महिलाओं और पुरुषों में डायबिटीज़ के अलग-अलग लक्षण, जानिए पूरी जानकारी
डायबिटीज़ (मधुमेह) आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली जीवनशैली संबंधी बीमारियों में से एक है। यह केवल रक्त में शुगर का स्तर बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय रहते पहचान और उपचार न मिलने पर हृदय, किडनी, आंखों और नसों सहित शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि डायबिटीज़ के लक्षण सभी में एक जैसे होते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि महिलाओं और पुरुषों में इसके कुछ लक्षण अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती संकेतों को पहचानकर समय पर जांच कराई जाए तो डायबिटीज़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डायबिटीज़ क्या है?
डायबिटीज़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाता। इसके कारण रक्त में ग्लूकोज (शुगर) का स्तर बढ़ जाता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्य रूप से डायबिटीज़ दो प्रकार की होती है—
टाइप-1 डायबिटीज़
टाइप-2 डायबिटीज़
इनके अलावा गर्भावस्था के दौरान होने वाली गेस्टेशनल डायबिटीज़ भी एक महत्वपूर्ण स्थिति है।
महिलाओं और पुरुषों में दिखने वाले सामान्य लक्षण
कुछ लक्षण ऐसे हैं जो दोनों में समान रूप से दिखाई देते हैं, जैसे—
बार-बार प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
अत्यधिक भूख लगना
बिना कारण वजन घटना
लगातार थकान महसूस होना
धुंधला दिखाई देना
घावों का देर से भरना
बार-बार संक्रमण होना
हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
यदि ये लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
महिलाओं में डायबिटीज़ के अलग लक्षण
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण डायबिटीज़ के कुछ विशेष संकेत दिखाई दे सकते हैं।
1. बार-बार यीस्ट इंफेक्शन
महिलाओं में बार-बार फंगल या यीस्ट संक्रमण होना डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है। अधिक शुगर संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं और फंगस की वृद्धि को बढ़ावा देती है।
2. बार-बार यूरिन इंफेक्शन (UTI)
यदि किसी महिला को बार-बार पेशाब के संक्रमण की समस्या हो रही है तो ब्लड शुगर की जांच करवाना उपयोगी हो सकता है।
3. त्वचा में खुजली और जलन
संक्रमण के कारण निजी अंगों में खुजली, जलन या असहजता महसूस हो सकती है।
4. मासिक धर्म में बदलाव
कुछ महिलाओं में अनियमित पीरियड्स या हार्मोनल असंतुलन देखने को मिल सकता है, हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
5. गर्भावस्था में हाई शुगर
गर्भावस्था के दौरान होने वाली गेस्टेशनल डायबिटीज़ मां और शिशु दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए गर्भावस्था में नियमित शुगर जांच आवश्यक मानी जाती है।
पुरुषों में डायबिटीज़ के अलग लक्षण
पुरुषों में भी कुछ ऐसे संकेत हो सकते हैं जो महिलाओं से अलग दिखाई देते हैं।
1. यौन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
लगातार हाई ब्लड शुगर नसों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है, जिससे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
2. मांसपेशियों की कमजोरी
पुरुषों में मांसपेशियों की ताकत कम होना या जल्दी थकान महसूस होना लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज़ से जुड़ा हो सकता है।
3. ऊर्जा की कमी
दिनभर कमजोरी और काम करने की क्षमता में कमी भी एक संकेत हो सकती है।
4. घाव देर से भरना
पुरुषों में पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों पर बने घाव यदि लंबे समय तक न भरें तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
किन लोगों को अधिक खतरा होता है?
इन लोगों में डायबिटीज़ का खतरा अधिक माना जाता है—
परिवार में डायबिटीज़ का इतिहास
मोटापा या अधिक वजन
शारीरिक गतिविधि की कमी
हाई ब्लड प्रेशर
अस्वास्थ्यकर खानपान
बढ़ती उम्र
धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन
कब करानी चाहिए जांच?
यदि ऊपर बताए गए लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। आमतौर पर निम्न जांचें कराई जाती हैं—
फास्टिंग ब्लड शुगर
पोस्टप्रांडियल (भोजन के बाद) ब्लड शुगर
HbA1c टेस्ट
इन जांचों से पिछले कुछ महीनों के ब्लड शुगर नियंत्रण का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
डायबिटीज़ से बचाव के उपाय
हालांकि हर प्रकार की डायबिटीज़ को रोका नहीं जा सकता, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
नियमित व्यायाम या तेज़ चाल से रोज़ कम से कम 30 मिनट चलें।
वजन नियंत्रित रखें।
पर्याप्त नींद लें।
तनाव कम करने का प्रयास करें।
मीठे पेय पदार्थों और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
यदि किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज़ है तो डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित रूप से लें, स्वयं दवा बंद न करें और ब्लड शुगर की नियमित निगरानी करते रहें। आंखों, किडनी, पैरों और हृदय की समय-समय पर जांच भी महत्वपूर्ण है।
महिलाओं और पुरुषों में डायबिटीज़ के कई लक्षण समान होते हैं, लेकिन कुछ संकेत लिंग के अनुसार अलग भी दिखाई दे सकते हैं। महिलाओं में बार-बार संक्रमण और गर्भावस्था से जुड़ी समस्याएं, जबकि पुरुषों में यौन स्वास्थ्य और मांसपेशियों की कमजोरी जैसे लक्षण महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना और ब्लड शुगर की जांच कराना सबसे समझदारी भरा कदम है। सही खानपान, नियमित व्यायाम, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर इलाज के माध्यम से डायबिटीज़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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