राम मंदिर विवाद पर CM योगी का बड़ा वार, बोले- 500 साल इंतजार किया, अब सिर्फ 15 दिन और धैर्य रखें
अयोध्या/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी विवाद को लेकर बड़ा बयान देते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने अतीत में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, वही आज राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। उन्होंने राम भक्तों से अपील की कि जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की बयानबाजी से बचें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश कभी नहीं भूल सकता कि अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलाने की घटनाएं किस दौर में हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश की सर्वोच्च अदालत में शपथ पत्र देकर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन राजनीतिक दलों ने वर्षों तक श्रीराम मंदिर निर्माण में बाधाएं उत्पन्न करने की कोशिश की, लेकिन अब वही दल अयोध्या को बदनाम करने के नए प्रयास कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी विवाद को लेकर कुछ लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास इस मामले से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज, प्रमाण या जानकारी है तो उसे मीडिया या सोशल मीडिया में प्रचारित करने के बजाय सीधे जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए। इससे जांच में पारदर्शिता बनी रहेगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी भी तथ्य को छिपाने के पक्ष में नहीं है और जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के मुद्दों को उछालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ मामले की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसकी छवि को खराब करने वाले किसी भी षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राम भक्तों से भावनात्मक अपील करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम ने हमेशा मर्यादा और धैर्य का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज ने अपने आराध्य के भव्य मंदिर के लिए लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष किया और लंबे इंतजार के बाद यह सपना साकार हुआ। ऐसे में अगर जांच पूरी होने के लिए कुछ और दिन धैर्य रखना पड़े तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचना चाहिए और जांच एजेंसियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें अयोध्या के बढ़ते गौरव और अंतरराष्ट्रीय पहचान से असहज हैं और इसी कारण वे विभिन्न विवादों के माध्यम से इसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि राम भक्तों को किसी के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है और सच्चाई जल्द ही सबके सामने होगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने अयोध्या के विकास की ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन सरकारों ने वीरांगना झलकारी बाई जैसी महान विभूतियों को उचित सम्मान नहीं दिया और उनकी स्मृति में कोई ठोस कार्य नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इतिहास और संस्कृति से जुड़े महान व्यक्तित्वों को सम्मान देने का काम किया है।
योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें विकास कार्यों के बजाय अन्य मुद्दों में उलझी रहीं, जिसके कारण प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की उपेक्षा हुई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए अनेक परियोजनाएं शुरू कीं और आज यह शहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का विकास करना नहीं बल्कि उनसे जुड़े सांस्कृतिक गौरव को भी पुनर्स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का विकास करोड़ों लोगों की आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद के माध्यम से इस गौरव को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और राम भक्तों को धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि सच्चाई सामने आने में अधिक समय नहीं लगेगा और अयोध्या की प्रतिष्ठा को किसी भी कीमत पर आंच नहीं आने दी जाएगी।

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