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'पहले पिता... फिर मां?' जयपुर की LLB छात्रा आयुषी पर लगा दोहरे कत्ल का सनसनीखेज आरोप, अब खुलेगा सबसे बड़ा राज!


 

राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपनी मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार एलएलबी की छात्रा आयुषी शर्मा का मामला हर दिन नए और चौंकाने वाले मोड़ लेता जा रहा है। पहले यह मामला केवल मां नीरज शर्मा की हत्या तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब परिवार की ओर से लगाए गए नए आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को कथित दोहरे हत्याकांड की दिशा में ला खड़ा किया है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पिता विजय शर्मा की हत्या को लेकर लगाए गए आरोप फिलहाल परिवार की शिकायत का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

मामले ने इसलिए भी पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि मुख्य आरोपी आयुषी एलएलबी की अंतिम वर्ष की छात्रा है और पुलिस का कहना है कि उसे कानून की अच्छी जानकारी होने के कारण पूछताछ बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

मां की हत्या के बाद आया नया मोड़

नीरज शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस पहले से जांच कर रही थी। इसी बीच मृतका के भाई और आयुषी के मामा राकेश शर्मा सामने आए और उन्होंने एक बेहद गंभीर आरोप लगाया। उनका दावा है कि अप्रैल 2025 में हुई विजय शर्मा की मौत भी सामान्य नहीं थी, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।

राकेश शर्मा का आरोप है कि आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर पहले अपने पिता को रास्ते से हटाया और बाद में मां की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने कहा है कि इस शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पुराने रिकॉर्ड तथा मेडिकल दस्तावेजों की दोबारा जांच की जाएगी।

कौन थे विजय शर्मा?

विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर के पद पर कार्यरत थे। परिवार के अनुसार वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था।

परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए, जिन पर अब संदेह जताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के अधीन है।

परिवार ने क्या लगाए आरोप?

राकेश शर्मा का दावा है कि इलाज के दौरान विजय शर्मा की तबीयत में सुधार होने लगा था। इसी बीच आयुषी ने परिवार को बताया कि वह किसी बड़े डॉक्टर से सलाह लेकर आई है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाना जरूरी है।

आरोप है कि इसके बाद आयुषी और उसका चचेरा भाई बलराम विजय शर्मा को अपने साथ ले गए। परिवार का कहना है कि करीब तीन महीने तक उन्हें यह नहीं बताया गया कि विजय शर्मा आखिर कहां हैं।

जब पत्नी नीरज शर्मा लगातार अपने पति के बारे में पूछती रहीं तो उन्हें अलग-अलग अस्पतालों के नाम बताए गए। पहले कहा गया कि वे दिल्ली रोड स्थित निम्स अस्पताल में भर्ती हैं। बाद में संदेश भेजा गया कि उन्हें दूसरे अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है।

परिवार का आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि विजय शर्मा के अधिकांश अंग काम करना बंद कर चुके थे। इसके बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

इन आरोपों की अभी तक पुलिस या किसी न्यायिक जांच द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

मां को दी गई कथित धमकी

मामले का सबसे सनसनीखेज हिस्सा वह दावा है जो आयुषी के मामा ने किया है।

राकेश शर्मा का आरोप है कि मां-बेटी के बीच हुए एक विवाद के दौरान आयुषी ने नीरज शर्मा को धमकी देते हुए कहा था कि जैसे उसने अपने पिता की फूड पाइप निकालकर उन्हें मार दिया, वैसे ही वह मां को भी खत्म कर देगी।

यह आरोप अत्यंत गंभीर है और फिलहाल परिवार के बयान पर आधारित है। पुलिस इस कथित धमकी की भी जांच कर रही है।

व्हाट्सएप स्टेटस बना जांच का हिस्सा

परिवार का दावा है कि कथित धमकी मिलने के बाद नीरज शर्मा बेहद भयभीत हो गई थीं।

बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर ऐसा संदेश लगाया था, जिससे यह संकेत मिलता था कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।

जांच एजेंसियां अब मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस समय वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं।

हेमंत शर्मा का बयान

मामले में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी हेमंत शर्मा ने भी पुलिस के सामने कथित रूप से कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हेमंत ने दावा किया कि वह हत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन उस पर लगातार दबाव बनाया गया। उसने कथित रूप से कहा कि वारदात से पहले उसे बताया गया कि हत्या के लिए सात लाख रुपये की व्यवस्था हो चुकी है और अब पीछे हटना संभव नहीं है।

हेमंत के इन बयानों का सत्यापन भी पुलिस जांच का हिस्सा है और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही उनकी कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

आखिर मां से इतनी नाराज क्यों थी आयुषी?

पुलिस पूछताछ में आयुषी ने अपने पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई बातें बताई हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसने कहा कि उसकी मां का अधिकांश समय उसके छोटे भाई की देखभाल में बीतता था। उसका छोटा भाई विशेष आवश्यकता वाला बच्चा (स्पेशल चाइल्ड) है।

आयुषी का कहना था कि उसे हमेशा लगता था कि मां भाई को उससे ज्यादा महत्व देती हैं। इसी कारण उसके मन में धीरे-धीरे नाराजगी बढ़ती गई।

हालांकि उसने यह भी कहा कि वह अपने छोटे भाई से बेहद प्यार करती है और उसके प्रति कोई नफरत नहीं रखती।

परिवार में लगातार होते थे विवाद

पूछताछ के दौरान आयुषी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके नाना और मामा का उसके पारिवारिक मामलों में अत्यधिक हस्तक्षेप रहता था।

उसके अनुसार, घर में अक्सर विवाद होते रहते थे और इन्हीं परिस्थितियों के कारण वह बाद में अपने पिता के दूसरे मकान में जाकर रहने लगी थी।

पुलिस इन सभी बयानों की भी अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।

फरार है चचेरा भाई बलराम

मामले में सबसे बड़ी चुनौती चचेरे भाई बलराम की गिरफ्तारी बनी हुई है।

पुलिस का कहना है कि बलराम की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसके पकड़े जाने के बाद पूरे घटनाक्रम की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं।

मनोवैज्ञानिकों की मदद लेगी पुलिस

जयपुर पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आयुषी कई सवालों के जवाब बहुत सोच-समझकर देती है।

अधिकारियों का कहना है कि कानून की छात्रा होने के कारण वह पूछताछ के दौरान अपने शब्दों का बेहद सावधानी से इस्तेमाल करती है। कई बार वह बचपन या पारिवारिक रिश्तों से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध लेती है।

इसी वजह से पुलिस ने मनोवैज्ञानिकों की मदद लेने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ उसके व्यवहार, मानसिक स्थिति और बयानों का विश्लेषण करेंगे ताकि यह समझा जा सके कि घटनाओं के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

जांच के सामने सबसे बड़े सवाल

अब इस पूरे मामले में कई अहम सवाल जांच एजेंसियों के सामने हैं—

  • क्या विजय शर्मा की मौत वास्तव में सामान्य थी या उसमें किसी साजिश के संकेत हैं?

  • क्या परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं?

  • मां की हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था?

  • क्या संपत्ति और सरकारी नौकरी का लालच इस पूरे मामले की वजह बना?

  • फरार आरोपी बलराम की भूमिका क्या रही?

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के बाद ही सामने आएंगे।

जयपुर का यह मामला केवल एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। अब इसमें परिवार के भीतर अविश्वास, संपत्ति विवाद, रिश्तों में तनाव और कथित साजिश जैसे कई गंभीर पहलू जुड़ चुके हैं। हालांकि पिता की हत्या से जुड़े आरोप फिलहाल केवल परिवार द्वारा लगाए गए दावे हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर आरोप की निष्पक्ष जांच की जाएगी और वैज्ञानिक साक्ष्यों, मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूतों तथा गवाहों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अदालत कोई निष्कर्ष नहीं देती, तब तक सभी आरोपों को केवल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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