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रात में सिर्फ 10 मिनट दीवार पर पैर रखकर लेटें... सुबह उठते ही शरीर में दिख सकता है चौंकाने वाला बदलाव!

 


दिनभर ऑफिस में कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करना, लंबे समय तक खड़े रहना, घंटों कार या बस में सफर करना और लगातार भागदौड़ भरी जीवनशैली आज लगभग हर व्यक्ति की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में शाम होते-होते पैरों में भारीपन, सूजन, दर्द और पूरे शरीर में थकान महसूस होना बेहद आम समस्या बन गई है। कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ऐसा होना शरीर में खराब ब्लड सर्कुलेशन या जीवनशैली से जुड़ी अन्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समस्या सामान्य थकान की वजह से हो रही है, तो एक बेहद आसान योग तकनीक राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकती है। इस योगासन का नाम विपरीत करणी (Viparita Karani) या लेग्स-अप-द-वॉल पोज (Legs Up the Wall Pose) है। इसमें केवल 10 से 15 मिनट तक दीवार के सहारे पैरों को ऊपर उठाकर लेटना होता है। यह आसान अभ्यास शरीर को आराम देने के साथ मानसिक तनाव कम करने और बेहतर नींद लाने में भी सहायक माना जाता है।

क्या है विपरीत करणी योगासन?

विपरीत करणी एक रेस्टोरेटिव योगासन है, जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर को गहरा आराम देना है। यह कठिन योगासन नहीं है और इसे लगभग हर उम्र के लोग अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं।

इस आसन में शरीर पूरी तरह आराम की अवस्था में रहता है और पैरों को दीवार पर टिकाकर दिल के स्तर से ऊपर रखा जाता है। इससे शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ और रक्त के प्रवाह को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

इस योगासन के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। केवल एक साफ दीवार, योगा मैट या चादर और शांत वातावरण पर्याप्त होता है।

कैसे करें यह आसान योगासन?

विशेषज्ञों के अनुसार इस योगासन को सही तरीके से करना बेहद जरूरी है ताकि शरीर को अधिकतम लाभ मिल सके।

करने की विधि

  • सबसे पहले दीवार के बिल्कुल पास बैठ जाएं।

  • अब धीरे-धीरे पीठ के बल लेट जाएं।

  • दोनों पैरों को सीधा ऊपर उठाकर दीवार पर टिकाएं।

  • हाथों को शरीर के दोनों ओर आराम से रखें।

  • आंखें बंद कर लें और सामान्य या गहरी सांस लेते रहें।

  • 10 से 15 मिनट तक इसी स्थिति में बने रहें।

  • इसके बाद धीरे-धीरे करवट लेकर उठें।

यदि शुरुआत में 15 मिनट तक रुकना कठिन लगे तो 5 मिनट से शुरुआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं।

आखिर पैरों में सूजन क्यों आती है?

दिनभर बैठे रहने या लगातार खड़े रहने से गुरुत्वाकर्षण के कारण शरीर का अतिरिक्त तरल पदार्थ और रक्त पैरों की नसों में जमा होने लगता है। इससे पैरों में सूजन, भारीपन और थकान महसूस होने लगती है।

इसके अलावा कई अन्य कारण भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं, जैसे—

  • लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना

  • लगातार खड़े होकर काम करना

  • लंबी दूरी की यात्रा

  • गर्म और उमस भरा मौसम

  • अधिक नमक का सेवन

  • गर्भावस्था

  • ब्लड सर्कुलेशन की समस्या

  • मोटापा

  • पर्याप्त शारीरिक गतिविधि का अभाव

यदि सूजन लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।

कैसे मिलता है फायदा?

इस योगासन का सबसे बड़ा लाभ गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत पर आधारित है।

जब पैरों को दिल से ऊपर रखा जाता है, तो पैरों में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ और रक्त वापस शरीर के ऊपरी हिस्से की ओर आसानी से प्रवाहित होने लगता है। इससे पैरों की सूजन कम होने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही—

  • नसों पर दबाव कम होता है।

  • मांसपेशियों को आराम मिलता है।

  • पैरों का भारीपन कम महसूस होता है।

  • लंबे समय तक खड़े रहने से आई थकान दूर हो सकती है।

केवल पैरों को नहीं, दिमाग को भी मिलता है आराम

विपरीत करणी केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास शरीर के पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करने में मदद करता है। इसे शरीर का "रेस्ट एंड डाइजेस्ट" सिस्टम भी कहा जाता है।

जब यह प्रणाली सक्रिय होती है तो—

  • तनाव कम महसूस होता है।

  • मन शांत होता है।

  • दिल की धड़कन सामान्य होने में मदद मिलती है।

  • मानसिक बेचैनी घट सकती है।

  • शरीर रिलैक्स महसूस करता है।

यदि इस दौरान गहरी और धीमी सांस ली जाए तो इसका प्रभाव और बेहतर हो सकता है।

अच्छी नींद में भी हो सकती है मदद

आज बड़ी संख्या में लोग नींद की समस्या से परेशान हैं।

रात में मोबाइल का अधिक उपयोग, तनाव और मानसिक थकान के कारण नींद प्रभावित होती है।

ऐसे में सोने से पहले 10 मिनट तक विपरीत करणी करने से शरीर रिलैक्स हो सकता है और बेहतर नींद आने में सहायता मिल सकती है।

हालांकि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से अनिद्रा की समस्या है तो केवल इस योगासन पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

रोज करने से मिल सकते हैं ये फायदे

यदि यह योगासन सही तरीके से और नियमित रूप से किया जाए तो कई संभावित लाभ मिल सकते हैं—

पैरों की सूजन कम करने में मदद

दिनभर की थकान के बाद पैरों में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ कम होने में सहायता मिल सकती है।

ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है

रक्त का प्रवाह संतुलित होने से शरीर को आराम महसूस हो सकता है।

मांसपेशियों को आराम

पिंडलियों, टखनों और जांघों की मांसपेशियों का तनाव कम हो सकता है।

लंबे सफर के बाद राहत

लंबी यात्रा के बाद पैरों की जकड़न और भारीपन कम करने में यह आसन उपयोगी माना जाता है।

तनाव कम करने में सहायक

यह योगासन मानसिक शांति और रिलैक्सेशन को बढ़ावा दे सकता है।

बेहतर रिकवरी

वर्कआउट के बाद मांसपेशियों को आराम देने में भी यह उपयोगी माना जाता है।

नींद में सुधार

रात को सोने से पहले करने पर शरीर को आराम मिल सकता है जिससे बेहतर नींद आने में मदद मिल सकती है।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

हालांकि यह आसान योगासन माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों को इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

इनमें शामिल हैं—

  • अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर

  • ग्लूकोमा (आंखों का रोग)

  • गंभीर हृदय रोग

  • हाल ही में पीठ, गर्दन या कूल्हे की सर्जरी

  • रीढ़ की गंभीर समस्या

  • लेटने पर दर्द होना

यदि इनमें से कोई भी समस्या हो तो विशेषज्ञ की सलाह के बिना यह अभ्यास न करें।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि पैरों में अचानक सूजन आ जाए या केवल एक ही पैर में सूजन हो रही हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—

  • एक पैर में अचानक सूजन

  • तेज दर्द

  • त्वचा का लाल होना

  • सांस लेने में तकलीफ

  • सीने में दर्द

  • लगातार बढ़ती सूजन

ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।

केवल योगासन नहीं, स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि विपरीत करणी रोजमर्रा की हल्की सूजन और थकान में राहत देने का आसान तरीका हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि—

  • नियमित व्यायाम करें।

  • लंबे समय तक लगातार न बैठें।

  • हर एक घंटे में थोड़ा चलें।

  • पर्याप्त पानी पिएं।

  • संतुलित आहार लें।

  • नमक का सेवन सीमित रखें।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराएं।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको पैरों में लगातार सूजन, तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, हृदय, किडनी, नसों या किसी अन्य गंभीर बीमारी से जुड़ी समस्या है, तो किसी भी योगासन या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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