अभी न खरीदें सोना! आगे और गिर सकते हैं भाव? जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स
अगर आप लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए राहत लेकर आया है। 15 जुलाई 2026, बुधवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद दोनों कीमती धातुओं में हल्की तेजी देखने को मिली थी, लेकिन आज सुबह से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ने के कारण इनके दाम फिर नीचे आ गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों के बदले रुख का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में जो लोग शादी-ब्याह, निवेश या आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है।
आज क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?
कई लोगों के मन में यह सवाल है कि जब अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आए हैं, तब सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों देखने को मिल रही है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण निवेशकों की बदलती रणनीति है। दुनिया भर में अभी भी आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य-पूर्व में लगातार बढ़ता तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक खींचतान के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो दुनिया भर में महंगाई दोबारा बढ़ सकती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को ऊंचा रखने या फिर बढ़ाने का फैसला कर सकता है। बाजार में इसी संभावना के चलते निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
ब्याज दरों का सोने पर क्यों पड़ता है असर?
सोना और चांदी ऐसी संपत्तियां हैं जिन पर ब्याज नहीं मिलता। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं तो निवेशकों को बैंक जमा, बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक लगने लगते हैं।
इसी कारण निवेशक सोने और चांदी से पैसा निकालकर दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं। मांग कम होने पर कीमतों में गिरावट आना स्वाभाविक माना जाता है।
हालांकि दूसरी ओर यदि वैश्विक संकट बढ़ता है या आर्थिक अनिश्चितता गहराती है, तो यही निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में फिर से सोने की ओर लौट सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है स्थिति?
बुधवार सुबह अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX में भी दबाव देखने को मिला।
सोना करीब 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,036.80 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
वहीं चांदी में भी कमजोरी बनी रही और इसका भाव लगभग 0.73 प्रतिशत टूटकर 58.675 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया।
MCX में भी फिसले दाम
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी सोने और चांदी दोनों में कमजोरी दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर सोना लगभग 0.55 प्रतिशत गिरकर 1,41,471 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं चांदी का भाव भी गिरावट के साथ लगभग 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
पिछले कारोबारी दिन की तुलना में यह गिरावट खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
देश के प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव
देशभर के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
24 कैरेट सोना
दिल्ली – लगभग 14,294 रुपये प्रति ग्राम
मुंबई – लगभग 14,279 रुपये प्रति ग्राम
कोलकाता – लगभग 14,279 रुपये प्रति ग्राम
चेन्नई – लगभग 14,345 रुपये प्रति ग्राम
22 कैरेट सोना
दिल्ली – लगभग 13,104 रुपये प्रति ग्राम
मुंबई – लगभग 13,089 रुपये प्रति ग्राम
कोलकाता – लगभग 13,089 रुपये प्रति ग्राम
18 कैरेट सोना
दिल्ली – लगभग 10,724 रुपये प्रति ग्राम
चेन्नई – लगभग 10,969 रुपये प्रति ग्राम
हालांकि अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के कारण अंतिम कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है।
चांदी का ताजा भाव
यदि आप चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज इसके दाम में भी गिरावट देखने को मिली है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में चांदी का भाव लगभग 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद आज आई गिरावट से बाजार में ग्राहकों की रुचि बढ़ सकती है।
क्या यह खरीदारी का सही समय है?
बाजार विशेषज्ञों की राय में जो लोग लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, वे कीमतों में आने वाली गिरावट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि एकमुश्त निवेश करने की बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति मानी जाती है।
यदि कीमतें आगे और नीचे आती हैं तो औसत खरीद मूल्य कम किया जा सकता है। वहीं जिन लोगों को शादी या पारिवारिक समारोह के लिए आभूषण खरीदने हैं, उनके लिए भी मौजूदा गिरावट राहत भरी खबर हो सकती है।
आने वाले दिनों में किस दिशा में जा सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक कारकों पर निर्भर करेंगी।
इनमें प्रमुख हैं—
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति।
ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत।
अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों के महंगाई के आंकड़े।
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें।
मध्य-पूर्व और अन्य क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव।
डॉलर इंडेक्स और वैश्विक निवेशकों का रुख।
यदि वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं यदि ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत मजबूत होते हैं, तो सोना और चांदी कुछ समय तक दबाव में रह सकते हैं।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय केवल कीमत देखना ही पर्याप्त नहीं होता। ग्राहकों को हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदना चाहिए। साथ ही बिल अवश्य लें और मेकिंग चार्ज, जीएसटी तथा अन्य शुल्कों की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें।
यदि निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं, तो डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। वहीं आभूषण खरीदने वालों को शुद्धता की जांच जरूर करनी चाहिए।
15 जुलाई 2026 को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली, ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाएं और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं। हालांकि बाजार की दिशा आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर निर्भर करेगी। ऐसे में यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करना बेहतर रहेगा।

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