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16 घंटे...1100 मिमी बारिश...और फिर जो हुआ, उसने पूरे गुजरात को हिला दिया!


 

गुजरात में मानसून ने इस बार ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने दक्षिण गुजरात के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है। सबसे गंभीर स्थिति वलसाड जिले की है, जहां उंबरगांव तालुका में महज 16 घंटों के भीतर 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। इतनी भारी बारिश ने कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए और पूरे इलाके को बाढ़ जैसी स्थिति में पहुंचा दिया।

लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है। प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

16 घंटे में 1100 मिमी बारिश, बना नया रिकॉर्ड

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे तक उंबरगांव तालुका में 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। यह मात्रा सामान्य मानसूनी बारिश की तुलना में बेहद अधिक मानी जा रही है।

वलसाड जिले के अन्य कई तालुकों में भी 600 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण इलाके की नदियां तेजी से उफान पर आ गईं, जिससे निचले क्षेत्रों में पानी भर गया और सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण गुजरात में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण यह स्थिति बनी हुई है।

पार्किंग में डूब गईं दर्जनों कारें

वलसाड के वापी शहर से सामने आए वीडियो ने लोगों को चौंका दिया। वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत की पार्किंग पूरी तरह पानी में डूबी दिखाई दे रही है।

बारिश का पानी इतना बढ़ गया कि पार्किंग में खड़ी कारें लगभग पूरी तरह पानी में समा गईं। कई वाहनों की सिर्फ छत दिखाई दे रही थी, जबकि कुछ कारों तक पानी खिड़कियों के स्तर तक पहुंच गया।

बिल्डिंग के बाहर की सड़कें भी नदी जैसी नजर आईं। आसपास के बाजार, गलियां और कॉलोनियां भी पानी से भर गईं, जिससे लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

नदियों के उफान से बिगड़े हालात

लगातार वर्षा के चलते औरंगा, पार और दमनगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।

इन नदियों के उफान पर आने से वलसाड जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया और लोगों के घरों में पानी घुस गया।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।

हजारों लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है।

वलसाड जिले के कई गांवों और बस्तियों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। वहीं सूरत शहर के निचले इलाकों में रहने वाले 2,200 से अधिक लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।

बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य राहत एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।

नौकाओं से किया गया लोगों का रेस्क्यू

सूरत में कई इलाकों में जलभराव इतना बढ़ गया कि सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए।

ऐसे में अग्निशमन विभाग की टीमों ने नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला। पांडेसरा क्षेत्र में जलभराव के कारण करीब 40 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

कई परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया, जहां भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

इन जिलों में भी बारिश का कहर

वलसाड के अलावा दक्षिण गुजरात के अन्य कई जिले भी भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • तापी

  • डांग

  • नवसारी

  • सूरत

इन जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, कई गांवों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली है, जबकि कुछ ग्रामीण इलाकों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

रेड अलर्ट जारी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी जिलों के लिए गुरुवार और शुक्रवार को अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलें और नदी, नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

प्रशासन को भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की निगरानी के दिए निर्देश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति की लगातार समीक्षा की है।

उन्होंने विभिन्न मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित जिलों में भेजकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सुविधा की कमी न हो।

स्कूल, बाजार और यातायात पर असर

लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कई सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात धीमा पड़ गया है। कुछ इलाकों में वाहन पूरी तरह बंद हो गए, जबकि बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम रही।

जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों की चिंता बढ़ी

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत कम समय में इतनी अधिक वर्षा होना जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति की ओर संकेत करता है।

लगातार हो रही अत्यधिक बारिश शहरी जल निकासी व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हालात से निपटने के लिए शहरों की ड्रेनेज व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत होगी।

प्रशासन की लोगों से अपील

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई है कि—

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।

  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।

  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

  • जरूरत पड़ने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

  • सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

स्थिति पर लगातार नजर

फिलहाल दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

यदि अगले 24 से 48 घंटों में भी इसी तरह भारी बारिश जारी रहती है, तो कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग, प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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