पत्नी को कथित प्रेमी के साथ देख भड़का पति, फिर मारपीट और खौलता तेल फेंकने के आरोप से मचा हड़कंप
बरेली (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। एक युवक ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि जब उसने दोनों को अपने किराए के कमरे में साथ देखा और इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उस पर खौलता हुआ तेल फेंक दिया गया। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामला केवल एक पक्ष की कहानी तक सीमित नहीं है, क्योंकि पत्नी ने भी पहले अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने घरेलू विवाद, वैवाहिक संबंधों और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी।
फैक्टरी में काम करता है पीड़ित युवक
जानकारी के अनुसार, शिकायत करने वाला युवक मूल रूप से बरेली जिले के शाही थाना क्षेत्र के बकैनिया गांव का रहने वाला है। वह रोजगार के सिलसिले में सीबीगंज क्षेत्र के नदौसी गांव में किराए के मकान में रहकर एक गत्ता फैक्टरी में काम करता है। युवक की शादी कुछ समय पहले बिथरी क्षेत्र की रहने वाली युवती से हुई थी।
युवक का आरोप है कि विवाह के बाद से ही उसकी पत्नी का किसी अन्य युवक से संपर्क था। उसका कहना है कि दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती थी और सोशल मीडिया के माध्यम से भी संपर्क बना रहता था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हीं दावों की जांच कर रही है।
कमरे में पहुंचा तो सामने था चौंकाने वाला दृश्य
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना वाले दिन वह रोज की तरह फैक्टरी से काम समाप्त कर अपने किराए के कमरे पर लौटा। उसका आरोप है कि कमरे में प्रवेश करने पर उसने अपनी पत्नी को एक अन्य युवक के साथ देखा।
युवक का कहना है कि उसने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ ही देर में यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
मारपीट और खौलता तेल फेंकने का आरोप
युवक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। उसने यह भी दावा किया कि उसका गला दबाने का प्रयास किया गया।
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान उसकी पत्नी रसोई में गई और वहां गर्म हो रहे तेल को लेकर आई। युवक का आरोप है कि उसके ऊपर खौलता हुआ तेल फेंका गया, जिससे उसका पैर गंभीर रूप से झुलस गया।
घायल युवक का कहना है कि वह किसी तरह मौके से अपनी जान बचाकर बाहर निकला और बाद में अपने पैतृक गांव पहुंचा, जहां उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस से मदद की गुहार
युवक का आरोप है कि घटना के बाद वह अपनी मां के साथ न्याय की मांग लेकर पहले शाही थाने पहुंचा। उसका कहना है कि वहां से उसे दूसरे थाने जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वह सीबीगंज थाने भी गया, लेकिन वहां भी उसकी शिकायत पर तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आखिरकार उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पत्नी ने भी लगाए पति पर आरोप
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब पुलिस ने बताया कि पति की शिकायत से पहले पत्नी भी पुलिस के पास पहुंची थी।
पत्नी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उसका पति उस पर बेवजह शक करता है और उसके साथ मारपीट करता है। उसने अपने पति के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई है।
यही वजह है कि पुलिस इस पूरे मामले को केवल एकतरफा घटना नहीं मान रही है और दोनों पक्षों की शिकायतों को साथ लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि मामला संवेदनशील है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मेडिकल परीक्षण, उपलब्ध दस्तावेज, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयान जांच का हिस्सा बनाए जाएंगे। यदि जांच में किसी भी पक्ष की ओर से अपराध किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल और फॉरेंसिक जांच होगी अहम
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी व्यक्ति पर गर्म तेल फेंके जाने का दावा किया गया है, तो उसकी पुष्टि मेडिकल परीक्षण से की जा सकती है।
इसी प्रकार घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, पड़ोसियों के बयान, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संचार और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जांच को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
घरेलू विवादों में बढ़ रही जटिलताएं
विशेषज्ञों का कहना है कि वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में कई बार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हैं। ऐसे मामलों में बिना जांच पूरी हुए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता।
इसी कारण पुलिस प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच करती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करती है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का घरेलू विवाद या हिंसा की स्थिति उत्पन्न होती है, तो कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। समय पर शिकायत और उचित जांच से निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
बरेली का यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। एक ओर पति ने पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर मारपीट और खौलता तेल फेंकने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर पत्नी ने भी पति पर प्रताड़ना और मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई बनती है। तब तक मामले में लगाए गए सभी आरोप जांच के अधीन हैं और किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले स्थापित नहीं मानी जा सकती।

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