सोना-चांदी खरीदने से पहले रुकिए! आज के भाव ने किया बड़ा खेल, जानिए अब आगे क्या होगा?
Gold Silver Price Today 29 October 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों को लेकर निवेशकों और खरीदारों की नजर बनी हुई है। एक तरफ सोने की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों के बीच उतार-चढ़ाव जारी है, तो दूसरी तरफ चांदी पर दबाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने के बावजूद बाजार में दिसंबर की संभावित दर बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तेज है। इसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
आज कितना है सोने का भाव?
29 अक्टूबर को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,43,950 प्रति 10 ग्राम बताई गई है। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹1,31,950 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,07,960 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है।
सुबह के कारोबार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर भी दर्ज किया गया। इससे साफ है कि सोना अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, हालांकि पिछले कुछ समय की तुलना में इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
चांदी के भाव में फिर गिरावट
सोने की तुलना में चांदी पर दबाव ज्यादा दिखाई दे रहा है। खुदरा बाजार में 29 अक्टूबर को चांदी करीब ₹215 प्रति ग्राम, यानी लगभग ₹2,15,000 प्रति किलोग्राम के आसपास रही। एक दिन पहले यह करीब ₹220 प्रति ग्राम थी। यानी चांदी के भाव में लगभग ₹5 प्रति ग्राम की गिरावट देखने को मिली।
MCX पर भी चांदी में कमजोरी दिखाई दी। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी करीब ₹1.93 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई। कारोबार के दौरान इसमें लगभग 0.5 फीसदी से 1 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई।
MCX पर सोने का क्या हाल?
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमत भी स्थिर नहीं है। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड करीब ₹1,43,600–₹1,43,900 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सोने में मामूली मजबूती और कमजोरी दोनों देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर है। यदि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं ब्याज दरों को लेकर नरम रुख या वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने को फिर से सुरक्षित निवेश की मांग मिल सकती है।
फेड के फैसले का सोने पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी हालिया बैठक में ब्याज दर को 3.75% से 4% के दायरे में बरकरार रखा है। हालांकि बाजार में दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना को लेकर उम्मीद बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार फेड के अगले कदम को लेकर ट्रेडर्स काफी सतर्क हैं।
आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती है। इसकी वजह यह है कि सोना कोई नियमित ब्याज नहीं देता। जब बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेशों पर रिटर्न बढ़ने की उम्मीद होती है तो कुछ निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरी परिसंपत्तियों में लगा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को स्पॉट गोल्ड करीब $4,024.22 प्रति औंस तक गिर गया और इसमें लगभग 1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। चांदी में भी करीब 2.3 फीसदी की गिरावट आई।
इस समय बाजार की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी है। महंगाई से जुड़े आंकड़े यह संकेत दे सकते हैं कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है।
क्या सोना फिर महंगा होगा?
यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। सोने में आगे तेजी आएगी या गिरावट, इसका सीधा अनुमान लगाना मुश्किल है। बाजार में कई ऐसे कारक हैं जो सोने को प्रभावित कर रहे हैं।
अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है, केंद्रीय बैंकों की खरीद मजबूत रहती है या निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों में मांग बढ़ती है तो सोने को सहारा मिल सकता है। दूसरी तरफ डॉलर मजबूत होने और अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर सोने पर दबाव बना रह सकता है।
चीन से भी सोने की मांग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। Reuters के अनुसार सितंबर में हांगकांग के रास्ते चीन का शुद्ध सोना आयात पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा और इसमें पिछले महीने की तुलना में 28 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई।
चांदी के लिए आगे क्या संकेत?
चांदी में आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। चांदी केवल आभूषण और निवेश के लिए इस्तेमाल नहीं होती, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र में भी उपयोग किया जाता है। इसलिए वैश्विक औद्योगिक गतिविधि, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य इंडस्ट्रियल सेक्टर की मांग भी चांदी की कीमत को प्रभावित करती है।
फिलहाल MCX पर चांदी में कमजोरी सोने के मुकाबले ज्यादा दिखाई दे रही है। अगर डॉलर मजबूत रहता है और वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहती है तो चांदी पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।
खरीदारों के लिए क्या है सलाह?
अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो एक ही दिन में पूरी खरीदारी करने के बजाय बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना बेहतर हो सकता है। खासकर बड़ी रकम निवेश करने वाले लोगों को केवल एक दिन के भाव को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
आभूषण खरीदते समय केवल सोने के रेट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। मेकिंग चार्ज, GST, हॉलमार्क और ज्वेलर के अन्य शुल्क भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले अंतिम बिल की पूरी जानकारी जरूर लें।
आज का सार
29 अक्टूबर 2026 को सोने का खुदरा भाव करीब ₹1,43,950 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) और ₹1,31,950 प्रति 10 ग्राम (22 कैरेट) के आसपास रहा। वहीं चांदी करीब ₹2.15 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही। MCX में सोना सीमित दायरे में और चांदी अपेक्षाकृत ज्यादा दबाव में नजर आई।
आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड का रुख, डॉलर की चाल, महंगाई के आंकड़े, वैश्विक तनाव और त्योहारी मांग सोने-चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए बाजार में फिलहाल तेज उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

कोई टिप्पणी नहीं