60 के बाद पुरुषों के लिए जरूरी है PSA टेस्ट, देर होने पर हो सकता है ये खतरनाक कैंसर
पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। इनमें सबसे गंभीर बीमारी प्रोस्टेट कैंसर मानी जाती है, जो शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) नामक ब्लड टेस्ट की मदद से प्रोस्टेट की स्थिति का शुरुआती आकलन करते हैं।
हालांकि, मेडिकल विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि PSA का बढ़ा हुआ स्तर (PSA Level) हमेशा प्रोस्टेट कैंसर का मतलब नहीं होता। कई बार संक्रमण, सूजन, उम्र बढ़ने या अन्य कारणों से भी PSA बढ़ सकता है। इसलिए केवल रिपोर्ट देखकर खुद ही कैंसर का निष्कर्ष निकाल लेना सही नहीं है। यदि PSA सामान्य सीमा से अधिक आता है, तो डॉक्टर मरीज की उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जांचों के आधार पर आगे की जांच की सलाह देते हैं।
क्या होता है PSA?
PSA (Prostate-Specific Antigen) एक विशेष प्रकार का प्रोटीन है, जो प्रोस्टेट ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है।
प्रोस्टेट पुरुषों के प्रजनन तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह लगभग अखरोट के आकार की ग्रंथि होती है, जो मूत्राशय (ब्लैडर) के नीचे स्थित रहती है और मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा) को चारों ओर से घेरे रहती है। यही मूत्रमार्ग शरीर से पेशाब बाहर निकालने का रास्ता होता है।
प्रोस्टेट द्वारा बनने वाला PSA सामान्य रूप से वीर्य में मौजूद रहता है, लेकिन इसकी थोड़ी मात्रा रक्त में भी पहुंचती है। इसी मात्रा को ब्लड टेस्ट के माध्यम से मापा जाता है।
यदि रक्त में PSA का स्तर सामान्य सीमा से अधिक पाया जाता है, तो यह संकेत हो सकता है कि प्रोस्टेट में किसी प्रकार का बदलाव हो रहा है। लेकिन इसका मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता।
PSA टेस्ट क्यों किया जाता है?
डॉक्टर PSA टेस्ट कई परिस्थितियों में कराने की सलाह दे सकते हैं।
जैसे—
प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती जांच के लिए।
पेशाब संबंधी समस्याओं की जांच में।
पहले से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करा चुके मरीजों की निगरानी के लिए।
प्रोस्टेट में सूजन या संक्रमण का पता लगाने में।
उम्र बढ़ने के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच के हिस्से के रूप में।
यह टेस्ट अकेले कैंसर की पुष्टि नहीं करता, बल्कि आगे की जांच की आवश्यकता का संकेत देता है।
सामान्य PSA लेवल कितना होना चाहिए?
विशेषज्ञ बताते हैं कि PSA के लिए कोई एक निश्चित "सामान्य" स्तर सभी पुरुषों पर लागू नहीं होता। इसकी व्याख्या उम्र के अनुसार की जाती है।
आमतौर पर—
60 वर्ष या उससे अधिक उम्र
4.0 ng/mL या उससे कम को सामान्य माना जाता है।
60 वर्ष से कम उम्र
2.5 ng/mL या उससे कम सामान्य माना जाता है।
कम उम्र के अधिकांश स्वस्थ पुरुषों में PSA का स्तर अक्सर 1.0 ng/mL से भी कम पाया जाता है।
इसी कारण डॉक्टर रिपोर्ट को केवल "नॉर्मल" या "असामान्य" नहीं कहते, बल्कि यह देखते हैं कि व्यक्ति की उम्र के अनुसार PSA बढ़ा हुआ है या नहीं।
PSA बढ़ने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार PSA बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं।
इनमें शामिल हैं—
उम्र बढ़ना
उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार स्वाभाविक रूप से बढ़ सकता है। इससे PSA का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
प्रोस्टेट में संक्रमण
यदि प्रोस्टेट में बैक्टीरियल संक्रमण हो जाए, तो PSA बढ़ सकता है।
प्रोस्टेटाइटिस
प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन (Prostatitis) होने पर भी PSA सामान्य से अधिक आ सकता है।
हाल में हुई चिकित्सकीय प्रक्रिया
कुछ मेडिकल प्रक्रियाओं के बाद भी PSA अस्थायी रूप से बढ़ सकता है, जैसे—
सिस्टोस्कोपी
कोलोनोस्कोपी
अन्य यूरोलॉजिकल जांच
कुछ दवाओं का प्रभाव
विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसी दवाएं PSA स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
किन कारणों से अस्थायी रूप से बढ़ सकता है PSA?
कुछ कम सामान्य परिस्थितियों में PSA थोड़े समय के लिए बढ़ सकता है।
जैसे—
पिछले 24–48 घंटों में यौन गतिविधि
लंबे समय तक साइकिल चलाना, जिससे प्रोस्टेट के आसपास दबाव पड़ता है
हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिकांश मामलों में PSA बढ़ने का मुख्य कारण केवल यही नहीं होता।
इसी वजह से यदि पहली रिपोर्ट में PSA बढ़ा हुआ मिले, तो डॉक्टर कई बार लगभग एक महीने बाद दोबारा टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बढ़ा हुआ स्तर अस्थायी कारणों से तो नहीं था।
कितना PSA लेवल चिंता का विषय माना जाता है?
यदि—
60 वर्ष से अधिक उम्र में PSA 4.0 ng/mL से ऊपर हो
60 वर्ष से कम उम्र में PSA 2.5 ng/mL से ऊपर हो
तो डॉक्टर आगे की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
हालांकि केवल PSA देखकर कैंसर की पुष्टि नहीं की जाती।
आमतौर पर PSA स्तर को इस प्रकार देखा जाता है—
4 से 10 ng/mL
इसे हल्का बढ़ा हुआ माना जाता है।
इस स्थिति में डॉक्टर मरीज के लक्षण, पारिवारिक इतिहास और अन्य जांचों के आधार पर आगे का निर्णय लेते हैं।
11 से 20 ng/mL
इसे मध्यम रूप से बढ़ा हुआ माना जाता है।
इस स्तर पर प्रोस्टेट की विस्तृत जांच की आवश्यकता हो सकती है।
21 ng/mL या उससे अधिक
इतना अधिक PSA होने पर प्रोस्टेट कैंसर की संभावना पहले की तुलना में अधिक मानी जाती है।
हालांकि अंतिम पुष्टि अन्य जांचों के बाद ही होती है।
50 ng/mL से ऊपर
विशेषज्ञों के अनुसार यदि PSA 50 ng/mL से अधिक हो, तो यह प्रोस्टेट कैंसर की ओर मजबूत संकेत हो सकता है।
इतना अधिक स्तर सामान्य संक्रमण या साधारण कारणों से कम ही देखने को मिलता है।
PSA बढ़ने पर डॉक्टर कौन-कौन सी जांच करा सकते हैं?
यदि PSA रिपोर्ट सामान्य सीमा से अधिक आती है, तो डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं।
इनमें शामिल हो सकती हैं—
दोबारा PSA टेस्ट
डिजिटल रेक्टल एग्जामिनेशन (DRE)
प्रोस्टेट का एमआरआई
ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड
आवश्यकता होने पर प्रोस्टेट बायोप्सी
इन सभी जांचों के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि वास्तव में कैंसर है या नहीं।
किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि किसी पुरुष को निम्न समस्याएं लगातार बनी रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए—
बार-बार पेशाब आना
रात में कई बार पेशाब के लिए उठना
पेशाब शुरू करने में कठिनाई
पेशाब की धार कमजोर होना
पेशाब या वीर्य में खून आना
पेल्विस या कमर में लगातार दर्द
पेशाब के दौरान जलन
हालांकि शुरुआती प्रोस्टेट कैंसर में कई बार कोई लक्षण नहीं होते। इसलिए जोखिम वाले लोगों में नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।
क्या हर पुरुष को PSA टेस्ट कराना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार PSA टेस्ट कराने का निर्णय व्यक्ति की उम्र, पारिवारिक इतिहास, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर लिया जाना चाहिए।
यदि परिवार में पहले किसी सदस्य को प्रोस्टेट कैंसर हो चुका है या व्यक्ति में जोखिम अधिक है, तो डॉक्टर समय-समय पर स्क्रीनिंग की सलाह दे सकते हैं।
स्वयं से केवल रिपोर्ट देखकर घबराने या इंटरनेट के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय विशेषज्ञ की राय लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
PSA टेस्ट प्रोस्टेट स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, लेकिन यह अकेले प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि नहीं करता। उम्र बढ़ना, संक्रमण, सूजन और अन्य कई कारण भी PSA स्तर बढ़ा सकते हैं। यदि रिपोर्ट में PSA सामान्य सीमा से अधिक आता है, तो घबराने की बजाय डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और सही इलाज से प्रोस्टेट से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का प्रभावी ढंग से प्रबंधन संभव है।

कोई टिप्पणी नहीं