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डिलीवरी रूम में मच गया हड़कंप! 6.4 किलो का बच्चा पैदा होते ही डॉक्टरों के उड़े होश, न्यूबॉर्न कपड़े भी पड़ गए छोटे

 


ब्रिटेन के मिल्टन कीन्स अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ डॉक्टरों को हैरान कर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। यहां 33 वर्षीय महिला जेनेली रॉस ने सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) के जरिए एक ऐसे नवजात शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन जन्म के समय 6.4 किलोग्राम था। यह वजन सामान्य नवजात बच्चों की तुलना में लगभग दोगुना माना जा रहा है।

जन्म के तुरंत बाद ही अस्पताल का पूरा स्टाफ इस बच्चे को देखकर आश्चर्यचकित रह गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का शारीरिक विकास सामान्य नवजात शिशुओं की तुलना में काफी अधिक था। इतना ही नहीं, जन्म के बाद बच्चे की भूख और आकार दोनों ने सभी को चौंका दिया।

न्यूबॉर्न कपड़े नहीं आए फिट, पहनाने पड़े 3 से 6 महीने के बच्चों के कपड़े

आमतौर पर माता-पिता अपने नवजात शिशु के लिए पहले से न्यूबॉर्न साइज के कपड़े खरीदकर रखते हैं, लेकिन जेनेली और उनके पति विक्टर ओकनमे के साथ बिल्कुल अलग स्थिति पैदा हो गई।

जैसे ही बच्चे का जन्म हुआ, परिवार ने उसे न्यूबॉर्न साइज के कपड़े पहनाने की कोशिश की, लेकिन वे सभी छोटे पड़ गए। मजबूरी में माता-पिता को उसी दिन 3 से 6 महीने के बच्चों के लिए बनाए गए कपड़े खरीदने पड़े।

बच्चे की लंबाई और चौड़ाई दोनों सामान्य नवजातों से काफी अधिक होने के कारण अस्पताल के स्टाफ को भी विशेष देखभाल करनी पड़ी।

एक बार में दो बोतल दूध पी जाता है नवजात

इस बच्चे की सबसे ज्यादा चर्चा उसकी भूख को लेकर हो रही है।

अस्पताल से जुड़े लोगों के अनुसार यह नवजात एक बार में दो पूरी बोतल दूध आसानी से पी जाता है। सामान्य तौर पर जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु बहुत कम मात्रा में दूध पीते हैं, लेकिन इस बच्चे की डाइट डॉक्टरों के लिए भी हैरानी का विषय बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आकार के कारण बच्चे की ऊर्जा की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, हालांकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई गई है।

पूरी प्रेग्नेंसी रही चुनौतीपूर्ण

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेनेली रॉस की गर्भावस्था सामान्य नहीं रही।

गर्भ में ही बच्चे का आकार तेजी से बढ़ने लगा था। डॉक्टरों को लगातार यह आशंका बनी हुई थी कि बच्चा सामान्य से कहीं अधिक बड़ा हो सकता है।

इसी वजह से हर 14 दिन के अंतराल पर जेनेली का विशेष अल्ट्रासाउंड कराया जाता था। साथ ही नियमित रूप से ब्लड शुगर टेस्ट भी किए जाते थे ताकि गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) जैसी किसी स्थिति का समय रहते पता लगाया जा सके।

हालांकि लगातार निगरानी के बावजूद डॉक्टर डिलीवरी से पहले बच्चे के वास्तविक वजन का सटीक अनुमान नहीं लगा पाए।

सी-सेक्शन से करानी पड़ी डिलीवरी

बच्चे के लगातार बढ़ते आकार को देखते हुए डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव के बजाय सी-सेक्शन कराने का निर्णय लिया।

विशेषज्ञों का मानना था कि सामान्य डिलीवरी मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती थी। इसलिए सुरक्षित विकल्प के तौर पर सर्जरी के जरिए बच्चे का जन्म कराया गया।

डिलीवरी सफल रही और जन्म के बाद मां और बच्चे दोनों पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।

डॉक्टर भी नहीं लगा सके सही अनुमान

आज के समय में आधुनिक मेडिकल तकनीक, हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड और विभिन्न जांचों के बावजूद डॉक्टर बच्चे के जन्म से पहले उसके वास्तविक वजन का सटीक अनुमान लगाने में सफल नहीं हो सके।

हालांकि उन्हें इस बात का अंदेशा था कि बच्चा सामान्य से बड़ा होगा, लेकिन 6.4 किलोग्राम वजन की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में बच्चे के वजन का अनुमान तकनीकी रूप से लगाया जाता है, लेकिन इसमें कुछ अंतर रह जाना सामान्य बात है। इस मामले में भी अनुमान और वास्तविक वजन के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला।

क्या आनुवंशिकी है इसकी वजह?

विशेषज्ञ इस मामले को आनुवंशिकी यानी जेनेटिक्स से भी जोड़कर देख रहे हैं।

जेनेली रॉस की लंबाई लगभग 5 फीट 7 इंच है, जबकि उनके पति विक्टर ओकनमे लगभग 6 फीट लंबे हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि माता-पिता की शारीरिक बनावट भी बच्चे के आकार को प्रभावित कर सकती है। हालांकि केवल लंबाई के आधार पर इतना अधिक वजन होना सामान्य नहीं माना जाता, इसलिए इसे दुर्लभ मामलों में शामिल किया जा रहा है।

पहले से हैं दो बच्चे, लेकिन यह निकला सबसे अलग

जेनेली और विक्टर पहले से दो बच्चों के माता-पिता हैं।

दिलचस्प बात यह है कि उनके दोनों बड़े बच्चों का जन्म सामान्य वजन के साथ हुआ था, जबकि यह तीसरा बच्चा अपने दोनों भाई-बहनों के मुकाबले लगभग दोगुना भारी पैदा हुआ।

यही वजह है कि परिवार भी इस अनोखे अनुभव से बेहद आश्चर्यचकित है।

ब्रिटेन का सबसे भारी बच्चा बनने से मामूली अंतर से चूका

हालांकि यह बच्चा अपने असाधारण वजन के कारण पूरे ब्रिटेन में चर्चा का विषय बन गया है, लेकिन वह देश का सबसे भारी नवजात बनने का रिकॉर्ड नहीं बना सका।

ब्रिटेन में अब तक सबसे भारी बच्चे का रिकॉर्ड वर्ष 1992 में जन्मे गाय कार के नाम दर्ज है, जिसका वजन 15 पाउंड 8 औंस यानी लगभग 7 किलोग्राम से अधिक था।

इसके बाद वर्ष 2013 में जॉर्ज किंग का जन्म लगभग 15 पाउंड 7 औंस वजन के साथ हुआ था।

वहीं वर्ष 2021 में अल्फा स्टोन मिशेल का वजन लगभग 14 पाउंड 15 औंस दर्ज किया गया था।

6.4 किलोग्राम वजन के साथ जन्मा यह बच्चा इस सूची में जरूर शामिल हो गया है, लेकिन सबसे भारी बच्चे का रिकॉर्ड अपने नाम नहीं कर पाया।

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे मजेदार प्रतिक्रियाएं

इस अनोखे बच्चे की तस्वीरें और खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

कुछ लोगों ने बच्चे को प्यार से "सुपर बेबी" कहा, तो कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि यह बच्चा तो सीधे किंडरगार्टन जाने के लिए तैयार पैदा हुआ है।

कुछ लोगों ने माता-पिता को बधाई देते हुए बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की, जबकि कई लोगों ने मेडिकल साइंस की इस दुर्लभ घटना पर आश्चर्य जताया।

नवजात का सामान्य वजन कितना होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य तौर पर किसी स्वस्थ नवजात शिशु का जन्म के समय वजन लगभग 2.5 से 4 किलोग्राम के बीच होता है।

यदि बच्चे का वजन 4 किलोग्राम से अधिक होता है तो उसे चिकित्सा भाषा में फीटल मैक्रोसोमिया (Fetal Macrosomia) की श्रेणी में रखा जाता है।

ऐसे मामलों में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है क्योंकि बड़े आकार के कारण मां और बच्चे दोनों के लिए कुछ जोखिम बढ़ सकते हैं।

6.4 किलोग्राम वजन के साथ जन्मा यह बच्चा इसी श्रेणी के बेहद दुर्लभ मामलों में गिना जा रहा है।

मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ

सबसे राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने जांच के बाद मां जेनेली रॉस और उनके नवजात बेटे दोनों को पूरी तरह स्वस्थ और फिट घोषित किया है।

अस्पताल के विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बच्चे की नियमित निगरानी की जा रही है, लेकिन उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है और किसी गंभीर समस्या के संकेत नहीं मिले हैं।

यह अनोखी घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि चिकित्सा विज्ञान में आज भी ऐसे दुर्लभ मामले सामने आते रहते हैं, जो डॉक्टरों के अनुभव और आधुनिक तकनीक दोनों को नई चुनौती देते हैं। 6.4 किलोग्राम वजन के साथ जन्मा यह "सुपर बेबी" फिलहाल अपने असाधारण आकार, भूख और स्वस्थ स्थिति के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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