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डॉक्टरों ने बताया- शरीर के ये 10 संकेत बताते हैं कि आपका हार्ट खतरे में है, लोग अक्सर कर देते हैं नजरअंदाज

 


Health News: क्या हार्ट अटैक आने से पहले शरीर देता है संकेत?

भारत में हृदय रोग (Heart Disease) तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं। पहले जहां इसे केवल अधिक उम्र के लोगों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 30 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में शरीर पहले से कुछ संकेत देता है, लेकिन लोग उन्हें सामान्य थकान, गैस, एसिडिटी या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसे संकेत केवल हृदय रोग के ही नहीं, बल्कि अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

आइए जानते हैं वे 10 संकेत जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

1. सीने में दर्द या दबाव महसूस होना

हार्ट संबंधी समस्याओं का सबसे सामान्य संकेत सीने में दर्द, भारीपन, दबाव या जकड़न महसूस होना हो सकता है।

यह दर्द कुछ मिनट तक रह सकता है या बीच-बीच में आकर चला भी सकता है।

यदि दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. थोड़ी मेहनत में सांस फूलना

यदि पहले की तुलना में सीढ़ियां चढ़ने, पैदल चलने या हल्का काम करने पर भी सांस फूलने लगे, तो यह हृदय की कार्यक्षमता कम होने का संकेत हो सकता है।

हालांकि, फेफड़ों की बीमारी या अन्य कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

3. अत्यधिक थकान महसूस होना

यदि पर्याप्त आराम करने के बाद भी लगातार कमजोरी और थकान महसूस हो रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए।

विशेष रूप से महिलाओं में हार्ट संबंधी समस्याओं से पहले असामान्य थकान देखने को मिल सकती है।

4. कंधे, जबड़े, पीठ या बांह में दर्द

हर हार्ट अटैक में केवल सीने में दर्द ही हो, ऐसा जरूरी नहीं।

कुछ लोगों में दर्द—

  • बाएं हाथ,

  • दोनों कंधों,

  • जबड़े,

  • गर्दन,

  • या पीठ तक फैल सकता है।

ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

5. ज्यादा पसीना आना

यदि बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आने लगे और उसके साथ बेचैनी या सीने में दबाव महसूस हो, तो यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

6. बार-बार चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना

यदि बार-बार चक्कर आए, संतुलन बिगड़े या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो यह ब्लड प्रेशर, हृदय की धड़कन या अन्य कारणों से जुड़ा हो सकता है।

इसकी जांच कराना जरूरी है।

7. पैरों या टखनों में सूजन

हृदय यदि शरीर में रक्त को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पा रहा हो, तो कुछ लोगों में पैरों, टखनों या पंजों में सूजन दिखाई दे सकती है।

हालांकि, किडनी और लीवर की बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं।

8. दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना

यदि बार-बार ऐसा लगे कि दिल बहुत तेज धड़क रहा है, धड़कन अनियमित है या धड़कन छूट रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

कुछ मामलों में यह Arrhythmia (अनियमित धड़कन) का संकेत हो सकता है।

9. मतली, अपच या गैस जैसा महसूस होना

कुछ लोगों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में, हार्ट संबंधी समस्या का लक्षण केवल सीने का दर्द नहीं होता।

मतली, उल्टी, गैस, अपच या पेट में भारीपन भी कुछ मामलों में हृदय रोग से जुड़ा हो सकता है।

लेकिन यह केवल हार्ट की बीमारी का संकेत नहीं है। पाचन संबंधी समस्याएं भी ऐसा कर सकती हैं।

10. रात में अचानक सांस लेने में परेशानी

यदि रात में अचानक सांस फूलने लगे, बैठकर सांस लेनी पड़े या बार-बार नींद खुल जाए, तो यह हृदय या फेफड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

किन लोगों को हार्ट रोग का खतरा ज्यादा होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार इन लोगों में जोखिम अधिक हो सकता है—

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • डायबिटीज

  • मोटापा

  • धूम्रपान करने वाले

  • अत्यधिक तनाव

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • अधिक कोलेस्ट्रॉल

  • परिवार में हृदय रोग का इतिहास

महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग भी हो सकते हैं

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में हमेशा तेज सीने का दर्द नहीं होता।

कई बार केवल—

  • अत्यधिक थकान,

  • सांस फूलना,

  • मतली,

  • पीठ दर्द,

  • या गर्दन में दर्द

भी प्रमुख संकेत हो सकते हैं।

हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये 10 आदतें

1. रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें।

2. ताजे फल और हरी सब्जियां अधिक खाएं।

3. नमक और चीनी सीमित रखें।

4. तले हुए और प्रोसेस्ड फूड कम करें।

5. धूम्रपान और तंबाकू पूरी तरह छोड़ें।

6. शराब का सेवन सीमित करें या न करें।

7. वजन नियंत्रित रखें।

8. तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।

9. पर्याप्त नींद लें।

10. नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।

कौन-कौन से टेस्ट समय-समय पर कराना चाहिए?

डॉक्टर की सलाह के अनुसार निम्न जांचें उपयोगी हो सकती हैं—

  • ब्लड प्रेशर

  • ब्लड शुगर

  • लिपिड प्रोफाइल

  • ECG

  • 2D Echo (जरूरत होने पर)

  • TMT (डॉक्टर की सलाह अनुसार)

  • HbA1c

  • BMI और कमर का माप

इन लक्षणों पर तुरंत अस्पताल जाएं

यदि इनमें से कोई भी स्थिति हो तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें—

  • सीने में तेज या लगातार दर्द

  • दर्द का हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना

  • अचानक सांस लेने में कठिनाई

  • अत्यधिक ठंडा पसीना

  • बेहोशी

  • बोलने या चलने में अचानक कठिनाई

दिल की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती है और कई बार शरीर पहले से कुछ संकेत देता है। इन संकेतों को पहचानना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, धूम्रपान से दूरी, तनाव नियंत्रण और नियमित स्वास्थ्य जांच लंबे समय तक हृदय को स्वस्थ रखने की मजबूत नींव हैं।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी लक्षण, बीमारी या उपचार के लिए स्वयं निर्णय न लें। योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

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