क्या BSNL ने लॉन्च कर दिया ऐसा फोन जो बिना मोबाइल नेटवर्क के भी करेगा कॉल? कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान!
नई दिल्ली: सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने भारत में एक ऐसा संचार उपकरण पेश किया है, जिसने तकनीकी जगत में चर्चा तेज कर दी है। यह कोई सामान्य स्मार्टफोन नहीं, बल्कि सैटेलाइट फोन है, जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन क्षेत्रों में भी संचार की सुविधा दे सकता है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क बिल्कुल उपलब्ध नहीं होता। इसकी कीमत 1,34,166 रुपये (टैक्स सहित) रखी गई है, जो कई प्रीमियम स्मार्टफोन और आईफोन की कीमत के बराबर है।
हालांकि, यह फोन आम मोबाइल फोन की तरह हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध नहीं है। भारत में सैटेलाइट फोन के उपयोग पर कानूनी नियम लागू हैं और बिना सरकारी अनुमति इसे खरीदना या इस्तेमाल करना संभव नहीं है।
आखिर क्या है सैटेलाइट फोन?
सामान्य मोबाइल फोन कॉल करने और इंटरनेट चलाने के लिए मोबाइल टावरों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन सैटेलाइट फोन सीधे पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे संचार उपग्रहों (Satellite) से जुड़ता है।
यही वजह है कि यह ऐसे स्थानों पर भी काम कर सकता है जहां—
मोबाइल नेटवर्क नहीं होता,
पहाड़ी क्षेत्र होते हैं,
समुद्र के बीच जहाज मौजूद होते हैं,
जंगलों या सीमावर्ती इलाकों में टावर उपलब्ध नहीं होते,
या प्राकृतिक आपदा के कारण मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाता है।
इसी विशेषता के कारण सैटेलाइट फोन को आपदा प्रबंधन, रक्षा और विशेष अभियानों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
आम लोग क्यों नहीं खरीद सकते?
भारत में सैटेलाइट फोन का उपयोग सामान्य मोबाइल फोन की तरह स्वतंत्र रूप से नहीं किया जा सकता।
दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) के नियमों के अनुसार सैटेलाइट फोन का उपयोग केवल निर्धारित अनुमति और नियमों के तहत ही किया जा सकता है।
यानी यदि किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन को इसकी आवश्यकता है, तो पहले संबंधित सरकारी अनुमति प्राप्त करनी होती है। बिना अनुमति ऐसे उपकरण का उपयोग कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
कीमत कितनी है?
BSNL द्वारा उपलब्ध कराए गए इस सैटेलाइट फोन की कीमत 1,34,166 रुपये रखी गई है।
इस कीमत में सभी लागू कर (Tax) शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार इच्छुक संस्थाएं या अधिकृत उपयोगकर्ता अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम BSNL कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
नेटवर्क नहीं होने पर भी करेगा काम
इस फोन की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह मोबाइल टावरों के बजाय सैटेलाइट नेटवर्क का उपयोग करता है।
यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसे स्थान पर मौजूद है जहां मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह समाप्त हो चुका है, तब भी यह फोन संचार स्थापित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं, पहाड़ी अभियानों और समुद्री क्षेत्रों में यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
आपदा के समय बन सकता है जीवनरक्षक
भारत में हर वर्ष कई क्षेत्रों में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं।
ऐसी परिस्थितियों में अक्सर मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और सामान्य संचार व्यवस्था बाधित हो जाती है।
सैटेलाइट फोन ऐसी स्थिति में राहत एवं बचाव दलों, प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए संचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
किन लोगों के लिए उपयोगी है?
BSNL के अनुसार यह फोन विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है—
रक्षा सेवाएं
आपदा प्रबंधन एजेंसियां
समुद्री परिवहन
तीर्थयात्रा प्रबंधन
पर्वतारोहण और एडवेंचर अभियान
दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने वाले संगठन
इन क्षेत्रों में अक्सर ऐसी जगहों पर काम करना पड़ता है जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।
मजबूत और टिकाऊ डिजाइन
कंपनी के अनुसार फोन को कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह—
धूल से सुरक्षित रहे,
पानी के छींटों और कठिन मौसम का सामना कर सके,
ऊबड़-खाबड़ वातावरण में भी कार्य करता रहे।
इसी कारण इसे फील्ड ऑपरेशन और बाहरी परिस्थितियों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
लंबी बैटरी लाइफ
ऐसे उपकरणों के लिए बैटरी बैकअप अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
जहां बिजली उपलब्ध नहीं होती, वहां लंबे समय तक फोन का चालू रहना आवश्यक होता है।
BSNL के अनुसार इस सैटेलाइट फोन में लंबी बैटरी लाइफ दी गई है ताकि उपयोगकर्ता लंबे समय तक संपर्क बनाए रख सकें।
SOS फीचर भी मौजूद
फोन में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए SOS (Emergency Signal) सुविधा भी दी गई है।
यदि कोई उपयोगकर्ता किसी संकट में फंस जाता है, तो वह तुरंत आपातकालीन संदेश या सिग्नल भेज सकता है।
यह सुविधा विशेष रूप से पर्वतारोहियों, समुद्री यात्रियों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत टीमों के लिए उपयोगी मानी जाती है।
साफ आवाज़ में बातचीत
कंपनी का दावा है कि फोन में उच्च गुणवत्ता वाली वॉयस कम्युनिकेशन सुविधा उपलब्ध है।
सैटेलाइट नेटवर्क के माध्यम से उपयोगकर्ता स्पष्ट आवाज में बातचीत कर सकते हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
भारत में क्यों सीमित है इसका उपयोग?
दुनिया के कई देशों में सैटेलाइट फोन का उपयोग अलग-अलग नियमों के तहत होता है।
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनके उपयोग पर विशेष नियंत्रण रखा गया है।
इसी कारण बिना अनुमति सैटेलाइट फोन रखना या उपयोग करना कानून का उल्लंघन माना जा सकता है।
भविष्य में बढ़ सकती है मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भविष्य में सैटेलाइट आधारित संचार तकनीकों का महत्व और बढ़ सकता है।
इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों, समुद्री परिवहन, वैज्ञानिक अभियानों और दूरस्थ परियोजनाओं में भी ऐसे उपकरणों की मांग बढ़ने की संभावना है।
क्या यह स्मार्टफोन की जगह ले लेगा?
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि सैटेलाइट फोन सामान्य स्मार्टफोन का विकल्प नहीं है।
यह मुख्य रूप से उन परिस्थितियों के लिए बनाया गया है जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।
दैनिक उपयोग के लिए लोग अभी भी सामान्य स्मार्टफोन का ही इस्तेमाल करेंगे, जबकि सैटेलाइट फोन विशेष परिस्थितियों और अधिकृत उपयोगकर्ताओं के लिए रहेगा।
BSNL द्वारा उपलब्ध कराया गया नया सैटेलाइट फोन भारत में विशेष संचार आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मोबाइल नेटवर्क न होने पर भी संचार स्थापित कर सकता है, जिससे आपदा प्रबंधन, रक्षा, समुद्री सेवाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत एजेंसियों को महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।
हालांकि इसकी कीमत 1.34 लाख रुपये है और इसका उपयोग केवल सरकारी नियमों तथा आवश्यक अनुमति के अनुसार ही किया जा सकता है। इसलिए यह आम उपभोक्ताओं के लिए नियमित मोबाइल फोन का विकल्प नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में उपयोग होने वाला पेशेवर संचार उपकरण है।

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