का 90-70-90 लक्ष्य

सर्वाइकल कैंसर को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लिए WHO ने 90-70-90 रणनीति अपनाई है। इसके तहत लक्ष्य है—

  • 15 वर्ष की आयु तक 90% लड़कियों का HPV टीकाकरण

  • 70% महिलाओं की 35 और 45 वर्ष की आयु तक स्क्रीनिंग

  • 90% मरीजों को समय पर उपचार

WHO का अनुमान है कि यदि यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया तो आने वाले दशकों में करोड़ों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह संदेश?

भारत में भी सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। हाल के वर्षों में HPV टीकाकरण को बढ़ावा देने और जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक से अधिक किशोरियों का टीकाकरण और महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए तो इस बीमारी का बोझ काफी कम किया जा सकता है।

महिलाओं के लिए जरूरी सलाह

डॉक्टर निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—

  • निर्धारित आयु में HPV वैक्सीन लगवाएं।

  • नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग कराएं।

  • असामान्य रक्तस्राव या दर्द होने पर तुरंत जांच कराएं।

  • धूम्रपान से बचें।

  • सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाएं।

  • डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।

WHO का संदेश स्पष्ट है कि सर्वाइकल कैंसर उन कैंसरों में शामिल है जिन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है। HPV वैक्सीन, नियमित स्क्रीनिंग और समय पर इलाज इस बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जागरूकता बढ़े और हर महिला समय पर जांच कराए, तो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में बड़ी कमी लाई जा सकती है।

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