कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज आज! पहले ही दिन मैदान में उतरेंगे भारतीय खिलाड़ी, इन स्टार्स पर रहेंगी पूरे देश की निगाहें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज आज से स्कॉटलैंड के ऐतिहासिक शहर ग्लासगो में होने जा रहा है। दुनिया के 74 देशों और क्षेत्रों के लगभग 3000 एथलीट इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में हिस्सा लेंगे। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वरूप पिछले संस्करणों की तुलना में छोटा रखा गया है। केवल 10 खेलों में मुकाबले होंगे और कुल 215 पदक दांव पर होंगे।
हालांकि खेलों की संख्या कम होने के बावजूद भारतीय दल से पदकों की अच्छी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। भारत के कई स्टार खिलाड़ी अपने-अपने इवेंट में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। पहले दिन जहां ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन होगा, वहीं लॉन बॉल्स में भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
19वीं बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरेगा भारत
भारत पहली बार 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा बना था। इसके बाद से भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
ग्लासगो में आयोजित होने वाले इस संस्करण के साथ भारत 19वीं बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहा है।
भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि इस बार भी खिलाड़ी देश का नाम रोशन करेंगे और पदक तालिका में मजबूत स्थान हासिल करेंगे।
पिछली बार रहा था शानदार प्रदर्शन
पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन वर्ष 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर में हुआ था।
भारत ने उस संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 61 पदक अपने नाम किए थे। इनमें—
स्वर्ण पदक
रजत पदक
कांस्य पदक
तीनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया था।
इस बार भले ही प्रतियोगिताओं की संख्या कम है, लेकिन भारतीय दल से फिर कई पदक जीतने की उम्मीद जताई जा रही है।
पहले दिन लॉन बॉल्स से होगी भारत की शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले दिन भारत का अभियान लॉन बॉल्स से शुरू होगा।
पहले दिन भारतीय खिलाड़ी—
पुरुष सिंगल्स ग्रुप स्टेज
महिला पेयर्स ग्रुप स्टेज
में अपने मुकाबले खेलेंगे।
इन मैचों के जरिए भारतीय खिलाड़ी प्रतियोगिता में जीत के साथ शुरुआत करने की कोशिश करेंगे।
पहले दिन भारत का पूरा कार्यक्रम
भारतीय समयानुसार पहले दिन का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा—
पुरुष सिंगल्स (लॉन बॉल्स)
समय: दोपहर 2:00 बजे
महिला पेयर्स (लॉन बॉल्स)
समय: दोपहर 2:00 बजे
ओपनिंग सेरेमनी
समय: रात 10:30 बजे
ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन ग्लासगो के प्रसिद्ध OVO Hydro Arena में किया जाएगा, जहां सभी देशों के खिलाड़ी मार्च पास्ट में हिस्सा लेंगे।
74 देशों के खिलाड़ी होंगे शामिल
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 74 देशों और क्षेत्रों के लगभग 3000 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
हालांकि प्रतियोगिता का आकार पहले की तुलना में छोटा रखा गया है, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने की संभावना है।
दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी अपने-अपने खेलों में पदक जीतने के लिए मैदान में उतरेंगे।
इस बार सिर्फ 10 खेल होंगे शामिल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सीमित खेलों को शामिल किया गया है।
इस बार केवल 10 खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
इसी वजह से कुल पदक स्पर्धाओं की संख्या भी पहले की तुलना में कम होकर 215 रह गई है।
इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों के पास कई स्पर्धाओं में पदक जीतने का मौका रहेगा।
इन भारतीय स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें
भारत की उम्मीदें कई अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी हैं।
नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो)
ओलंपिक और विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुके नीरज चोपड़ा एक बार फिर भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार माने जा रहे हैं।
उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।
मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग)
भारतीय वेटलिफ्टिंग की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल मीराबाई चानू भी पदक की मजबूत दावेदार हैं।
उनके अनुभव और निरंतर प्रदर्शन से भारतीय दल को काफी उम्मीदें हैं।
मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद)
लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
यदि वह अपनी लय बरकरार रखते हैं तो पदक जीतने की पूरी संभावना मानी जा रही है।
लवलीना बोरगोहेन (मुक्केबाजी)
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन भी भारत की मजबूत उम्मीदों में शामिल हैं।
उनके अनुभव का फायदा भारतीय टीम को मिल सकता है।
तुलिका मान (जूडो)
जूडो खिलाड़ी तुलिका मान से भी इस बार पदक की उम्मीद की जा रही है।
उन्होंने पिछले वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन किया है।
भारत में कब और कहां देखें मुकाबले?
भारतीय खेल प्रेमी कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण टीवी और मोबाइल दोनों पर देख सकेंगे।
टीवी पर मुकाबलों का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।
वहीं ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी।
भारतीय समयानुसार प्रतियोगिताओं की शुरुआत दोपहर लगभग 1:30 बजे से होगी।
अधिकांश पदक मुकाबले रात 9:30 बजे के बाद शुरू होंगे और देर रात तक चल सकते हैं।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह टूर्नामेंट?
कॉमनवेल्थ गेम्स भारतीय खिलाड़ियों के लिए केवल पदक जीतने का मंच नहीं है, बल्कि यह भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं जैसे एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक की तैयारी का भी महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलता है।
कड़ी होगी प्रतिस्पर्धा
हालांकि इस बार प्रतियोगिताएं कम हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी मजबूत रहने वाली है।
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, कनाडा, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसे देशों के खिलाड़ी कई स्पर्धाओं में आमने-सामने होंगे।
ऐसे में हर पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
देशवासियों की उम्मीदें भारतीय खिलाड़ियों पर
हर बार की तरह इस बार भी करोड़ों भारतीय खेल प्रेमियों की नजर भारतीय खिलाड़ियों पर टिकी रहेगी।
खासकर एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और जूडो जैसी स्पर्धाओं में भारत के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
यदि खिलाड़ी अपने हालिया फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो भारत पदक तालिका में मजबूत स्थान हासिल कर सकता है।
ग्लासगो में शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ा अवसर हैं। सीमित खेलों और कम पदक स्पर्धाओं के बावजूद भारत के कई स्टार खिलाड़ी स्वर्ण सहित अन्य पदकों के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पहले दिन लॉन बॉल्स मुकाबलों के साथ भारतीय अभियान की शुरुआत होगी, जबकि रात में रंगारंग उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाएंगे और पदक तालिका में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

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