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50 साल से नहीं पड़े बीमार! बाबा रामदेव ने बताया अपनी लंबी उम्र और फिटनेस का राज, दिन में सिर्फ एक बार खाते हैं खाना

 


योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य संबंधी जीवनशैली और खानपान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में अपनी दैनिक दिनचर्या, खानपान की आदतों और फिट रहने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उनका दावा है कि पिछले लगभग 50 वर्षों में उन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम, खांसी, दस्त या अन्य सामान्य बीमारियां भी नहीं हुईं। इसके पीछे उन्होंने सात्विक आहार, नियमित योग, ध्यान और अनुशासित जीवनशैली को सबसे बड़ा कारण बताया।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की दिनचर्या, खानपान या चिकित्सा संबंधी सलाह को अपनाने से पहले अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। सभी लोगों के लिए एक जैसी डाइट या दिनचर्या उपयुक्त नहीं होती।

100 साल तक स्वस्थ रहने का दावा

साक्षात्कार के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि यदि व्यक्ति सही खानपान अपनाए, नियमित योग करे और अनुशासित जीवन जिए तो 100 वर्ष की आयु तक भी स्वस्थ रहा जा सकता है। उनके अनुसार, उम्र बढ़ना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन बुढ़ापे में बीमार होना अनिवार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए सात्विक भोजन और योग का अभ्यास बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि प्रतिदिन कम से कम दो योगासन और नियमित प्राणायाम शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।

बचपन के बाद नहीं हुई कोई सामान्य बीमारी

बाबा रामदेव ने अपने स्वास्थ्य का उदाहरण देते हुए कहा कि बचपन में एक बार मच्छर के काटने से उन्हें बुखार हुआ था, लेकिन उसके बाद से उन्हें सामान्य संक्रमण, सर्दी, खांसी, दस्त या फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनका वजन लगभग 65 किलोग्राम है। उनके अनुसार उनका हीमोग्लोबिन लगभग 17.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर, रक्तचाप लगभग 110/70 और ब्लड शुगर 70 से 75 के बीच रहता है।

हालांकि, किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े व्यक्तिगत होते हैं और इन्हें आदर्श मानक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

सुबह 3 बजे शुरू होता है दिन

बाबा रामदेव ने बताया कि उनकी दिनचर्या सुबह लगभग 3 बजे शुरू हो जाती है। जागने के बाद सबसे पहले वे हल्का गुनगुना पानी पीते हैं।

उनका कहना है कि सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से शरीर सक्रिय होता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।

इसके बाद वे स्नान करते हैं, लगभग एक घंटे तक ध्यान करते हैं, फिर दौड़ लगाते हैं और उसके बाद योग का अभ्यास तथा लोगों को योग सिखाने का कार्य शुरू करते हैं।

उनके अनुसार, दिन की शुरुआत कैसी होती है, इसका प्रभाव पूरे दिन के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

दिन में केवल एक बार भोजन

बाबा रामदेव की सबसे चर्चित आदतों में से एक है दिन में केवल एक बार भोजन करना।

उन्होंने बताया कि वे आमतौर पर सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच भोजन करते हैं। इसके बाद शाम तक केवल फल या हल्के प्राकृतिक खाद्य पदार्थ लेते हैं।

उनका मानना है कि बार-बार खाना शरीर के लिए आवश्यक नहीं है।

उन्होंने कहा कि जो लोग अत्यधिक शारीरिक श्रम करते हैं, वे दिन में दो बार भोजन कर सकते हैं। लेकिन सामान्य परिस्थितियों में कम भोजन करना शरीर के लिए बेहतर हो सकता है।

हालांकि, पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की संख्या व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधि और चिकित्सीय आवश्यकताओं पर निर्भर करती है। इसलिए सभी लोगों के लिए दिन में केवल एक बार भोजन करना उचित नहीं माना जा सकता।

99 प्रतिशत भोजन में नहीं होता अनाज

बाबा रामदेव ने बताया कि उनके भोजन में लगभग 99 प्रतिशत अनाज शामिल नहीं होता।

उन्होंने कहा कि वे मुख्य रूप से फल, हरी सब्जियां और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं।

उनकी पसंदीदा सब्जियों में शामिल हैं—

  • लौकी

  • जुचिनी

  • मिश्रित हरी सब्जियां

उन्होंने बताया कि वे आलू का सेवन नहीं करते और लगभग 20 वर्षों तक उन्होंने अनाज नहीं खाया। हालांकि अब कभी-कभी बाजरे का सेवन कर लेते हैं।

तीन प्रकार की सब्जियां भोजन का हिस्सा

उन्होंने बताया कि उनके एक समय के भोजन में सामान्यतः तीन प्रकार की सब्जियां शामिल होती हैं।

उनका मानना है कि विभिन्न प्रकार की सब्जियां शरीर को अलग-अलग प्रकार के विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करती हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी सब्जियां और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ उनके भोजन का मुख्य हिस्सा होते हैं।

खाने का सही क्रम भी बताया

बाबा रामदेव के अनुसार केवल क्या खाना है, यह ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि किस क्रम में खाना है, यह भी मायने रखता है।

उन्होंने भोजन का यह क्रम बताया—

  • सबसे पहले फल और सलाद जैसे कच्चे खाद्य पदार्थ।

  • इसके बाद हरी सब्जियां।

  • फिर यदि लेना हो तो अनाज।

  • अंत में मीठा।

उन्होंने कहा कि मीठे में रिफाइंड चीनी की जगह प्राकृतिक विकल्प अपनाने चाहिए।

इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया कि लोग गुड़, मीठे फल और सूखे मेवों का उपयोग कर सकते हैं।

किन चीजों से बचने की सलाह?

साक्षात्कार में बाबा रामदेव ने कुछ खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह भी दी।

उनके अनुसार रात के समय निम्न चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए—

  • मिठाई

  • चाय

  • कॉफी

  • दही

  • छाछ

  • चॉकलेट

उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक मात्रा में गेहूं और चावल का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

हालांकि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) सहित कई सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान संतुलित मात्रा में साबुत अनाज, दालें, फल, सब्जियां और विविध आहार लेने की सलाह देते हैं। इसलिए किसी भी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ने का निर्णय चिकित्सकीय सलाह के बाद ही लेना चाहिए।

कपालभाति और अनुलोम-विलोम पर जोर

बाबा रामदेव ने योग को अपने स्वस्थ जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दो प्राणायाम—

  • कपालभाति

  • अनुलोम-विलोम

का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

योग विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नियमित योग और श्वास अभ्यास तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किसी गंभीर बीमारी के इलाज के विकल्प के रूप में इन्हें नहीं देखा जाना चाहिए।

कमजोरी दूर करने के लिए क्या खाने की सलाह दी?

बाबा रामदेव ने कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि शरीर को मजबूत बनाने के लिए लोग इनका सेवन कर सकते हैं—

  • अनार

  • गाजर

  • चुकंदर

  • गेहूं की घास

  • एलोवेरा

उन्होंने यह भी कहा कि मूली पाचन तंत्र और यकृत के लिए लाभदायक मानी जाती है तथा शरीफा (कस्टर्ड एप्पल) कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है।

हालांकि किसी विशेष बीमारी या पोषण संबंधी कमी की स्थिति में डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन की सलाह लेना अधिक उचित होता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब से दूरी स्वस्थ जीवन के प्रमुख आधार हैं।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की डाइट या जीवनशैली हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होती। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी रोग, गर्भावस्था, बुजुर्गों और बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतें अलग-अलग होती हैं।

इसलिए भोजन में बड़ा बदलाव करने या एक समय भोजन जैसी दिनचर्या अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।

बाबा रामदेव ने अपने साक्षात्कार में अनुशासित दिनचर्या, सात्विक भोजन, नियमित योग और सीमित भोजन को अपने अच्छे स्वास्थ्य का आधार बताया। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से वे सामान्य बीमारियों से भी दूर रहे हैं और दिन में केवल एक बार भोजन करते हैं। हालांकि, उनकी कई बातें उनके व्यक्तिगत अनुभव और विचार हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि तथा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह का पालन करना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

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