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111 साल की उम्र में भी फिट हैं 15 बच्चों की मां! न महंगी दवाइयां, न खास डाइट… इस बुजुर्ग महिला की लंबी उम्र का राज जानकर रह जाएंगे हैरान

 


दुनिया में लंबी उम्र जीने की चाहत हर किसी की होती है। कोई इसके लिए महंगी डाइट अपनाता है, तो कोई हेल्थ सप्लीमेंट और दवाइयों का सहारा लेता है। कुछ लोग रोजाना घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, जबकि कई लोग अपनी सेहत को बेहतर रखने के लिए अलग-अलग तरह के नुस्खे आजमाते हैं। लेकिन ब्राजील की 111 साल की यूनिस अनिसियो दा सिल्वेरा की जिंदगी इन सबसे बिल्कुल अलग है। उनकी जीवनशैली इतनी साधारण है कि उनके लंबे जीवन की कहानी सुनकर कोई भी हैरान रह जाए।

यूनिस 15 बच्चों की मां हैं। उनके परिवार में 50 पोते-पोतियां, 88 परपोते-परपोतियां और 52 उनसे भी अगली पीढ़ी के बच्चे हैं। यानी उनकी जिंदगी कई पीढ़ियों के प्यार और साथ से भरी हुई है। जब उनसे पूछा जाता है कि आखिर 111 साल तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने का राज क्या है, तो उनका जवाब किसी महंगे हेल्थ सप्लीमेंट या विदेशी सुपरफूड से जुड़ा नहीं होता।

उनकी दिनचर्या में जल्दी सोना, सुबह जल्दी उठना, खूब दूध पीना और अपनी जमीन पर उगाए गए खाद्य पदार्थ खाना शामिल रहा है। यूनिस की कहानी यह बताती है कि सादगी भरी जिंदगी भी कितनी खूबसूरत हो सकती है। हालांकि, उनकी लंबी उम्र के पीछे केवल खान-पान को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। उम्र बढ़ने में आनुवंशिकी, जीवनशैली और सामाजिक संबंधों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

111 साल की उम्र, लेकिन जीवनशैली बिल्कुल साधारण

यूनिस अनिसियो दा सिल्वेरा का जन्म वर्ष 1915 में हुआ था। उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण परिवेश में बिताया। प्रकृति के करीब रहना, अपनी जमीन पर उगाई गई चीजों का इस्तेमाल करना और नियमित दिनचर्या अपनाना उनकी जिंदगी का हिस्सा रहा।

परिवार के मुताबिक, यूनिस हमेशा से जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत रखती थीं। उनके खान-पान में दूध और घर में उगाए गए अनाज तथा सब्जियों को खास जगह मिली। उनका जीवन किसी आधुनिक फिटनेस प्लान या महंगे डाइट चार्ट के इर्द-गिर्द नहीं घूमता था।

ग्रामीण जीवन में नियमित रूप से सक्रिय रहना और रोजमर्रा के कामों में व्यस्त रहना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा। यही वजह है कि उनकी जीवनशैली आज लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

परिवार का दावा है कि यूनिस अपनी जिंदगी में कभी गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ीं और उन्होंने दवाइयों का सहारा भी नहीं लिया। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत जीवन यात्रा है। इसे सभी लोगों के लिए लंबी उम्र का निश्चित फॉर्मूला नहीं माना जाना चाहिए। हर व्यक्ति की सेहत, शरीर और जरूरतें अलग होती हैं।

15 बच्चों की मां, परिवार में कई पीढ़ियों का साथ

यूनिस की जिंदगी का सबसे खास पहलू उनका बड़ा परिवार है। उन्होंने अपने जीवन में 15 बच्चों का पालन-पोषण किया। आज उनका परिवार कई पीढ़ियों तक फैल चुका है।

बताया जाता है कि उनके परिवार में 50 पोते-पोतियां, 88 परपोते-परपोतियां और 52 उनसे भी अगली पीढ़ी के बच्चे हैं। इस तरह उनके आसपास परिवार के सदस्यों की कई पीढ़ियां मौजूद हैं।

परिवार का साथ और अपनों के बीच रहना उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर भी परिवार के सदस्य उनके साथ समय बिताते हैं और खास मौकों पर एक साथ जुटते हैं।

परिवार के मुताबिक, उनके 9 बच्चे अभी जीवित हैं। जन्मदिन के मौके पर परिवार के सदस्य एकत्र होकर उनके साथ खुशियां मनाते हैं। 17 अक्टूबर को परिवार ने उनका जन्मदिन मनाया, जबकि उनका वास्तविक जन्मदिन 21 अक्टूबर बताया गया है।

16 साल की उम्र में हुई थी शादी, 74 साल तक निभाया साथ

यूनिस की निजी जिंदगी भी किसी लंबी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने 26 फरवरी 1932 को महज 16 साल की उम्र में ओसवाल्डो डी कार्वाल्हो लागे से शादी की थी।

दोनों ने करीब 74 साल और 10 महीने तक एक-दूसरे का साथ निभाया। इस दौरान उन्होंने मिलकर 15 बच्चों का पालन-पोषण किया और परिवार को आगे बढ़ाया।

वर्ष 2007 में ओसवाल्डो का निधन हो गया। इसके बाद यूनिस ने जीवन के अगले पड़ाव में अपने परिवार के बीच समय बिताया। इतने लंबे वैवाहिक जीवन और बड़े परिवार की कहानी उनके जीवन को और खास बनाती है।

आज जब उनके परिवार की कई पीढ़ियां एक साथ मौजूद हैं, तो यूनिस के पास अपने जीवन के अनुभवों और यादों का एक विशाल संसार है।

यूनिस ने अपनी आंखों से देखा एक सदी से ज्यादा का इतिहास

यूनिस की उम्र का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका जन्म 1915 में हुआ था। वह वाटरलू की ऐतिहासिक लड़ाई के ठीक 100 साल बाद पैदा हुई थीं। वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन बोनापार्ट को हार का सामना करना पड़ा था।

उस समय दुनिया का रहन-सहन, यातायात, चिकित्सा और संचार व्यवस्था आज से बिल्कुल अलग थी। टेलीफोन और रेडियो जैसी तकनीकों का इस्तेमाल धीरे-धीरे बढ़ रहा था। आज दुनिया इंटरनेट, स्मार्टफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पहुंच चुकी है।

यूनिस ने एक सदी से अधिक समय में समाज और दुनिया को बदलते देखा है। उनके जीवन का यह सफर केवल लंबी उम्र की कहानी नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों के बदलाव का गवाह भी है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक लंबी उम्र के पीछे क्या हैं कारण?

यूनिस की कहानी के बीच यह समझना भी जरूरी है कि विज्ञान लंबी उम्र को किस तरह देखता है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा सहित विभिन्न स्वास्थ्य शोधों में बताया गया है कि लंबा और स्वस्थ जीवन केवल किसी एक खाद्य पदार्थ या आदत पर निर्भर नहीं करता।

इसके पीछे कई कारक एक साथ काम करते हैं। इनमें आनुवंशिकी, खान-पान, शारीरिक गतिविधियां, नींद, पर्यावरण और सामाजिक संबंध शामिल हैं।

1. संतुलित खान-पान

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन बेहद जरूरी है। साबुत अनाज, फल, हरी सब्जियां, दालें, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। केवल दूध पीने या किसी एक खाद्य पदार्थ को खाने से लंबी उम्र की गारंटी नहीं मिलती।

2. रोजाना शारीरिक गतिविधियां

नियमित रूप से पैदल चलना, हल्का व्यायाम करना और रोजमर्रा के कामों में सक्रिय रहना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे मांसपेशियों की मजबूती, दिल की सेहत और शरीर की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है।

3. पर्याप्त और अच्छी नींद

अच्छी नींद शरीर और दिमाग दोनों के लिए जरूरी है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर को आराम मिलता है और कई जरूरी जैविक प्रक्रियाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं। नियमित सोने और जागने का समय भी अच्छी नींद की आदत बनाने में मदद कर सकता है।

4. परिवार और दोस्तों का साथ

मानसिक स्वास्थ्य और लंबी उम्र के बीच सामाजिक संबंधों की भी अहम भूमिका होती है। परिवार और दोस्तों के साथ मजबूत रिश्ते अकेलेपन और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। यूनिस की जिंदगी में परिवार की कई पीढ़ियों का साथ इस पहलू को खास बनाता है।

5. आनुवंशिकी और पर्यावरण

किसी व्यक्ति की उम्र कितनी होगी, इसमें उसके जीन और जीवनभर का वातावरण भी भूमिका निभाते हैं। परिवार में लंबी उम्र का इतिहास, स्वच्छ वातावरण, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और जीवन की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

क्या दूध पीने और देसी खाना खाने से 111 साल जी सकते हैं?

यूनिस की कहानी पढ़ने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या रोज दूध पीने और घर का खाना खाने से लंबी उम्र पाई जा सकती है? इसका जवाब इतना आसान नहीं है।

दूध प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का स्रोत है। वहीं, घर में उगाए गए अनाज और सब्जियां संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन केवल इन चीजों के सेवन से कोई व्यक्ति 100 या 111 साल तक जीवित रहेगा, इसकी वैज्ञानिक गारंटी नहीं है।

लंबी उम्र के लिए शरीर की जरूरत के अनुसार भोजन करना, नियमित गतिविधियां बनाए रखना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना जरूरी है। किसी भी तरह की बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेना चाहिए। दवाइयों से बचना अपने आप में स्वस्थ रहने का प्रमाण नहीं है।

यूनिस की कहानी से क्या सीख मिलती है?

111 साल की यूनिस अनिसियो दा सिल्वेरा की जिंदगी लोगों को कई बातें सिखाती है। उनकी कहानी में सादगी, नियमित दिनचर्या, प्रकृति के करीब रहना और परिवार के साथ का खास स्थान दिखाई देता है।

उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि उन्होंने अपने परिवार की कई पीढ़ियों को एक साथ बढ़ते देखा है। 15 बच्चों की मां होने से लेकर पोते-पोतियों और उनसे आगे की पीढ़ियों तक फैले परिवार का हिस्सा बनने तक उनका सफर बेहद खास रहा है।

हालांकि, उनकी उम्र को किसी एक घरेलू नुस्खे या खान-पान का परिणाम बताना सही नहीं होगा। लंबी उम्र के पीछे कई जैविक और सामाजिक कारण हो सकते हैं।

यूनिस की कहानी का असली संदेश यही है कि अच्छी जिंदगी केवल महंगे खान-पान और आधुनिक सुविधाओं से नहीं बनती। संतुलित जीवनशैली, नियमित दिनचर्या, अपनों का साथ और स्वस्थ आदतें जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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