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आधी रात का खूनी हमला! मां का गला रेता, बेटी पर 5 चाकू के वार... फिर खून से लथपथ हालत में किया ऐसा काम जिसने सबको चौंका दिया



राजस्थान के फलोदी जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। आधी रात को घर के बाहर सो रहे परिवार पर एक नकाबपोश हमलावर ने अचानक हमला कर दिया। हमलावर ने पहले महिला का गला रेतकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और फिर बीच-बचाव करने पहुंची उसकी 16 वर्षीय बेटी पर भी ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। बेटी के शरीर पर पांच गंभीर घाव किए गए, लेकिन इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी। खून से लथपथ हालत में उसने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, रिश्तेदारों को सूचना दी और पुलिस को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात बन गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक मां और उसके मासूम बच्चों पर इतनी क्रूरता क्यों बरती गई? पुलिस अब इसी सवाल का जवाब तलाशने में जुटी है।

आधी रात को अचानक पहुंचा नकाबपोश हमलावर

यह सनसनीखेज मामला फलोदी जिले के लोहाटाव थाना क्षेत्र स्थित जंभेश्वर नगर का है। जानकारी के अनुसार 27 जुलाई की रात करीब 12:40 बजे भंवरी बिश्नोई (32) अपने तीन बच्चों के साथ घर के बाहर सो रही थीं। उनके पति गंगाविशन बिश्नोई ट्रक चालक हैं और घटना के समय काम के सिलसिले में घर से बाहर थे।

परिवार गहरी नींद में था कि तभी एक नकाबपोश व्यक्ति वहां पहुंचा। किसी आहट से भंवरी और उनकी बड़ी बेटी रामज्योति की आंख खुल गई। दोनों कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही हमलावर ने चाकू निकालकर भंवरी पर हमला कर दिया।

गला रेतकर की महिला की हत्या

हमलावर ने सबसे पहले भंवरी बिश्नोई के गले पर कई वार किए। हमला इतना घातक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मां को बचाने के लिए बेटी रामज्योति जैसे ही आगे बढ़ी, हमलावर ने उसे भी निशाना बना लिया।

बताया जा रहा है कि हमलावर किसी भी कीमत पर अपने इरादे को पूरा करना चाहता था। उसने बिना किसी रहम के किशोरी पर लगातार चाकू से हमला किया।

16 वर्षीय बेटी पर किए गए 5 चाकू के वार

हमले में रामज्योति गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके पेट में गहरा चाकू मारा गया। पीठ पर दो बार वार किया गया। चेहरे के दोनों तरफ भी चाकू के निशान मिले। हमले के दौरान उसके दांत भी टूट गए।

कुल मिलाकर उसके शरीर पर पांच गंभीर चाकू के घाव पाए गए। छोटी बहन सोनू के हाथ पर भी चाकू का वार हुआ, जिससे वह भी घायल हो गई।

डॉक्टरों के अनुसार यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

खून से लथपथ हालत में भी नहीं टूटी हिम्मत

इस पूरी घटना का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पहलू 16 वर्षीय रामज्योति की बहादुरी है।

इतनी गंभीर चोटें लगने के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी। वह किसी तरह उठी और खून से लथपथ हालत में अपने चाचा के घर तक पहुंची। वहां उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर हमले की सूचना दी। उसकी सूझबूझ और साहस के कारण पुलिस को तुरंत जानकारी मिल सकी और घायल बच्चों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका।

अस्पताल में चल रहा इलाज

घटना के बाद रामज्योति को उसके नाना ओमप्रकाश, मामा मंगीलाल और अन्य परिजन तुरंत जोधपुर के माथुरदास माथुर अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार शरीर पर कई गहरे घाव होने के बावजूद उसकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।

परिवार और पूरे गांव के लोग उसकी बहादुरी की सराहना कर रहे हैं।

परिवार की किसी से नहीं थी दुश्मनी

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इस हत्या के पीछे वजह क्या थी?

मृतका के पिता ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी और दामाद की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी प्रकार का विवाद भी सामने नहीं आया था।

उन्होंने कहा कि हमलावर ने सिर्फ उनकी बेटी की हत्या ही नहीं की बल्कि मासूम बच्चों पर भी हमला किया, जो उसकी क्रूर मानसिकता को दर्शाता है।

परिजनों का कहना है कि वे खुद भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर किसी ने इतनी बेरहमी क्यों दिखाई।

घटनास्थल से मिले अहम सुराग

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की।

जांच के दौरान घटनास्थल से दो चाकू बरामद किए गए हैं। इसके अलावा हमलावर के जूते भी मौके पर मिले हैं, जिन्हें महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने खून के नमूने, उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं।

पुलिस को उम्मीद है कि इन सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

लोहाटाव थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस कई संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। इनमें पुरानी रंजिश, प्रेम प्रसंग, व्यक्तिगत विवाद, संपत्ति संबंधी मामला या अन्य किसी कारण की संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है।

हालांकि अभी तक किसी एक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है और इलाके के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पति को दी गई घटना की सूचना

मृतका के पति गंगाविशन बिश्नोई घटना के समय ट्रक लेकर बाहर गए हुए थे।

घटना की सूचना मिलते ही उन्हें तत्काल जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार उनके घर पहुंचने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों की हालत देखकर गांव के लोग भी बेहद भावुक हैं।

गांव में पसरा मातम

इस वारदात के बाद पूरे जंभेश्वर नगर में शोक और भय का माहौल है।

लोगों का कहना है कि इतनी निर्मम घटना पहले कभी नहीं देखी गई। महिलाओं और बच्चों पर इस तरह हमला होना पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

जांच पूरी होने का इंतजार

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हत्या के पीछे की असली वजह सामने आना बाकी है। शुरुआती जांच में कई संभावित पहलुओं पर काम किया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इस बीच 16 वर्षीय रामज्योति की बहादुरी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जिस साहस के साथ उसने मदद पहुंचाने की कोशिश की, उसने कई लोगों को भावुक कर दिया। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर इस खौफनाक वारदात के पीछे कौन था और उसने इतनी बेरहमी से इस परिवार को निशाना क्यों बनाया।

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