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चीखें, धुआं और बंद दरवाजे... अलीगंज के कोचिंग सेंटर में ऐसा क्या हुआ कि 14 जिंदगियां बुझ गईं?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर और प्रशिक्षण संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। प्रशासन को आशंका है कि इमारत के भीतर अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

धुएं और आग की लपटों से मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय अचानक इमारत से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। वहां मौजूद छात्र और कर्मचारी जान बचाने के लिए बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। कई लोग खिड़कियों और सीढ़ियों के सहारे बाहर आए, जबकि कुछ लोग अंदर ही फंस गए।

स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि आग और धुएं की तीव्रता इतनी अधिक थी कि राहत कार्य में काफी मुश्किलें सामने आईं।

चार दमकल गाड़ियां मौके पर, राहत कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। घने धुएं के कारण अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो रहा है, फिर भी फायर कर्मी एक-एक कमरे की तलाशी लेकर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

एक फायर अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार 10 से 12 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका थी। इसी आधार पर बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहा है। प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाना है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौके पर पहुंचे

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ऊपरी मंजिल पर किसी के मौजूद होने की संभावना नहीं है, जबकि पहली मंजिल की दीवार तोड़कर कर्मचारी अंदर पहुंचे हैं। धुएं की अधिकता के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौके पर एंबुलेंस तैनात हैं और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

आईटी प्रशिक्षण केंद्र में मौजूद थे छात्र और कर्मचारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस भवन में आग लगी, वहां एक आईटी कंपनी और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान संचालित होता था, जहां बच्चे विभिन्न तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण प्राप्त करते थे। घटना के समय कई छात्र और कर्मचारी भवन के भीतर मौजूद थे।

कुछ लोगों का कहना है कि परिसर में लाइब्रेरी और कंप्यूटर कोर्स सेंटर भी संचालित होता था। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई भयावह कहानी

चश्मदीद अमन ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो इमारत से काला धुआं निकल रहा था। उन्होंने और अन्य स्थानीय लोगों ने मिलकर पांच से छह लोगों को बाहर निकाला। उनके अनुसार आग लगने के बाद एक व्यक्ति जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

अमन ने बताया कि अंदर अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है, जिसके कारण सभी लोग चिंतित हैं। आसपास के लोग लगातार राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

बेटे ने पिता को फोन कर दी थी आग लगने की सूचना

घटनास्थल पर पहुंचे प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे सुखमणि सिंह वहां गेमिंग और तकनीकी कार्य से जुड़े हुए थे। दोपहर करीब सवा दो बजे उनके बेटे ने फोन कर आग लगने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि कार्यालय में करीब 20 से 22 लोग काम करते थे। सूचना मिलने के बाद वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और अपने बेटे की तलाश शुरू कर दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में हुए इस भीषण हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित कर हर संभव सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार स्थिति की निगरानी करने और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।

आग लगने के कारणों की होगी जांच

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर केंद्रित है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद फॉरेंसिक टीम और अन्य विशेषज्ञ घटना के कारणों की जांच करेंगे। यदि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

लखनऊ में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों और प्रशिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे प्रदेश की निगाहें अब राहत और बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं और सभी लोग फंसे हुए लोगों के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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