क्या Google आपकी हर ऑनलाइन गतिविधि देख रहा है? इन 4 सेटिंग्स को तुरंत बदलें, बढ़ जाएगी आपकी प्राइवेसी
आज के डिजिटल दौर में लगभग हर स्मार्टफोन यूजर किसी न किसी रूप में Google की सेवाओं का इस्तेमाल करता है। चाहे इंटरनेट पर जानकारी खोजनी हो, YouTube पर वीडियो देखना हो, Google Maps से रास्ता ढूंढना हो या Gmail के जरिए ईमेल भेजना हो, Google हमारे रोजमर्रा के डिजिटल जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही एक सवाल भी अक्सर उठता है कि क्या Google हमारी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, Google अपने कई प्रोडक्ट्स और सेवाओं का उपयोग करते समय यूजर की कुछ गतिविधियों को उसके Google Account में सेव कर सकता है। इन जानकारियों का उपयोग सेवाओं को अधिक व्यक्तिगत (Personalized) बनाने, बेहतर सुझाव देने और उपयोगकर्ता की रुचि के अनुसार विज्ञापन (Ads) दिखाने के लिए किया जाता है।
हालांकि अच्छी बात यह है कि Google अपने यूजर्स को कई ऐसे विकल्प भी देता है, जिनकी मदद से वे अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को नियंत्रित कर सकते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपकी ऑनलाइन गतिविधियां कम ट्रैक हों, तो कुछ महत्वपूर्ण सेटिंग्स में बदलाव करके ऐसा किया जा सकता है।
Google कौन-कौन सी गतिविधियां सेव कर सकता है?
जब आप Google Search, Chrome, YouTube, Google Maps या अन्य Google सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो आपकी कुछ जानकारी आपके Google Account में सुरक्षित हो सकती है।
इसमें शामिल हो सकता है—
Google Search पर की गई सर्च।
Chrome या अन्य Google सेवाओं से जुड़ी कुछ गतिविधियां।
YouTube पर देखे गए वीडियो।
YouTube पर की गई सर्च।
Google Maps से जुड़ी लोकेशन हिस्ट्री।
कुछ ऐप्स और वेबसाइटों के उपयोग से संबंधित जानकारी।
Google का कहना है कि इन जानकारियों का उद्देश्य उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। हालांकि यदि कोई यूजर अपनी प्राइवेसी को प्राथमिकता देता है, तो वह इन सेटिंग्स को अपनी जरूरत के अनुसार बदल सकता है।
1. Web & App Activity को करें बंद
Google की सबसे महत्वपूर्ण ट्रैकिंग सेटिंग्स में से एक Web & App Activity है।
यदि यह सुविधा चालू रहती है, तो Google आपकी कुछ ऑनलाइन गतिविधियों को आपके अकाउंट में सुरक्षित रख सकता है।
इसे बंद करने के लिए—
अपने Google Account में लॉग इन करें।
Data & Privacy सेक्शन खोलें।
History Settings पर जाएं।
Web & App Activity चुनें।
Turn Off विकल्प पर क्लिक करें।
Google आपको यह विकल्प भी देता है कि पहले से सेव गतिविधियों को हटाना चाहते हैं या नहीं।
Auto Delete फीचर भी है उपयोगी
यदि आप पूरी हिस्ट्री बंद नहीं करना चाहते, तो Auto Delete फीचर का उपयोग कर सकते हैं।
इस विकल्प के जरिए आप तय कर सकते हैं कि आपकी पुरानी गतिविधियां एक निश्चित समय के बाद अपने आप हट जाएं।
यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जाती है जो कुछ समय तक अपनी हिस्ट्री रखना चाहते हैं, लेकिन उसे हमेशा के लिए सेव नहीं रखना चाहते।
2. YouTube History को करें मैनेज
यदि आप नहीं चाहते कि Google आपके देखे गए वीडियो और सर्च हिस्ट्री को सेव करे, तो YouTube History सेटिंग बदली जा सकती है।
इसके लिए—
Google Account खोलें।
Data & Privacy सेक्शन में जाएं।
History Settings चुनें।
YouTube History पर क्लिक करें।
यहां से Tracking बंद करें या Auto Delete विकल्प चुनें।
ध्यान रखें कि यदि आप YouTube History बंद कर देते हैं, तो YouTube पर मिलने वाले व्यक्तिगत सुझाव (Personalized Recommendations) प्रभावित हो सकते हैं।
3. Location History भी करें बंद
Google Maps और कुछ अन्य सेवाएं आपकी लोकेशन से संबंधित जानकारी का उपयोग कर सकती हैं।
यदि आप अपनी यात्रा या लोकेशन हिस्ट्री को सेव नहीं होने देना चाहते, तो इसे भी बंद किया जा सकता है।
इसके लिए—
Google Account खोलें।
Location History सेटिंग में जाएं।
इसे Turn Off कर दें।
हालांकि Google का कहना है कि इस सेटिंग को बंद करने के बाद भी कुछ सेवाओं के संचालन के लिए लोकेशन का सीमित उपयोग किया जा सकता है।
इसलिए यदि आप अधिक प्राइवेसी चाहते हैं, तो अपने स्मार्टफोन की Location Permission सेटिंग भी जांचें और आवश्यकता अनुसार ऐप्स की अनुमति सीमित करें।
4. पुराना Activity Data भी हटाएं
सिर्फ ट्रैकिंग बंद कर देना पर्याप्त नहीं होता।
यदि आपकी पुरानी गतिविधियां पहले से Google Account में सेव हैं, तो उन्हें भी हटाया जा सकता है।
इसके लिए—
Google Account के My Activity सेक्शन में जाएं।
यहां आपको अलग-अलग गतिविधियों का रिकॉर्ड दिखाई देगा।
आप किसी एक गतिविधि को हटाने या तारीख के अनुसार पूरा डेटा डिलीट करने का विकल्प चुन सकते हैं।
इससे आपके अकाउंट में पहले से मौजूद गतिविधियों का रिकॉर्ड भी हटाया जा सकता है।
क्या Tracking बंद करने से कोई नुकसान होगा?
यदि आप Web & App Activity, YouTube History या Location History बंद कर देते हैं, तो Google की कुछ सेवाओं का अनुभव पहले जैसा व्यक्तिगत नहीं रह सकता।
उदाहरण के लिए—
YouTube पर आपकी पसंद के अनुसार वीडियो सुझाव कम सटीक हो सकते हैं।
Google Search के कुछ सुझाव बदल सकते हैं।
Maps से जुड़ी कुछ सुविधाओं का अनुभव अलग हो सकता है।
हालांकि जिन लोगों के लिए प्राइवेसी अधिक महत्वपूर्ण है, उनके लिए यह एक उपयोगी विकल्प माना जाता है।
अपनी प्राइवेसी बढ़ाने के लिए और क्या करें?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कुछ अतिरिक्त सावधानियां अपनाने की भी सलाह देते हैं—
Google Account में Two-Factor Authentication (2FA) चालू रखें।
नियमित रूप से Privacy Settings की समीक्षा करें।
अनजान ऐप्स को अनावश्यक Permissions न दें।
केवल विश्वसनीय वेबसाइटों पर ही Google Account से लॉगिन करें।
समय-समय पर My Activity की जांच करें।
Google की कई सेवाएं उपयोगकर्ता के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुछ गतिविधियों को सेव कर सकती हैं, लेकिन यूजर्स के पास अपनी प्राइवेसी को नियंत्रित करने के पर्याप्त विकल्प भी मौजूद हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपकी ऑनलाइन गतिविधियां कम ट्रैक हों, तो Web & App Activity, YouTube History, Location History जैसी सेटिंग्स को अपनी आवश्यकता के अनुसार बदल सकते हैं और My Activity सेक्शन से पुराना डेटा भी हटा सकते हैं। इससे आपकी डिजिटल प्राइवेसी पर नियंत्रण पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकता है।

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