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आधी रात टूटी खिड़की, सुबह 5 नाबालिग गायब! बेगूसराय के बालिका गृह में मचा हड़कंप, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

 


बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले से एक बेहद गंभीर और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित तेलिया पोखर के बालिका गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के अचानक फरार होने की खबर ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, देर रात सभी के सो जाने के बाद लड़कियों ने खिड़की का ग्रिल तोड़कर या काटकर बाहर निकलने की कोशिश की और वहां से फरार हो गईं। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया।

पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया है। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि बच्चियों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।

सुबह हुई गिनती तो सामने आया चौंकाने वाला सच

जानकारी के मुताबिक, सोमवार (27 जुलाई, 2026) की रात बालिका गृह में सामान्य दिनचर्या के अनुसार सभी बच्चियां अपने-अपने कमरों में थीं। रात के समय सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। लेकिन मंगलवार सुबह जब कर्मचारियों ने उपस्थिति की जांच की तो पता चला कि पांच नाबालिग लड़कियां अपने कमरे में मौजूद नहीं हैं।

इसके बाद पूरे परिसर में उनकी तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस कमरे में लड़कियां रह रही थीं, वहां की खिड़की का ग्रिल क्षतिग्रस्त मिला। इसी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि लड़कियां उसी रास्ते बाहर निकली होंगी।

घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

पुलिस अधीक्षक खुद पहुंचे बालिका गृह

मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष स्वयं बालिका गृह पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वार्डन सहित वहां मौजूद कर्मचारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

एसपी ने यह भी जाना कि घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी, रात में ड्यूटी पर कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे और आखिर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई कि पांच नाबालिग एक साथ बालिका गृह से बाहर निकल गईं।

निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए और बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने को कहा।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद पुलिस ने बालिका गृह और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि लड़कियां किस समय बाहर निकलीं और किस दिशा में गईं।

यदि किसी वाहन या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।

तकनीकी टीम और सर्विलांस यूनिट को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर बच्चियों तक जल्द पहुंचा जा सके।

विशेष टीम का किया गया गठन

पुलिस ने बच्चियों की तलाश के लिए सदर-01 डीएसपी आनंद कुमार पांडे के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में स्थानीय पुलिस के अलावा तकनीकी विशेषज्ञ और अन्य जांच अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।

टीम का उद्देश्य जल्द से जल्द बच्चियों का सुरक्षित पता लगाना और यह स्पष्ट करना है कि यह केवल फरार होने का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी मौजूद है।

पुलिस लगातार अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बढ़ाई गई निगरानी

जांच के दौरान पुलिस ने जिले के सभी थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

आसपास के जिलों की पुलिस को भी बच्चियों की जानकारी साझा की गई है ताकि यदि वे किसी अन्य जिले में पहुंची हों तो तुरंत उनकी पहचान कर सुरक्षित संरक्षण में लिया जा सके।

सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ पुलिस विभिन्न मार्गों पर भी जांच अभियान चला रही है।

बाल संरक्षण इकाई के साथ समन्वय

पुलिस प्रशासन ने जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति के साथ भी समन्वय स्थापित किया है। संबंधित विभागों को बच्चियों की पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी स्थान पर उनके मिलने की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंच सके।

अधिकारियों का कहना है कि सभी विभाग मिलकर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं और खोज अभियान लगातार जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। यदि प्रारंभिक जानकारी सही साबित होती है कि लड़कियों ने खिड़की का ग्रिल काटकर बाहर निकलने का रास्ता बनाया, तो यह जांच का विषय होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक कैसे हुई।

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि परिसर की निगरानी कितनी प्रभावी थी, रात में गश्त की व्यवस्था कैसी थी और क्या किसी कर्मचारी की लापरवाही इस घटना की वजह बनी।

हालांकि, इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या लड़कियों ने पहले से कोई योजना बनाई थी, क्या उन्हें किसी ने बाहर से मदद पहुंचाई या वे स्वयं परिसर से निकल गईं।

इसके अलावा बालिका गृह के कर्मचारियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके।

प्रशासन की पहली प्राथमिकता सुरक्षित बरामदगी

पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पांचों नाबालिग लड़कियों की सुरक्षित बरामदगी है। इसी कारण खोज अभियान को तेज कर दिया गया है और विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

अधिकारियों को उम्मीद है कि तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और विभिन्न स्थानों पर चल रहे सर्च ऑपरेशन के जरिए जल्द ही बच्चियों का पता लगाया जा सकेगा।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को इन बच्चियों के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा। तब तक प्रशासन का पूरा फोकस पांचों नाबालिगों की सकुशल बरामदगी पर बना हुआ है।

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