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स्कूल प्रबंधक की कार की डिग्गी में छिपा था महिला टीचर का शव! पूरे दिन शहर में घूमता रहा आरोपी, शाम को जो किया उसने उड़ा दिए सबके होश



उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने शिक्षक जगत और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक महिला टीचर की हत्या के मामले में पुलिस ने उसी स्कूल के प्रबंधक को गिरफ्तार किया है, जहां वह पढ़ाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्कूल प्रबंधक विजय निषाद और मृतका रानी विश्वकर्मा के बीच नजदीकी संबंध थे। विजय पहले से शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं। आरोप है कि रानी उससे शादी करना चाहती थी और इस बात को लेकर लगातार दबाव बना रही थी। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

पुलिस का दावा है कि 31 अक्टूबर 2026 को विजय ने अपनी कार में ही रानी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को कार की डिग्गी में छिपा दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी कथित तौर पर शव को कार में रखकर पूरे दिन शहर और आसपास के इलाकों में घूमता रहा। उसने शाम होने का इंतजार किया और फिर देवरिया के रुद्रपुर इलाके में एक स्कूल के पास शव फेंककर फरार हो गया।

अगले दिन शव की पहचान रानी विश्वकर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्कूल प्रबंधक विजय निषाद को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

कौन थीं रानी विश्वकर्मा, कहां करती थीं नौकरी?

मृतका रानी विश्वकर्मा मूल रूप से गोरखपुर जिले के झंगहा थाना क्षेत्र के खुरुहरी गांव की रहने वाली थीं। वह चौरी-चौरा इलाके के नई बाजार स्थित वीएन सेंट्रल एकेडमी में शिक्षिका के तौर पर काम करती थीं। इसी स्कूल का प्रबंधन विजय निषाद संभालता था। वह देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, स्कूल में काम करने के दौरान ही रानी और विजय के बीच नजदीकी संबंध बन गए थे। जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, विजय पहले से विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं। दूसरी तरफ रानी उससे शादी करना चाहती थीं। पुलिस का कहना है कि शादी को लेकर दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था।

हालांकि, इस संबंध और विवाद से जुड़ी बातें फिलहाल पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आए आरोपों पर आधारित हैं। मामले की पूरी सच्चाई अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्कूल पहुंचते ही फिर उठा शादी का मुद्दा

पुलिस के मुताबिक, 31 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे रानी स्कूल पहुंची थीं। वहां उनकी मुलाकात स्कूल प्रबंधक विजय निषाद से हुई। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान रानी ने एक बार फिर शादी का मुद्दा उठाया। वह विजय से शादी करना चाहती थीं और इस संबंध में जवाब मांग रही थीं।

पुलिस का दावा है कि विजय ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों के बीच बात नहीं बनी। शादी को लेकर हुई बातचीत के बाद विवाद बढ़ गया। इसके बाद सुबह करीब 9:15 बजे विजय अपनी कार से रानी को लेकर मीठा बेल गांव के बाहर एक सुनसान कच्चे रास्ते पर पहुंचा।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यही वह जगह थी जहां वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का आरोप है कि कार की बीच वाली सीट पर विजय ने रानी का गला दबा दिया। दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को कार की डिग्गी में रख दिया और उसे ढक दिया, ताकि किसी को शक न हो।

कार की डिग्गी में शव रखकर पूरे दिन घूमता रहा आरोपी

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू हत्या के बाद की घटनाओं से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, रानी की हत्या करने के बाद विजय ने तत्काल शव को ठिकाने नहीं लगाया। उसने शव को कार की डिग्गी में छिपाया और शाम होने का इंतजार करने लगा।

इस दौरान आरोपी शहर और आसपास के इलाकों में कार लेकर घूमता रहा। पुलिस का कहना है कि वह चौरी-चौरा की तरफ भी गया था। यानी जिस कार में एक महिला का शव छिपा हुआ था, उसी कार से आरोपी कई जगहों पर घूमता रहा।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि रास्ते में बनकट और बैरागी के बीच आरोपी ने रानी का मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया। उसका एटीएम कार्ड भी रास्ते में फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस इन वस्तुओं को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर उनकी बरामदगी और घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।

जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि आरोपी ने मोबाइल और एटीएम कार्ड को रास्ते में क्यों फेंका। क्या वह पुलिस को गुमराह करना चाहता था या मृतका की पहचान और घटनाक्रम से जुड़े सुराग मिटाने की कोशिश कर रहा था? पुलिस इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

शाम होते ही स्कूल के पास फेंक दिया शव

पुलिस के मुताबिक, शाम होने के बाद विजय निषाद देवरिया के रुद्रपुर इलाके में पहुंचा। वहां श्रीनेत ग्लोबल स्कूल के पास उसने रानी का शव फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।

सड़क किनारे शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की।

शुरुआत में शव की पहचान करना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती थी। इसके बाद जांच और पहचान संबंधी कार्रवाई के दौरान मृतका की पहचान रानी विश्वकर्मा के रूप में हुई। पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने उनके परिवार और परिचितों से संपर्क किया तथा मामले की जांच को आगे बढ़ाया।

पुलिस ने स्कूल प्रबंधक को कैसे पकड़ा?

शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले के हर पहलू की जांच शुरू की। मृतका की नौकरी, स्कूल से जुड़े लोगों, परिचितों और उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान स्कूल प्रबंधक विजय निषाद का नाम सामने आया।

पुलिस ने उससे पूछताछ की और जांच के दौरान मिले तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में हत्या से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।

मोबाइल और एटीएम कार्ड फेंकने के पीछे क्या थी मंशा?

इस हत्याकांड में मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड से जुड़ा पहलू भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर रानी का मोबाइल तोड़कर रास्ते में फेंक दिया था। एटीएम कार्ड भी फेंके जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वस्तुओं को कहां फेंका गया और क्या उन्हें बरामद किया जा सकता है। मोबाइल फोन से मिलने वाली डिजिटल जानकारी, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद कर सकते हैं।

इसके साथ ही पुलिस कार की गतिविधियों, घटनास्थल और शव मिलने की जगह के बीच की कड़ियों को भी जोड़ रही है। जांच में यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि आरोपी ने किस रास्ते से यात्रा की और हत्या के बाद किन-किन स्थानों पर गया।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

रानी विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। क्या शादी को लेकर हुआ विवाद ही हत्या की वजह बना? क्या आरोपी ने पहले से वारदात की योजना बनाई थी? हत्या के बाद वह पूरे दिन कार लेकर क्यों घूमता रहा? मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड फेंकने के पीछे उसकी क्या मंशा थी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और पेशेवर संबंधों में पैदा होने वाले विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक शिक्षिका, जो रोजाना बच्चों को पढ़ाने स्कूल जाती थी, उसी स्कूल के प्रबंधक पर उसकी हत्या का आरोप लगा है।

फिलहाल पुलिस ने विजय निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में सामने आए सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है। पुलिस साक्ष्य जुटाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है। रानी विश्वकर्मा की हत्या की असली वजह और वारदात से जुड़ी हर जानकारी अब आगे की जांच में सामने आने की उम्मीद है।

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