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पटना में किराए के कमरे से निकला शराब का ‘खजाना’! 2497 बोतलें देखकर अफसर भी रह गए दंग

 


पटना: बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। राजधानी पटना में मद्य निषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी शराब का भारी जखीरा बरामद किया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के महुआबाग इलाके में एक किराए के कमरे पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों को इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिली कि टीम भी हैरान रह गई। कार्रवाई में कुल 2,497 बोतलें, यानी 733.090 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 8.80 लाख रुपये बताई गई है।

इस मामले में मद्य निषेध विभाग ने रंजन कुमार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान शराब की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक शराब की खेप दूसरे राज्यों से पटना लाई जाती थी और इसके बाद राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किए जाने की आशंका है।

किराए के कमरे में छिपाकर रखा था शराब का जखीरा

मद्य निषेध विभाग को महुआबाग इलाके में शराब की अवैध खेप रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में कार्रवाई की और एक किराए के कमरे की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान कमरे में शराब की बोतलें देखकर अधिकारी भी चौंक गए। कमरे में अलग-अलग पैकिंग में अंग्रेजी शराब की बड़ी मात्रा जमा करके रखी गई थी।

विभाग के अनुसार कुल 2,497 बोतलें बरामद हुईं। शराब की कुल मात्रा 733.090 लीटर आंकी गई है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। छापेमारी के बाद संबंधित कमरे को सील कर दिया गया और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

रंजन कुमार गिरफ्तार, पूछताछ में सामने आया सप्लाई नेटवर्क

इस कार्रवाई में राजाबाजार निवासी रंजन कुमार को गिरफ्तार किया गया। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब पटना तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि शराब की खेप उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से मंगाई जाती थी। इसके बाद पटना में इसे अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी।

हालांकि, पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। विभाग इस मामले में सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहा है।

तीन राज्यों से पटना तक पहुंच रही थी शराब?

इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू शराब की कथित सप्लाई का अंतरराज्यीय नेटवर्क है। अगर पूछताछ में सामने आई जानकारी जांच में सही पाई जाती है तो मामला सिर्फ एक किराए के कमरे में शराब रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे कई राज्यों से जुड़ी सप्लाई चेन की जांच करनी होगी।

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा से शराब बिहार तक पहुंचने के रास्ते, परिवहन के साधन और पटना में इसके संभावित खरीदारों या सप्लायरों की पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

अधिकारियों की जांच का फोकस अब इसी बात पर रहने की संभावना है कि शराब की इतनी बड़ी खेप किन माध्यमों से पटना पहुंचाई गई और इसे किन इलाकों में खपाने की तैयारी थी।

शराबबंदी के बीच लगातार सामने आ रहे तस्करी के मामले

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब की बरामदगी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। जून 2026 में जारी बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक राज्य में करीब 201 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई थी और शराबबंदी से जुड़े मामलों में 56,904 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अवैध शराब की सप्लाई रोकना प्रशासन के सामने लगातार बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी क्रम में पटना में हुई यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इससे पहले भी पटना और आसपास के इलाकों में अलग-अलग तरीकों से शराब की तस्करी के मामले सामने आए हैं। कई मामलों में शराब वाहनों में छिपाकर ले जाते हुए पकड़ी गई, जबकि कुछ मामलों में किराए के मकान या दूसरे स्थानों को स्टोरेज प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।

अब नेटवर्क के दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश

करीब 8.80 लाख रुपये की शराब की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

रंजन कुमार से पूछताछ के आधार पर शराब की खरीद, परिवहन, भंडारण और संभावित सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास करेगा कि महुआबाग में किराए का कमरा कब से इस्तेमाल किया जा रहा था और यहां से शराब की सप्लाई किन-किन स्थानों पर की जाती थी।

यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कमरे से निकलता रहा शराब का जखीरा, इलाके में मची हलचल

महुआबाग में किराए के कमरे से इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने की खबर सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा तेज हो गई। आमतौर पर किराए के कमरों में घरेलू सामान या सामान्य गतिविधियां होती हैं, लेकिन यहां से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों शराब की बोतलें बरामद हुईं।

एक ही स्थान पर 2,497 बोतलों का मिलना इस बात की ओर संकेत करता है कि कमरे का इस्तेमाल केवल थोड़ी मात्रा में शराब रखने के लिए नहीं, बल्कि बड़ी खेप के भंडारण के लिए किया जा रहा था—हालांकि इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आगे क्या होगा?

मद्य निषेध विभाग अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध सुरागों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शराब की खेप किन लोगों ने भेजी, इसे पटना में किसे उपलब्ध कराया जाना था और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

फिलहाल 733.090 लीटर शराब और 2,497 बोतलों की बरामदगी तथा एक व्यक्ति की गिरफ्तारी इस कार्रवाई का सबसे बड़ा नतीजा है।

पटना में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की सप्लाई को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब देखने वाली बात होगी कि रंजन कुमार से पूछताछ के बाद जांच टीम इस कथित नेटवर्क की कितनी गहराई तक पहुंच पाती है।

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