दशहरे पर गरमाई सियासत: पीएम मोदी ने बताया ‘राष्ट्र का दुश्मन’, अखिलेश बोले- BJP को खत्म करने का वक्त!
देशभर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। जगह-जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन हुआ और लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया। हालांकि, इस बार विजयादशमी के मौके पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ देश की राजनीति भी खूब गरमाई रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तक ने अपने संबोधनों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर बात की। वहीं विपक्षी नेताओं ने सरकार और बीजेपी पर पलटवार करते हुए सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक बदलाव का मुद्दा उठाया।
दिल्ली से लेकर गोरखपुर, नागपुर और मुंबई तक विजयादशमी के मंच राजनीतिक संदेशों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने जहां देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की, वहीं मोहन भागवत ने ‘रिजीम चेंज’ की राजनीति पर सवाल उठाया। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को हराने और उत्तर प्रदेश से राजनीतिक बदलाव की शुरुआत की बात कही। मुंबई में उद्धव ठाकरे ने सत्ता परिवर्तन का आह्वान किया, जबकि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखा हमला बोला।
पीएम मोदी का विजयादशमी संदेश, बोले- देश को बांटने वाली ताकतों को पहचानना होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ रामलीला मैदान में विजयादशमी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विजयादशमी को सत्य, न्याय और मानवता की जीत का प्रतीक बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता की भावना जरूरी है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश को बांटने वाली ताकतों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो ताकतें देश के सम्मान और गरिमा को नुकसान पहुंचाती हैं, समाज में विभाजन पैदा करती हैं या भारतीय संस्कृति से नफरत करती हैं, उन्हें देश के हित के खिलाफ खड़ा माना जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों और राष्ट्रीय संस्थाओं से भी राष्ट्रहित में एकजुट होकर काम करने की अपील की। उनका संदेश ऐसे समय आया जब देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
पीएम मोदी ने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए गरीबों और वंचितों की सेवा को प्राथमिकता देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जब देश सत्य और मानवता के साथ खड़ा होता है तो अंततः विजय उसी की होती है।
सीएम योगी ने कहा- जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाले कमजोर कर रहे देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में विजयादशमी के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक विभाजन को लेकर लोगों को आगाह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें देश को कमजोर करती हैं।
योगी आदित्यनाथ ने समाज में एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में मौजूद बुराइयों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त करने का संदेश भी देता है।
गोरखपुर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नशे, दुष्प्रचार और समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ भी एकजुट होने की अपील की।
मोहन भागवत ने ‘रिजीम चेंज’ पर दिया बड़ा बयान
नागपुर में RSS के विजयादशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश की राजनीतिक परिस्थितियों और ‘रिजीम चेंज’ की चर्चा पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल सत्ता या शासन बदलने से परिस्थितियां अपने आप नहीं बदलतीं। समाज की परिस्थितियों में वास्तविक बदलाव समाज के प्रयासों से आता है।
भागवत ने कुछ देशों में हुए राजनीतिक बदलावों का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल सरकार बदलने से समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता। उन्होंने भारत में सामाजिक एकता मजबूत करने और विभाजनकारी शक्तियों से सावधान रहने पर जोर दिया।
उनके संबोधन में विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी टिप्पणी सामने आई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का स्थान है, लेकिन आंदोलनों का इस्तेमाल समाज में नफरत और विभाजन पैदा करने के लिए नहीं होना चाहिए।
भागवत ने भारत की विविधता को देश की ताकत बताते हुए अलग-अलग धर्मों, भाषाओं, क्षेत्रों और परंपराओं के बीच भावनात्मक एकता मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
अखिलेश यादव बोले- असली राजनीतिक महाभारत में बीजेपी को खत्म करना है
विजयादशमी के मौके पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से राजनीतिक बदलाव की शुरुआत होगी और आने वाला चुनाव लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश जानता है कि समाज को बांटने की राजनीति कौन करता है। उन्होंने बीजेपी पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि वे देश को बचाने की लड़ाई आगे बढ़ाएं।
उन्होंने रामराज्य की अपनी राजनीतिक व्याख्या करते हुए समाजवाद को उससे जोड़ा। अखिलेश ने यह भी कहा कि जो अच्छाई और न्याय के पक्ष में खड़ा है, वही वास्तविक अर्थों में सनातनी है, जबकि बुराई करने वालों को उन्होंने ‘नकली सनातनी’ बताया।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो रही हैं।
उद्धव ठाकरे ने किया सत्ता परिवर्तन का आह्वान
मुंबई में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को संबोधित किया। उन्होंने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला करते हुए सत्ता परिवर्तन की जरूरत बताई। ठाकरे ने चुनावी अधिकारों, युवाओं के विरोध और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और सत्ता परिवर्तन के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार पर भी कई राजनीतिक आरोप लगाए।
शिवसेना में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट अलग-अलग दशहरा रैलियां करते हैं। इस बार भी दोनों नेताओं के कार्यक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बने।
एकनाथ शिंदे ने INDIA गठबंधन को बताया ‘दस सिर वाला रावण’
उद्धव ठाकरे के हमले का जवाब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी दशहरा रैली में दिया। शिंदे ने विपक्षी INDIA गठबंधन को ‘दस सिर वाला रावण’ बताते हुए उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद बनी सरकार को लेकर उद्धव ठाकरे पर जनादेश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
शिंदे ने कहा कि असली ‘वोट चोरी’ और जनता के जनादेश के साथ धोखा उस समय हुआ था, जब अविभाजित शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
उन्होंने अपनी रैली को सूखा और पानी की कमी से प्रभावित किसानों के मुद्दे से भी जोड़ा। शिंदे ने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड में धामी ने अंकिता भंडारी मामले पर विपक्ष को घेरा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विजयादशमी के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
धामी ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि मामले में एसआईटी का गठन किया गया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अंकिता भंडारी मामले को लेकर उत्तराखंड में लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है।
प्रियंका गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी को बताया आज का ‘रावण’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में विजयादशमी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आज आम जनता के सामने बेरोजगारी और महंगाई जैसी बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने इन समस्याओं को आज के समय के ‘रावण’ के रूप में पेश किया और कहा कि कांग्रेस सच के लिए लड़ती रहेगी।
प्रियंका गांधी ने रामलीला कार्यक्रम में भगवान राम के दर्शन किए और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सत्य और असत्य की लड़ाई आज भी जारी है।
विजयादशमी के मंच से साफ दिखी 2026 की राजनीतिक तस्वीर
इस बार विजयादशमी के कार्यक्रमों में धार्मिक संदेश के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी खूब देखने को मिली। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुटता की बात की। वहीं मोहन भागवत ने ‘रिजीम चेंज’ की बहस पर सवाल उठाते हुए सामाजिक बदलाव पर जोर दिया।
दूसरी ओर अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे विपक्षी नेताओं ने सत्ता परिवर्तन और बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष का संदेश दिया। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे की अलग-अलग दशहरा रैलियों ने राज्य की राजनीति में चल रही खींचतान को भी सामने ला दिया।
कुल मिलाकर विजयादशमी 2026 का पर्व केवल रावण दहन और धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों में दिए गए राजनीतिक बयानों ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय एकता, मतदाता सूची, महंगाई, बेरोजगारी, सत्ता परिवर्तन और सामाजिक विभाजन जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रहने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि विजयादशमी के इन राजनीतिक संदेशों का आने वाले चुनावी माहौल पर कितना असर पड़ता है।

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