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कोचिंग के बंद कमरे में एक साल तक छिपा रहा खौफनाक राज, मां को पता चला तो उड़ गए होश!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कोचिंग शिक्षक ने 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा को पहले अपने विश्वास में लिया, फिर उसे डराकर, धमकाकर और ब्लैकमेल करके करीब एक वर्ष तक उसका यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, पीड़िता पर दबाव बनाकर उससे घर से नकदी और सोने की अंगूठी भी मंगवाई गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा की मां को बेटी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना तालकटोरा थाना क्षेत्र की है, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।

कोचिंग सेंटर में पढ़ती थी 9वीं की छात्रा

जानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा कक्षा 9 की छात्रा है और उसकी उम्र लगभग 14 वर्ष बताई जा रही है। वह राजाजीपुरम स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने जाती थी। आरोप है कि इसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले 30 वर्षीय शिक्षक विवेक तिवारी ने छात्रा को अपने जाल में फंसाया।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में शिक्षक ने छात्रा से सामान्य बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क बढ़ाया। इसके बाद उसने छात्रा से अश्लील बातचीत करनी शुरू कर दी और कथित रूप से उसे मानसिक दबाव में रखकर ब्लैकमेल करने लगा।

डर और धमकी के साये में बीता एक साल

पीड़िता की शिकायत के अनुसार आरोपी शिक्षक लगातार उसे डराता-धमकाता रहा। आरोप है कि यदि छात्रा किसी को इस बारे में बताने की कोशिश करती तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी। इसी भय के कारण छात्रा लंबे समय तक किसी से कुछ कह नहीं सकी।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाते हुए करीब एक साल तक छात्रा का यौन शोषण किया। लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के चलते छात्रा पूरी तरह सहमी हुई थी और किसी को अपनी पीड़ा नहीं बता पा रही थी।

सोशल मीडिया के जरिए बढ़ाया संपर्क

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी शिक्षक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रा से संपर्क बनाए हुए था। आरोप है कि वह उसे आपत्तिजनक संदेश भेजता था और अश्लील बातचीत करता था।

जांच एजेंसियां अब आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही हैं ताकि चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है।

छात्रा से घर की नकदी और सोने की अंगूठी मंगवाने का आरोप

मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। आरोप है कि आरोपी शिक्षक ने छात्रा पर इतना मानसिक दबाव बना दिया था कि उसने अपने घर से नकदी और सोने की एक अंगूठी चोरी करके उसे दे दी।

जब घरवालों को नकदी और अंगूठी के गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने बेटी से पूछताछ की। शुरुआत में छात्रा कुछ नहीं बोली, लेकिन बाद में उसने पूरी घटना अपनी मां को बता दी। इसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

मां ने की शिकायत, तब खुला पूरा मामला

बेटी की आपबीती सुनने के बाद छात्रा की मां ने तत्काल कार्रवाई करने का फैसला किया। उन्होंने पहले कोचिंग संस्थान के संचालक निखिल तिवारी से शिकायत की।

आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय कोचिंग संचालक ने उल्टा अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता की मां का आरोप है कि संचालक ने गाली-गलौज की और जान से मारने तक की धमकी दी। इसके बाद परिवार सीधे तालकटोरा थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।

पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए तालकटोरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक विवेक तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

पॉक्सो एक्ट नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान उपलब्ध कराता है। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है।

घर से गिरफ्तार हुआ आरोपी शिक्षक

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विवेक तिवारी को आलमबाग क्षेत्र के मवैया स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त किया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस तरह की कोई अन्य घटना भी तो सामने नहीं आई है।

डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य डिजिटल सबूत मिलते हैं तो उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने छात्रा को किस तरह ब्लैकमेल किया और क्या उसने किसी अन्य माध्यम का भी इस्तेमाल किया था।

पुलिस का बयान

तालकटोरा थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

समाज के लिए गंभीर चेतावनी

यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी भी है। जिन शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी होती है, यदि वही अपने पद और विश्वास का दुरुपयोग करें तो इसका सबसे बड़ा असर बच्चों के मानसिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक आने वाले बदलाव, डर, तनाव, पढ़ाई से दूरी या मोबाइल के असामान्य इस्तेमाल जैसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही बच्चों को यह भरोसा दिलाना भी जरूरी है कि वे किसी भी समस्या या धमकी की स्थिति में बिना डर अपने परिवार से खुलकर बात कर सकते हैं।

फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेगा और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

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