हथकड़ी पहनकर NEET देने पहुंचा कैदी! बिहार के परीक्षा केंद्र पर दिखा ऐसा नजारा कि हर कोई रह गया हैरान
देशभर में रविवार को आयोजित NEET UG री-एग्जाम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही, लेकिन बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने परीक्षा केंद्र पर मौजूद छात्रों, अभिभावकों और अधिकारियों तक को हैरान कर दिया। डुमरा स्थित कमला गर्ल्स स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक युवक हाथों में हथकड़ी लगाए और पुलिस की कड़ी निगरानी में पहुंचा। अचानक उसे देखकर लोगों की भीड़ में चर्चा शुरू हो गई और हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर यह युवक कौन है और पुलिस की सुरक्षा में परीक्षा देने क्यों आया है।
बाद में जानकारी सामने आई कि यह युवक कोई सामान्य परीक्षार्थी नहीं, बल्कि सीतामढ़ी मंडल कारा में बंद एक कैदी है। युवक की पहचान अफजद अली के रूप में हुई, जिसे अदालत की विशेष अनुमति के बाद NEET UG री-एग्जाम में शामिल होने का मौका दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा के अधिकार और सुधार की संभावनाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कौन है अफजद अली?
जानकारी के अनुसार अफजद अली सीतामढ़ी जिले के कन्हौली बगहा क्षेत्र का निवासी है। उसने पहले ही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) के लिए आवेदन किया था और उसका परीक्षा केंद्र डुमरा स्थित कमला गर्ल्स स्कूल निर्धारित किया गया था। इस बीच वह एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर सीतामढ़ी मंडल कारा में बंद हो गया। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए उसे दोषी करार नहीं दिया गया है।
जेल में बंद होने के बावजूद अफजद ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और डॉक्टर बनने के अपने सपने को टूटने नहीं दिया। उसने जेल में रहते हुए तैयारी जारी रखी और परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी। अदालत ने शिक्षा के अधिकार को ध्यान में रखते हुए उसे परीक्षा देने की अनुमति प्रदान कर दी।
कोर्ट के आदेश के बाद बनाई गई विशेष व्यवस्था
सीतामढ़ी न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन और जेल विभाग ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। रविवार सुबह पुलिस टीम अफजद अली को जेल से लेकर सीधे परीक्षा केंद्र पहुंची। उसके हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और उसके साथ कई पुलिसकर्मी मौजूद थे। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद उसकी पहचान और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
सभी आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद उसे अन्य अभ्यर्थियों की तरह परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति दी गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस उसे दोबारा सुरक्षा के बीच सीतामढ़ी मंडल कारा लेकर लौट गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक नहीं होने दी गई।
परीक्षा केंद्र पर कैदी को देखकर लोग रह गए दंग
जब हथकड़ी लगाए अफजद अली परीक्षा केंद्र पहुंचा तो वहां मौजूद छात्र और उनके अभिभावक हैरान रह गए। कई लोगों के लिए यह पहला अवसर था जब उन्होंने किसी कैदी को पुलिस सुरक्षा के बीच प्रतियोगी परीक्षा देते हुए देखा। देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया और लोग आपस में इसकी वजह जानने की कोशिश करने लगे।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के तहत की गई है। प्रशासन का कहना है कि हर व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने और परीक्षा देने का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति जेल में है और उसके खिलाफ मामला विचाराधीन है, तो कानून के तहत उसे शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता।
मारपीट के मामले में जेल में बंद है अफजद
सूत्रों के अनुसार अफजद अली पर मारपीट से संबंधित एक मामले में कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल मामला अदालत में लंबित है। इसी दौरान उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के सपने को जीवित रखा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शिक्षा का अधिकार देता है और न्यायालय समय-समय पर ऐसे मामलों में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाता रहा है। यही कारण है कि अफजद को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई।
देशभर में हाई अलर्ट के बीच हुआ NEET री-एग्जाम
इस बीच पूरे देश में आयोजित NEET UG री-एग्जाम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कई स्तरों पर जांच की गई। कई स्थानों पर उम्मीदवारों के कानों तक की टॉर्च से जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अनुचित साधन का इस्तेमाल न हो सके।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान तैनात किए गए थे। राजस्थान के दौसा और हरियाणा के गुरुग्राम में परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों और फोटोकॉपी की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश भी दिए गए थे।
शिक्षा के अधिकार की मिसाल बनी यह घटना
सीतामढ़ी में सामने आया यह मामला केवल एक कैदी के परीक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि शिक्षा का अधिकार हर व्यक्ति के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। जेल में रहते हुए भी अगर कोई व्यक्ति अपने भविष्य को संवारने की कोशिश करता है, तो कानून और व्यवस्था उसे अवसर देने का प्रयास करती है।
हथकड़ी लगाए परीक्षा केंद्र पहुंचे अफजद अली की तस्वीरें और यह पूरा घटनाक्रम अब चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे शिक्षा के अधिकार की मिसाल मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता का उदाहरण बता रहे हैं। फिलहाल यह घटना पूरे देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

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