कार में पड़ा था पति का शव, उधर प्रेमी संग शादी में ठुमके लगा रही थी पत्नी! CCTV और मोबाइल लोकेशन ने खोला खौफनाक राज
उत्तर प्रदेश से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों और इंसानियत दोनों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। एक 45 वर्षीय व्यक्ति का शव गांव के बाहर गेहूं के खेत में पड़ा मिला। शुरुआत में पुलिस को लगा कि शायद शराब के अत्यधिक सेवन के कारण उसकी मौत हुई होगी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी और मोबाइल लोकेशन से लेकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो ऐसी कहानी सामने आई जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि मृतक की पत्नी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बताए जा रहे लोग एक नहीं, बल्कि दो शादी समारोहों में शामिल हुए। वहां उन्होंने लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और डांस भी किया। उनका मकसद कथित तौर पर यह दिखाना था कि सब कुछ सामान्य है और उन्हें किसी घटना की कोई जानकारी नहीं है।
लेकिन आरोपियों की यह कथित चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। पुलिस ने जब मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को आपस में मिलाया तो पूरी कहानी सामने आने लगी। आइए जानते हैं इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी।
गेहूं के खेत में पड़ा मिला 45 वर्षीय व्यक्ति का शव
मामला 14 फरवरी 2026 का बताया जा रहा है। उस सुबह एक गांव के बाहर गेहूं के खेत में एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। खेत में शव पड़े होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने की कोशिश की। जांच में मृतक की पहचान विकास कॉलोनी निवासी हेमंत दयाल के रूप में हुई। उनकी उम्र करीब 45 साल बताई गई।
शुरुआत में घटनास्थल और परिस्थितियों को देखकर मामला शराब के अत्यधिक सेवन से हुई मौत जैसा लग रहा था। आशंका जताई गई कि व्यक्ति ने ज्यादा शराब पी होगी और इसी वजह से उसकी जान चली गई होगी।
हालांकि, पुलिस ने इस मामले को सामान्य मौत मानकर जांच बंद नहीं की। अधिकारियों को कुछ परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए और मृतक के संपर्कों के बारे में जानकारी एकत्र करनी शुरू की।
पत्नी और प्रेमी के रिश्ते ने जांच को दिया नया मोड़
पुलिस जांच के दौरान मृतक की पत्नी के निजी संबंधों को लेकर कुछ अहम जानकारियां सामने आईं। बताया गया कि महिला के एक अन्य व्यक्ति के साथ लंबे समय से संबंध थे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती जा रही थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि अक्टूबर 2025 में उस व्यक्ति की पत्नी की मौत हो गई थी। इसके बाद उसका मृतक के परिवार से संपर्क और गहरा हो गया था।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान मृतक की पत्नी और उस व्यक्ति के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हेमंत को रास्ते से हटाने की योजना तैयार की।
जांच एजेंसियों का दावा था कि हत्या की साजिश करीब 15 दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। इसके लिए कथित तौर पर मेडिकल स्टोर से एक जहरीला स्प्रे खरीदा गया था।
पुलिस को शक था कि इसी पदार्थ का इस्तेमाल वारदात में किया गया। हालांकि, किसी पदार्थ की वास्तविक भूमिका और उससे मौत होने की पुष्टि फोरेंसिक जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।
शादी में ले जाने की बात कहकर कार में बैठाया
पुलिस की जांच के अनुसार, 14 फरवरी को आरोपियों ने हेमंत को शादी समारोह में ले जाने की बात कही। उन्हें शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिन लोगों के साथ वह कार में बैठ रहे हैं, उनके ऊपर ही हत्या की साजिश रचने का आरोप लगने वाला है।
बताया गया कि हेमंत आरोपियों की बातों में आकर वैगनआर कार में बैठ गए। इसके बाद कार में सफर के दौरान उन्हें शराब पिलाई गई।
पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान कथित जहरीले स्प्रे का इस्तेमाल करके उनकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को कार की अगली सीट पर ही रखा गया।
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने इसके बाद ऐसी गतिविधियां शुरू कीं, जिनका उद्देश्य अपनी भूमिका को छिपाना और लोगों के सामने सामान्य व्यवहार करना था।
कार में मौजूद था शव, आरोपी पहुंच गए दो शादी समारोहों में!
इस पूरे मामले का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा हत्या के बाद की गतिविधियों से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, कार में हेमंत का शव मौजूद था, लेकिन आरोपियों ने अपनी दिनचर्या सामान्य रखने की कोशिश की।
बताया गया कि आरोपी अपने एक अन्य साथी के साथ शादी समारोहों में पहुंच गए। उन्होंने एक नहीं, बल्कि दो शादियों में हिस्सा लिया।
वहां उन्होंने लोगों से मुलाकात की, तस्वीरें खिंचवाईं और शादी के माहौल में डांस भी किया। बाहर से देखने पर ऐसा लग रहा था कि वे बाकी मेहमानों की तरह ही समारोह का आनंद ले रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि किसी को उन पर शक न हो। वे यह दिखाना चाहते थे कि उस दिन सब कुछ सामान्य था और उनका किसी आपराधिक घटना से कोई संबंध नहीं है।
लेकिन जांच के दौरान यही शादी समारोह पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बन गए। वहां मौजूद लोगों और सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।
सुनसान इलाके में खेत के पास फेंका गया शव
पुलिस के अनुसार, दोनों शादी समारोहों में शामिल होने के बाद आरोपी कार लेकर एक सुनसान इलाके की तरफ गए।
इसके बाद हेमंत का शव गांव के बाहर गेहूं के खेत में छोड़ दिया गया और आरोपी वहां से चले गए।
अगली सुबह खेत में शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआत में मौत की वजह को लेकर अलग-अलग आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन पुलिस की जांच ने मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया।
पुलिस ने कार की आवाजाही, संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क और घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़ना शुरू किया।
मोबाइल लोकेशन और CCTV ने खोल दिया पूरा राज
इस मामले में पुलिस के लिए सबसे अहम साबित हुए मोबाइल फोन की लोकेशन और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज।
पुलिस और एसओजी की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके साथ ही संबंधित लोगों के कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि घटना वाले दिन कौन-कौन लोग मृतक के संपर्क में थे और उनकी आवाजाही किन-किन स्थानों पर हुई थी।
कार की गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की लोकेशन का मिलान किया गया। इसके बाद पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ने लगीं।
जांच आगे बढ़ी तो मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और मामले में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई।
12 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई गई और करीब 12 घंटे के भीतर साजिश से जुड़े अहम सुराग मिल गए।
इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी होने की जानकारी दी गई थी।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, कथित जहरीले स्प्रे का डिब्बा और शराब की खाली बोतलें भी बरामद करने का दावा किया।
इन वस्तुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया, ताकि घटना में उनकी भूमिका और मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
एक तरफ खेत में मिली लाश, दूसरी तरफ शादी में मनाया जा रहा था जश्न
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस कथित घटनाक्रम की हो रही है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके हत्याकांड के आरोपी बताए जा रहे लोग शादी समारोहों में शामिल हुए।
एक तरफ हेमंत का शव खेत में पड़ा था और परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, तो दूसरी तरफ आरोपी बताए जा रहे लोग शादी समारोहों में सामान्य मेहमानों की तरह दिखाई दिए।
हालांकि, किसी भी आरोपी का दोष अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होता है। पुलिस की गिरफ्तारी और आरोप अपने आप में दोषसिद्धि नहीं हैं।
फिलहाल इस मामले में मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, बरामद सामान और अन्य साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण आधार बताए जा रहे हैं।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर दिखाया कि अपराध के बाद सामान्य दिखने की कोशिश करने के बावजूद डिजिटल साक्ष्य जांच की दिशा बदल सकते हैं। जिस मोबाइल लोकेशन और CCTV को आरोपी नजरअंदाज कर गए, वही कथित साजिश का पर्दाफाश करने में पुलिस के लिए अहम साबित हुए।

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