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UP के सहारा निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान! अब 50 हजार की लिमिट खत्म, पूरी जमा रकम वापस पाने के लिए कर सकेंगे दावा!



उत्तर प्रदेश में सहारा इंडिया की विभिन्न सहकारी समितियों में अपनी जिंदगीभर की कमाई जमा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से रिफंड का इंतजार कर रहे जमाकर्ताओं को अब अपनी पूरी दावा राशि के लिए आवेदन करने की सुविधा मिल रही है। यानी अब निवेशकों को 50 हजार या 10 लाख रुपये तक की सीमा में ही अपना दावा सीमित रखने की जरूरत नहीं है। सहकारिता मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पात्र जमाकर्ता किसी भी कुल दावा राशि के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।

इस अपडेट के बाद उन लोगों को खास उम्मीद मिली है, जिनकी सहारा की विभिन्न सहकारी समितियों में लाखों रुपये की जमा राशि फंसी हुई है। हालांकि, पूरी रकम के लिए आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि सरकार तुरंत पूरी जमा राशि खाते में भेज देगी। आवेदन की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और पात्रता की पुष्टि के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जनवरी 2026 तक उत्तर प्रदेश से सहारा रिफंड पोर्टल पर 35,66,550 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 10,79,800 आवेदनों की प्रक्रिया पूरी हुई और 2,228.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, 22 अक्टूबर 2026 तक देशभर में 9,585 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लौटाए जाने की जानकारी सामने आई है।

यूपी के 35 लाख से ज्यादा लोगों ने रिफंड के लिए आवेदन किया

सहारा रिफंड के मामले में उत्तर प्रदेश के आंकड़े काफी बड़े हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 35 लाख 66 हजार 550 जमाकर्ताओं ने रिफंड पोर्टल पर आवेदन किया था। इनमें से 10 लाख 79 हजार 800 आवेदनों की प्रक्रिया पूरी की गई थी।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के जमाकर्ताओं को कुल 2,228.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में कितने परिवारों की मेहनत की कमाई सहारा की सहकारी समितियों में फंसी हुई है।

कई ऐसे निवेशक भी हैं, जिन्होंने अपनी छोटी-छोटी बचत, बच्चों की पढ़ाई, शादी और भविष्य की जरूरतों के लिए पैसा जमा किया था। अब पूरी दावा राशि के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलने से ऐसे जमाकर्ताओं को उम्मीद है कि उनका दावा पहले की तुलना में ज्यादा आसानी से प्रक्रिया में आ सकेगा।

अब 50 हजार या 10 लाख की सीमा नहीं, पूरी रकम का कर सकेंगे दावा

सहारा रिफंड को लेकर सबसे बड़ा अपडेट दावा राशि से जुड़ा है। पहले निवेशकों के बीच यह चर्चा थी कि उन्हें केवल 50 हजार रुपये या अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि के लिए ही आवेदन करने की सुविधा मिल रही है। लेकिन सहकारिता मंत्रालय की नई जानकारी के अनुसार, जमाकर्ता अब किसी भी कुल दावा राशि के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।

इसका मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति की सहारा की पात्र सहकारी समिति में जमा रकम 10 लाख रुपये से अधिक है, तो वह भी अपनी पूरी दावा राशि का विवरण आवेदन में दे सकता है। इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है, जिनकी बड़ी रकम लंबे समय से वापस नहीं आई है।

लेकिन निवेशकों को एक महत्वपूर्ण बात समझनी होगी। पूरी जमा रकम का दावा स्वीकार करने और पूरी रकम का भुगतान होने में अंतर है। आवेदन में दावा राशि दर्ज करने के बाद संबंधित समिति और अधिकारी जमा प्रमाणपत्र, सदस्यता संख्या, खाते का विवरण तथा अन्य दस्तावेजों का मिलान करेंगे। भुगतान केवल सत्यापन के बाद पात्र पाए गए दावों पर ही किया जाएगा।

सहारा रिफंड के लिए जारी किए गए तीन हेल्पलाइन नंबर

रिफंड प्रक्रिया के दौरान कई निवेशकों को आवेदन, दस्तावेज, पात्रता और भुगतान की स्थिति को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जमाकर्ताओं की सहायता के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

  • 011-44716198

  • 011-44716498

  • 011-44716887

इन नंबरों के माध्यम से निवेशक रिफंड से जुड़ी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबरों में बदलाव या तकनीकी समस्या की संभावना को देखते हुए संपर्क करने से पहले आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी की पुष्टि कर लें।

इन चार सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं को मिलेगा लाभ

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से हर सहारा कंपनी में जमा पैसा वापस नहीं मिलता। यह सुविधा फिलहाल सहारा समूह की चार निर्धारित बहुराज्यीय सहकारी समितियों के पात्र जमाकर्ताओं के लिए है।

इन समितियों के नाम हैं:

  1. सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ

  2. सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल

  3. हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता

  4. स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद

यदि किसी व्यक्ति ने इन चार समितियों में पैसा जमा किया है और उसके पास जमा राशि से संबंधित वैध प्रमाण हैं, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकता है। दूसरी सहारा कंपनियों या अन्य संस्थाओं में जमा रकम को इस पोर्टल के तहत स्वतः पात्र नहीं माना जाना चाहिए।

घर बैठे ऐसे करें सहारा रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन

जमाकर्ताओं को रिफंड के लिए किसी एजेंट या बिचौलिए के पास जाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है। निवेशक आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल पर जाकर घर बैठे अपना दावा जमा कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी:

  • आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर।

  • आधार से जुड़ा बैंक खाता।

  • सहारा समिति की सदस्यता संख्या।

  • जमा खाते या प्रमाणपत्र की जानकारी।

  • जमा राशि की रसीद या डिपॉजिट सर्टिफिकेट।

  • पोर्टल पर मांगे गए अन्य जरूरी दस्तावेज।

आवेदन करने का तरीका:

  1. सबसे पहले आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल खोलें।

  2. जमाकर्ता लॉगिन या उपलब्ध आवेदन विकल्प को चुनें।

  3. आधार से जुड़ी जरूरी जानकारी और ओटीपी के माध्यम से पहचान सत्यापित करें।

  4. अपनी सहकारी समिति, सदस्यता संख्या और जमा खाते का विवरण भरें।

  5. जमा राशि से संबंधित प्रमाण और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।

  6. सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांचने के बाद आवेदन जमा करें।

  7. आवेदन जमा होने पर मिलने वाला क्लेम रिक्वेस्ट नंबर सुरक्षित रखें।

आवेदन करने से पहले सभी जानकारियों का मिलान करना जरूरी है। गलत खाता संख्या, गलत सदस्यता विवरण या अस्पष्ट दस्तावेज के कारण आवेदन में कमी आ सकती है।

पहले आवेदन किया है, लेकिन पैसा नहीं मिला तो क्या करें?

कई निवेशकों ने पहले ही रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन उनके आवेदन में दस्तावेजों या अन्य जानकारियों से संबंधित कमी बताई गई। ऐसे लोगों को नया आवेदन करने के बजाय अपने पुराने आवेदन की स्थिति जांचनी चाहिए।

यदि पोर्टल पर आवेदन में कमी यानी Deficiency Communicated का संदेश आया है, तो उसमें बताई गई गलती को सुधारना होगा। इसके लिए सरकार ने अलग री-सबमिशन पोर्टल उपलब्ध कराया है।

आवेदक आधिकारिक सीआरसीएस री-सबमिशन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी में सुधार कर सकते हैं। यह पोर्टल पहले जमा किए गए आवेदन में बताई गई कमियों को सुधारने के लिए है। इसलिए बिना जरूरत नया आवेदन करने के बजाय पुराने क्लेम की स्थिति और उसमें दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

30 दिन और 15 दिन की प्रक्रिया को समझें

सहारा रिफंड की प्रक्रिया में आवेदन जमा होने के बाद संबंधित सहकारी समिति को दावे का सत्यापन करने के लिए 30 दिनों तक का समय दिया जाता है। इसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर आवेदन की स्थिति की जानकारी एसएमएस या पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है।

इस तरह सामान्य प्रक्रिया में 45 दिनों के भीतर आवेदन की स्थिति से संबंधित जानकारी मिलने का प्रावधान बताया गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को 45 दिनों के भीतर पूरी रकम मिलना तय है। यदि दस्तावेजों में कमी है, रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो रहा है या आवेदन की जांच लंबित है, तो भुगतान में अधिक समय लग सकता है।

निवेशक इन गलतियों से जरूर बचें

रिफंड का इंतजार कर रहे लोगों को ठगी से भी सावधान रहना चाहिए। कई बार साइबर ठग सरकारी अधिकारी या रिफंड एजेंट बनकर निवेशकों से संपर्क कर सकते हैं। वे जल्दी पैसा दिलाने के नाम पर फीस, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी मांग सकते हैं।

जमाकर्ताओं को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • रिफंड आवेदन जमा करने के लिए किसी अनजान व्यक्ति को शुल्क न दें।

  • किसी अनजान व्यक्ति को आधार ओटीपी नहीं बताएं।

  • बैंक खाते का पासवर्ड, एटीएम पिन या यूपीआई पिन साझा न करें।

  • केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करें।

  • आवेदन और क्लेम रिक्वेस्ट नंबर सुरक्षित रखें।

  • किसी एजेंट के जल्दी रिफंड दिलाने के वादे पर भरोसा न करें।

क्या अब सहारा में फंसा पूरा पैसा वापस मिल जाएगा?

सहारा निवेशकों के लिए पूरी दावा राशि के आवेदन की सुविधा निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण अपडेट है। उत्तर प्रदेश में 35 लाख से अधिक आवेदन आने और हजारों करोड़ रुपये का भुगतान होने के आंकड़े बताते हैं कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। देशभर में भी रिफंड की रकम लगातार बढ़ रही है।

लेकिन निवेशकों को यह समझना होगा कि पूरी रकम का दावा करने की अनुमति और पूरी रकम का भुगतान दो अलग-अलग बातें हैं। भुगतान के लिए जमा राशि का रिकॉर्ड, समिति की पात्रता, दस्तावेजों का सत्यापन और संबंधित नियमों का पालन जरूरी है।

इसलिए यदि आपका पैसा भी सहारा की इन चार सहकारी समितियों में फंसा है, तो सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपनी पात्रता और आवेदन की स्थिति जांचें। सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें। लंबे समय से अपने पैसे का इंतजार कर रहे जमाकर्ताओं के लिए अब सबसे अहम बात यही है कि उनका दावा सही तरीके से दर्ज हो और सत्यापन के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़े।

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