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'माफिया का सफाया करना मेरा सबसे प्रिय विषय', सीएम योगी ने सुनाया 120 एकड़ जमीन खाली कराने का किस्सा

 


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान अपने नौ साल के शासनकाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच से खुलकर बताया कि उनके लिए सबसे प्रिय विषय क्या है। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि "माफिया का सफाया करना" उनका सबसे पसंदीदा विषय है।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कानून व्यवस्था, माफिया के खिलाफ कार्रवाई, फॉरेंसिक साइंस के विस्तार और प्रदेश में हुए संस्थागत विकास का उल्लेख करते हुए एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि किस तरह उत्तर प्रदेश पुलिस की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर एक कुख्यात माफिया का कब्जा था और कैसे उनकी सरकार ने कार्रवाई करते हुए उस जमीन को मुक्त कराया। आज उसी जमीन पर प्रदेश का अत्याधुनिक फॉरेंसिक साइंस संस्थान संचालित हो रहा है।

नौ साल बाद पसंदीदा विषय पर बोले मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी प्रदेश के विकास की बात होती है तो कानून व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार बनकर सामने आती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफियाओं का बोलबाला था और कई सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इसी नीति के कारण आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा, "यदि कोई मुझसे पूछे कि मेरा सबसे प्रिय विषय क्या है, तो मैं कहूंगा कि माफियाओं का सफाया करना मेरा सबसे प्रिय विषय है।"

फॉरेंसिक लैब की कमी ने खींचा ध्यान

सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने प्रदेश की व्यवस्थाओं का अध्ययन शुरू किया तो एक तथ्य ने उन्हें काफी चिंतित किया। उत्तर प्रदेश जैसी विशाल आबादी वाले राज्य में उस समय केवल चार फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ही कार्यरत थीं।

उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक सुविधाएं बेहद जरूरी होती हैं, लेकिन प्रदेश में उनकी संख्या बेहद कम थी। इसके कारण जांच रिपोर्ट आने में कई-कई साल लग जाते थे।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नई फॉरेंसिक लैब क्यों नहीं स्थापित की जा रही हैं, तो जवाब मिला कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल समस्याएं गिनाने के बजाय समाधान खोजे जाएं और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाए।

डीजीपी की फाइल से खुला बड़ा मामला

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने एक रोचक घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक दिन उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सेवानिवृत्ति के करीब थे और वे एक फाइल लेकर उनके पास पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले उन्हें लगा कि शायद अधिकारी सेवा विस्तार से संबंधित कोई फाइल लेकर आए होंगे। लेकिन जब उन्होंने फाइल देखी तो मामला कुछ और ही निकला।

फाइल में एक ऐसी जमीन का विवरण था जो उत्तर प्रदेश पुलिस की थी, लेकिन उस पर एक कुख्यात माफिया ने कब्जा कर रखा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली, उन्होंने इसे अपने "सबसे प्रिय विषय" से जुड़ा मामला मान लिया।

एयरपोर्ट के पास थी करोड़ों की जमीन

मुख्यमंत्री के अनुसार, डीजीपी ने उन्हें बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब 120 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है।

यह जमीन बेहद मूल्यवान थी और उस पर अवैध रूप से प्लॉटिंग का काम भी शुरू कर दिया गया था। सरकारी रिकॉर्ड में जमीन उत्तर प्रदेश पुलिस की थी, लेकिन वर्षों से उस पर माफिया का कब्जा बना हुआ था।

सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने तुरंत संबंधित दस्तावेज मंगवाए और पूरे मामले की जांच शुरू करवाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह पता लगाया जाए कि जमीन से जुड़े दस्तावेज किस आधार पर तैयार किए गए और किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं।

कानूनी कार्रवाई और बुलडोजर अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच के दौरान पूरी जानकारी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों और विभागों के साथ बैठक की गई। उन्होंने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से भी बातचीत की और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करवाई।

सीएम योगी के अनुसार, जब कब्जाधारियों ने अदालत का रुख किया तो सरकार ने भी कानूनी मोर्चे पर तेजी दिखाई। साथ ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी नहीं की गई और अगले ही दिन प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया गया और पूरी जमीन को मुक्त कराया गया।

आज उसी जमीन पर खड़ा है अत्याधुनिक संस्थान

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जमीन पर कभी अवैध कब्जा था, आज वहीं प्रदेश का आधुनिक फॉरेंसिक साइंस संस्थान संचालित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल एक फॉरेंसिक लैब नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां छात्रों को डिप्लोमा और डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि संस्थान प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अपराध जांच प्रणाली को भी मजबूत बना रहा है।

कानून व्यवस्था पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले नौ वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नई फॉरेंसिक लैब, साइबर क्राइम यूनिट, आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अपराध और माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का परिणाम है कि आज प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

बुजुर्गों के लिए बड़ा ऐलान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बुजुर्गों को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि बढ़ाकर 1500 रुपये किए जाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को भी विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिल सके।

विकास और सुशासन का संदेश

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर जनहित के कार्यों में उपयोग करना ही सुशासन की पहचान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास को आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री के इस बयान और उनके द्वारा सुनाए गए अनुभव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। खासतौर पर "माफिया का सफाया करना मेरा सबसे प्रिय विषय है" वाला बयान राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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