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आ रहा है मॉनसून का सबसे खतरनाक दौर? उत्तर प्रदेश के कई जिलों पर भारी बारिश का खतरा



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसूनी गतिविधियों में तेजी आने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने नागरिकों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

मॉनसून ने बदली चाल, अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही मॉनसूनी द्रोणी (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति की ओर लौट रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यही बदलाव उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय मॉनसून का मुख्य कारण बन रहा है।

इसके अलावा प्रदेश के उत्तर-मध्य हिस्से में निचले क्षोभ मंडल में बना चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ गहन अवदाब भी बारिश की गतिविधियों को तेज करेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तट से आगे बढ़ते हुए उत्तर भारत की ओर नमी पहुंचाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी।

बंगाल की खाड़ी से आएगी नमी, तेज होगी बारिश

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अधिक प्रभाव डालेंगी। इसके कारण कई जिलों में लगातार बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिस्टम अपेक्षित गति से आगे बढ़ता है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह में उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे जुलाई महीने में हुई वर्षा की कमी की भी आंशिक भरपाई हो सकती है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जिन जिलों में अच्छी बारिश या भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, उनमें प्रमुख रूप से—

  • गोरखपुर

  • प्रयागराज

  • वाराणसी

  • अयोध्या

  • मेरठ

  • आगरा

  • गाजियाबाद

  • सहारनपुर

  • रामपुर

  • बरेली

  • अमरोहा

  • मुरादाबाद

  • मथुरा

  • कानपुर

  • पीलीभीत

  • झांसी

  • सोनभद्र

  • आजमगढ़

शामिल हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।

28 से 31 जुलाई तक रहेगा बारिश का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 28 जुलाई से 31 जुलाई के बीच बारिश का सबसे अधिक असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

इस दौरान कई जिलों में लगातार बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा होने की भी संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से यह बारिश सामान्य से अधिक हो सकती है।

उमस और गर्मी से मिलेगी राहत

पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और अत्यधिक उमस के कारण लोग परेशान थे। दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था और रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी।

मौसम विभाग का अनुमान है कि मॉनसून सक्रिय होने के बाद अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। इसके साथ ही वातावरण में नमी बढ़ने और लगातार बादल छाए रहने के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाएगा।

हालांकि बारिश के दौरान कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। इसलिए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए राहत की खबर

प्रदेश के हजारों किसान पिछले कुछ समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। विशेष रूप से धान की खेती करने वाले किसानों को पर्याप्त वर्षा न होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

लगातार धूप के कारण खेतों की नमी कम हो रही थी, जिससे रोपाई और फसल की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने लगी थी।

अब मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के बाद किसानों को उम्मीद है कि आगामी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आएगी और धान सहित अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलेगा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा होती है तो धान, मक्का, अरहर और अन्य खरीफ फसलों की स्थिति में सुधार हो सकता है।

गोरखपुर में सामान्य से काफी ऊपर पहुंचा तापमान

मॉनसून की सक्रियता कम होने के कारण गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

रविवार को गोरखपुर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 4.7 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक था।

मौसम विभाग का कहना है कि आगामी बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

प्रशासन और लोगों के लिए जरूरी सलाह

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार—

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।

  • गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।

  • बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

  • किसानों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

  • वाहन चालकों को बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

जुलाई की बारिश का आंकड़ा सुधरने की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले तीन से चार दिनों तक पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होती है तो जुलाई महीने में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

इससे न केवल जलाशयों और तालाबों का जलस्तर बढ़ेगा बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था और पर्यावरण को भी इसका लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में मॉनसून की वापसी लोगों और किसानों दोनों के लिए राहत लेकर आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।

हालांकि, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो जुलाई के अंतिम दिनों में उत्तर प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर पूरे प्रभाव के साथ सक्रिय दिखाई देगा।

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