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Share Market Rally: शेयर बाजार में आई सुनामी जैसी तेजी, निवेशकों ने एक दिन में कमाए 9.71 लाख करोड़ रुपये

 


हाइलाइट्स

  • सेंसेक्स 1,695 अंकों की जबरदस्त छलांग के साथ बंद।

  • निफ्टी 23,600 के स्तर के पार पहुंचा।

  • निवेशकों की संपत्ति में 9.71 लाख करोड़ रुपये का इजाफा।

  • अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों से बाजार में उत्साह।

  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत।

  • रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ।

शेयर बाजार में लौटी रिकॉर्ड तेजी, निवेशकों की हुई चांदी

शुक्रवार का कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार साबित हुआ। सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार ने ऐसी उड़ान भरी कि निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में 9.71 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।

कारोबार के दौरान खरीदारी का दबदबा इतना मजबूत रहा कि लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और मेटल शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

सेंसेक्स और निफ्टी ने दर्ज की जोरदार बढ़त

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंक यानी 2.30 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,527.95 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 461.30 अंक यानी 1.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 अंक पर पहुंच गया।

यह पिछले कई सप्ताहों में बाजार की सबसे मजबूत रैलियों में से एक मानी जा रही है। पूरे दिन बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की।

आंकड़ों के अनुसार, बाजार में कुल 3,110 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई जबकि 969 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 149 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह संकेत देता है कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं थी बल्कि व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत

निफ्टी के प्रमुख शेयरों में सबसे अधिक बढ़त वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में देखने को मिली। श्रीराम फाइनेंस, एलएंडटी, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयर निवेशकों की पहली पसंद बने रहे।

इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में आई तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।

हालांकि सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। नेस्ले इंडिया, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों के शेयरों में कुछ गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद बाजार की समग्र दिशा पूरी तरह सकारात्मक बनी रही।

आईटी को छोड़कर सभी सेक्टर हरे निशान में

सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल एस्टेट, टेलीकॉम, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, मीडिया, ऑयल एंड गैस और मेटल सेक्टर में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा व्यापक रूप से मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में आई तेजी भविष्य में भी जारी रह सकती है क्योंकि कम होती तेल कीमतें इन उद्योगों के लिए लाभकारी साबित होती हैं।

निवेशकों की संपत्ति में 9.71 लाख करोड़ रुपये का उछाल

शुक्रवार की तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 452.33 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 462.05 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

इस प्रकार केवल एक दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 9.71 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों ने बाजार में भरोसा दिखाया है।

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से बढ़ा भरोसा

बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती शांति की संभावनाएं मानी जा रही हैं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक व्यापक समझौते की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। प्रस्तावित समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जिनमें आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपाय शामिल बताए जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने का समझौता लगभग तैयार है और उस पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं। इस बयान ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह

भारतीय शेयर बाजार के लिए एक और सकारात्मक खबर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही।

ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 5 प्रतिशत गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह पिछले दो महीनों के सबसे निचले स्तरों में से एक माना जा रहा है।

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें कम होने से देश का आयात बिल घटता है और व्यापार घाटे पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही एविएशन, ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत भी कम हो सकती है।

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत

एशियाई और अमेरिकी बाजारों में तेजी का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ जबकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

चीन और हांगकांग के प्रमुख बाजारों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा। इससे वैश्विक निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी और भारतीय बाजार को भी समर्थन मिला।

अमेरिकी शेयर बाजारों ने भी पिछले कारोबारी सत्र में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ा।

रुपया हुआ मजबूत, निवेशकों का बढ़ा विश्वास

शुक्रवार को भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 64 पैसे मजबूत होकर 95.11 के स्तर पर पहुंच गया।

फॉरेक्स बाजार के जानकारों का कहना है कि तेल कीमतों में गिरावट और डॉलर की कमजोरी ने रुपये को मजबूती प्रदान की। इसके अलावा घरेलू शेयर बाजार में आए सकारात्मक माहौल ने भी भारतीय मुद्रा को समर्थन दिया।

रुपये की मजबूती विदेशी निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत मानी जाती है क्योंकि इससे निवेश का जोखिम कुछ हद तक कम हो जाता है।

क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है तथा तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर भी नजर बनाए रखनी होगी। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

शुक्रवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक बेहद सकारात्मक कारोबारी सत्र के रूप में दर्ज हुआ। सेंसेक्स में 1,695 अंकों और निफ्टी में 461 अंकों की तेजी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया। अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद, कच्चे तेल की गिरती कीमतें, वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और रुपये की मजबूती ने मिलकर बाजार को नई ऊर्जा प्रदान की।

एक ही दिन में 9.71 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति बढ़ना इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर लगातार मजबूत हो रहा है।

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