3 घंटे का रेड अलर्ट! दिल्ली-एनसीआर बारिश में डूबा, सड़कें बनीं दरिया, चारधाम यात्रा भी थमी
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहरी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने ला दी। कुछ ही घंटों की तेज बारिश ने राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों को जलमग्न कर दिया। जगह-जगह सड़कें पानी से भर गईं, वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और हजारों लोग घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। हालात इतने गंभीर हो गए कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए अगले तीन घंटों का रेड अलर्ट जारी कर दिया, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश के कारण सिर्फ मैदानी इलाकों में ही नहीं बल्कि पहाड़ी राज्यों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उत्तराखंड में भारी वर्षा, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
कुछ घंटों की बारिश ने रोक दी राजधानी की रफ्तार
दिल्ली में सुबह से शुरू हुई बारिश ने दोपहर तक पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से वाहन रेंगते नजर आए। दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
बारिश के पानी के साथ कई इलाकों में सीवर का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। कई जगहों पर पानी घुटनों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों को अपने घरों और दुकानों तक पहुंचने में दिक्कत हुई।
संगम विहार बना तालाब, सड़क पर डूबे वाहन
दक्षिण दिल्ली का संगम विहार सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। यहां मुख्य सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। कई दोपहिया वाहन आधे से ज्यादा पानी में समा गए और उनके इंजन बंद हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला गया। कई लोगों को अपने वाहन धक्का लगाकर निकालने पड़े, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ा।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए हालात सबसे ज्यादा कठिन रहे। कई जगह लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए, जिनमें सड़कें किसी नदी जैसी दिखाई दे रही थीं।
बुराड़ी में जलभराव से थम गई आवाजाही
उत्तर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी भारी जलभराव देखने को मिला। मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे पानी में छिप जाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया। कई बाइक सवार पानी में फंस गए और उन्हें वाहन छोड़कर पैदल निकलना पड़ा।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
नोएडा में ड्रेनेज सिस्टम की खुली पोल
दिल्ली से सटे नोएडा में भी बारिश ने नगर प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा ले ली। सेक्टर-100, सेक्टर-99, सेक्टर-37 अंडरपास और बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के आसपास की सड़कें पूरी तरह पानी से भर गईं।
अंडरपासों में पानी जमा होने के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। इसके चलते लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
सर्फाबाद, बरौला और आसपास की कॉलोनियों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कई घरों के बाहर पानी भर जाने से लोगों को दैनिक कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख सड़कों पर लगा घंटों लंबा जाम
बारिश का असर राजधानी के व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाकों पर भी साफ दिखाई दिया। जनपथ, भारत मंडपम, बाराखंबा रोड, शंकर विहार और कई अन्य प्रमुख मार्गों पर भारी जलभराव हो गया।
शंकर विहार से सामने आए वीडियो में देखा गया कि वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। कई जगह एक-एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया।
ऑफिस समय होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। कई कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लगा।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए दिल्ली में अगले तीन घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
लोगों को बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने तथा बिजली के खंभों और खुले तारों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
यूपी, हरियाणा और पंजाब में भी भारी बारिश की चेतावनी
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पहले से ही बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले घंटों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
कृषि क्षेत्रों में यह बारिश जहां फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
उत्तराखंड में बढ़ा खतरा, चारधाम यात्रा रोकी गई
मैदानी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड में भी लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं।
राज्य में कई स्थानों पर भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया है। कई संवेदनशील मार्गों पर मलबा आने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसके चलते सड़कें बाधित हो गई हैं।
प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं।
हर साल दोहराती है जलभराव की कहानी
दिल्ली-एनसीआर में हर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, प्राकृतिक जल निकासी मार्गों के अवरुद्ध होने और ड्रेनेज सिस्टम की नियमित सफाई न होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बनती है।
बारिश के कुछ घंटों बाद ही कई सड़कें तालाब में बदल जाती हैं, जिससे न केवल यातायात प्रभावित होता है बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
बारिश ने एक बार फिर नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्री-मानसून तैयारियों और नालों की सफाई के दावों के बावजूद कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आई।
अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों से पानी की निकासी, ट्रैफिक को सामान्य करना और लोगों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, ऐसे में प्रशासन के लिए सतर्क रहना बेहद आवश्यक होगा।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश का यह दौर जल्द थमे और शहर की सामान्य रफ्तार फिर से पटरी पर लौट सके।

कोई टिप्पणी नहीं