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₹1,700 की स्ट्रॉबेरी देखकर चौंकी अमेरिकी महिला! भारत में ग्रोसरी शॉपिंग का वीडियो हुआ वायरल, कीमतों पर छिड़ी बहस

 


नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारत के एक प्रीमियम स्टोर से आयातित (इम्पोर्टेड) अमेरिकी खाद्य पदार्थों की खरीदारी करती नजर आ रही हैं। वीडियो में सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान उस समय गया, जब उन्होंने आयातित स्ट्रॉबेरी का एक छोटा पैकेट दिखाया, जिसकी कीमत लगभग 1,700 रुपये (करीब 18 अमेरिकी डॉलर) बताई गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद इंटरनेट पर आयातित खाद्य उत्पादों की कीमत, स्थानीय और विदेशी सामान के अंतर तथा वैश्विक बाजार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

वीडियो को इंस्टाग्राम पर @macygonsalvez नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस शहर के किस स्टोर का है, लेकिन सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह भारत के एक प्रीमियम आयातित खाद्य पदार्थों की दुकान में रिकॉर्ड किया गया है।

वीडियो की शुरुआत से ही दिखा कीमतों का अंतर

वीडियो में कंटेंट क्रिएटर स्टोर में प्रवेश करते हुए दर्शकों से कहती हैं कि वह यह दिखाना चाहती हैं कि भारत में अमेरिकी किराने का सामान खरीदना कितना महंगा पड़ सकता है।

इसके बाद वह स्टोर में रखे कई आयातित उत्पादों की कीमतें दिखाती हैं। इनमें स्नैक्स, सॉस, केचप, पैक्ड फूड और अन्य अमेरिकी ब्रांड के उत्पाद शामिल बताए गए हैं।

वीडियो के अंत में वह स्ट्रॉबेरी का एक छोटा पैकेट दिखाती हैं, जिसकी कीमत लगभग 1,700 रुपये बताई जाती है। यही हिस्सा सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो गया।

क्यों होती हैं आयातित चीजें इतनी महंगी?

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी आयातित खाद्य उत्पाद की कीमत केवल उसके मूल मूल्य पर निर्भर नहीं करती।

जब कोई उत्पाद दूसरे देश से भारत आता है, तो उस पर कई प्रकार के अतिरिक्त खर्च जुड़ जाते हैं, जिनमें—

  • आयात शुल्क (Import Duty)

  • माल ढुलाई (Freight Charges)

  • कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेशन

  • पैकेजिंग

  • टैक्स

  • वितरण लागत

  • प्रीमियम रिटेल मार्जिन

इन्हीं कारणों से विदेशों में सामान्य कीमत पर मिलने वाले कई उत्पाद भारत में कई गुना महंगे हो जाते हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा—

"अमेरिका में हम भारतीय लोग भी पनीर का छोटा पैकेट इतनी ही महंगी कीमत पर खरीदते हैं।"

एक अन्य यूजर, जिसने खुद को भारत में रहने वाला अमेरिकी बताया, उसने लिखा कि कभी-कभी अपने देश के स्वाद की याद इतनी ज्यादा आती है कि महंगे दाम देकर भी वही चीज खरीदनी पड़ती है।

कई भारतीय यूजर्स ने कहा कि यदि स्थानीय स्ट्रॉबेरी उपलब्ध है, तो इतनी महंगी आयातित स्ट्रॉबेरी खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

लोकल स्ट्रॉबेरी और इम्पोर्टेड स्ट्रॉबेरी में अंतर

कई यूजर्स ने कमेंट में यह भी स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई गई स्ट्रॉबेरी सामान्य भारतीय बाजार में मिलने वाली स्ट्रॉबेरी नहीं थी।

उनका कहना था कि यह विशेष रूप से आयातित फल था, जो सीमित मात्रा में कुछ प्रीमियम स्टोर्स पर उपलब्ध होता है।

भारत में मौसम के दौरान स्थानीय स्ट्रॉबेरी कई शहरों में लगभग 300 से 500 रुपये प्रति पैक या उससे कम कीमत पर भी उपलब्ध हो सकती है। वास्तविक कीमत स्थान, मौसम, गुणवत्ता और मात्रा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

विदेशी नागरिकों के लिए 'घर का स्वाद'

विदेश में रहने वाले लोग अक्सर अपने देश के पारंपरिक खाद्य पदार्थों की तलाश करते हैं।

यही कारण है कि दुनिया के कई देशों में विशेष आयातित खाद्य स्टोर संचालित किए जाते हैं, जहां विदेशी नागरिक अपने देश के ब्रांड और स्वाद वाले उत्पाद खरीद सकते हैं।

हालांकि ऐसे उत्पादों की कीमत स्थानीय सामान की तुलना में काफी अधिक होती है।

भारत में बढ़ रहा प्रीमियम ग्रोसरी बाजार

पिछले कुछ वर्षों में भारत के बड़े शहरों में आयातित खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ी है।

मेट्रो शहरों में कई ऐसे सुपरमार्केट और प्रीमियम स्टोर हैं जहां अमेरिका, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराए जाते हैं।

इनका मुख्य ग्राहक वर्ग विदेशी नागरिक, प्रवासी परिवार, उच्च आय वर्ग और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड पसंद करने वाले उपभोक्ता होते हैं।

'लोकल फॉर वोकल' की भी हुई चर्चा

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने "लोकल फॉर वोकल" का समर्थन करते हुए भारतीय उत्पाद खरीदने की सलाह दी।

कुछ यूजर्स ने कहा कि भारत में फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ अच्छी गुणवत्ता के साथ अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं।

वहीं कुछ अन्य लोगों ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर केवल अपना अनुभव साझा कर रही थीं, उन्होंने किसी भारतीय उत्पाद की आलोचना नहीं की थी।

क्या केवल भारत में ही ऐसा होता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा केवल भारत में नहीं होता।

यदि कोई भारतीय व्यक्ति अमेरिका, यूरोप या अन्य देशों में भारतीय ब्रांड के मसाले, मिठाई, पनीर या स्नैक्स खरीदता है, तो उसे भी कई बार सामान्य भारतीय कीमत से कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ता है।

इसका कारण भी आयात शुल्क, परिवहन लागत और सीमित उपलब्धता ही होती है।

वैश्विक व्यापार का असर

अर्थशास्त्रियों के अनुसार वैश्विक व्यापार में किसी भी वस्तु की अंतिम खुदरा कीमत कई कारकों से प्रभावित होती है।

उत्पादन लागत के अलावा अंतरराष्ट्रीय परिवहन, मुद्रा विनिमय दर, सीमा शुल्क, स्थानीय टैक्स और बाजार की मांग भी कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण एक ही उत्पाद अलग-अलग देशों में अलग-अलग कीमत पर बिक सकता है।

सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ वीडियो?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो केवल महंगी स्ट्रॉबेरी के कारण वायरल नहीं हुआ।

इसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया कि विदेश में रहने वाले लोग अपने देश के स्वाद के लिए कितनी अधिक कीमत चुकाते हैं और वैश्विक बाजार में आयातित वस्तुएं कितनी महंगी हो सकती हैं।

यही कारण है कि वीडियो भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।

अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर द्वारा साझा किया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आयातित खाद्य उत्पादों की कीमतों को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ चुका है। वीडियो में दिखाई गई लगभग ₹1,700 की आयातित स्ट्रॉबेरी ने लोगों को जरूर चौंकाया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उत्पादों की कीमत में आयात शुल्क, परिवहन, टैक्स और सीमित उपलब्धता जैसे कई कारक शामिल होते हैं। वहीं इस चर्चा ने यह भी याद दिलाया कि चाहे भारत में विदेशी सामान हो या विदेशों में भारतीय खाद्य पदार्थ, "घर के स्वाद" की कीमत अक्सर सामान्य बाजार मूल्य से कहीं अधिक होती है।

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