Breaking News

नमाज से लौट रहे थे पिता, बेटे को मार दी 7 गोलियां; परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

 


नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नेहरू विहार इलाके में एक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान राशिद के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी हाजी यूनुस का बेटा बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार शाम करीब 6:10 बजे की है। परिवार के सदस्यों ने दिल्ली पुलिस को फोन कर सूचना दी कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके बेटे को गोली मार दी है। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल राशिद को परिजन तुरंत गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश, पुरानी दुश्मनी या किसी संगठित आपराधिक गतिविधि से जुड़ा हो सकता है, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

शाम की सामान्य दिनचर्या के बीच हुई वारदात

परिजनों के अनुसार घटना उस समय हुई जब इलाके में रोजमर्रा की गतिविधियां चल रही थीं। लोगों को अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ सेकंड के भीतर कई गोलियां चलने की आवाज आई और हमलावर मौके से फरार हो गए।

राशिद के पिता हाजी यूनुस ने बताया कि वह नमाज पढ़कर वापस लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि वह गोली चलने के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उन्होंने तेज धमाकों जैसी आवाज सुनी। जब तक वह बाहर पहुंचे, तब तक हमला हो चुका था।

हाजी यूनुस के अनुसार, तीन लोग मौके पर आए थे और उन्होंने राशिद पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को कुल सात गोलियां लगीं। परिवार का कहना है कि हमलावर बेहद योजनाबद्ध तरीके से आए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

मेहनत-मजदूरी कर परिवार चला रहा था राशिद

परिवार के अनुसार राशिद कोई आपराधिक गतिविधि से जुड़ा व्यक्ति नहीं था। वह एक वेल्डिंग से संबंधित रिक्शा और सप्लाई के काम में लगा हुआ था तथा मेहनत करके अपने परिवार की मदद करता था। परिवार का कहना है कि राशिद का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था और वह सामान्य जीवन जी रहा था।

स्थानीय लोगों ने भी बताया कि राशिद इलाके में जाना-पहचाना युवक था और मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। उसकी अचानक हुई हत्या ने आसपास के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।

छह महीने पहले भी हुई थी फायरिंग

मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। राशिद के मामा ने बताया कि लगभग छह महीने पहले भी परिवार से जुड़े पानी के एक प्लांट पर फायरिंग की घटना हुई थी। हालांकि उस समय राशिद वहां मौजूद नहीं था और किसी को नुकसान नहीं पहुंचा था।

परिवार का दावा है कि पहले भी कुछ लोग फायरिंग कर चुके थे और उस घटना को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि यदि उस समय सख्त कार्रवाई होती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।

राशिद के मामा ने बताया कि इस बार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग की। उनके अनुसार दो गोलियां छाती में लगीं, एक कमर के पास लगी और कई गोलियां पैरों में लगीं, जिससे हड्डियां भी टूट गईं। गंभीर चोटों के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।

पुलिस जांच में जुटी

दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और गोली के खोल सहित अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार पुलिस पुरानी रंजिश, कारोबारी विवाद और अन्य संभावित एंगलों पर भी जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और हमलावरों के भागने के रास्तों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

परिवार ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद परिवार ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। परिजनों का कहना है कि इलाके में अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

परिवार का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद इलाके में असामाजिक तत्व खुलेआम घूमते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते अपराधियों पर कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की घटना नहीं होती।

राशिद के परिजनों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

हत्या की घटना के बाद नेहरू विहार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भय और नाराजगी दोनों दिखाई दे रही हैं। कई लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह खुलेआम गोलीबारी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अपराध पर लगाम की चुनौती

दिल्ली में हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें बदमाशों ने दिनदहाड़े या शाम के समय गोलीबारी की वारदातों को अंजाम दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध, गैंग प्रतिद्वंद्विता और स्थानीय विवादों के मामलों में पुलिस के लिए तेजी से कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है।

नेहरू विहार की यह घटना भी राजधानी में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। स्थानीय निवासी चाहते हैं कि पुलिस न केवल इस मामले का खुलासा करे बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए।

फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पूरे इलाके की नजर इस बात पर टिकी है कि राशिद हत्याकांड के आरोपियों तक पुलिस कब और कैसे पहुंचती है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

कोई टिप्पणी नहीं