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महाअष्टमी पर दर्जी के पास कपड़ों का नाप लेने गई थी छठवीं की बच्ची, कमरे से लौटते ही खुला ऐसा राज कि कांप उठा पूरा परिवार!

 


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से नवरात्र के महाअष्टमी पर्व के दिन इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। तिवारीपुर थाना क्षेत्र में छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपनी मां के कपड़ों का नाप लेने के लिए टेलर मास्टर को बुलाने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान टेलर ने बच्ची को कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद बच्ची के परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि जब बच्ची काफी देर बाद घर लौटी तो वह बेहद डरी और सहमी हुई थी। उसकी हालत देखकर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। पूछताछ करने पर बच्ची ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद उसके पिता ने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

कपड़े का नाप लेने के लिए टेलर को बुलाने गई थी बच्ची

बताया गया है कि घटना रविवार शाम करीब छह बजे की है। पीड़िता के पिता के अनुसार, आरोपी करीब 47 वर्षीय जमशेद आलम उनके घर से कुछ दूरी पर स्थित दूसरी कॉलोनी में रहता था। वह घरों में जाकर महिलाओं के कपड़े सिलने का काम करता था।

दीपावली का त्योहार नजदीक होने के कारण परिवार में कुछ कपड़े सिलवाने थे। इसी सिलसिले में बच्ची की मां ने उसे टेलर मास्टर को बुलाने के लिए भेजा था। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कपड़े सिलवाने के लिए भेजी गई बच्ची के साथ रास्ते में या टेलर के कमरे में इतनी गंभीर वारदात हो सकती है।

आरोप है कि बच्ची के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसे कमरे में बंद कर दिया। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक आरोपी ने बच्ची का मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची।

घर लौटी तो डरी-सहमी थी छात्रा

परिवार के लोगों के मुताबिक, बच्ची सामान्य स्थिति में घर नहीं लौटी। वह बेहद डरी हुई थी और उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे। उसकी हालत देखकर परिवार के सदस्य परेशान हो गए।

परिजनों ने उससे बार-बार पूछताछ की। शुरुआत में बच्ची काफी भयभीत थी, लेकिन बाद में उसने अपने साथ हुई घटना के बारे में परिवार को बताया। बेटी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

इसके बाद बच्ची के पिता सीधे तिवारीपुर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। सोमवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी जमशेद आलम को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

तिवारीपुर थाना प्रभारी विकास सिंह के अनुसार, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनने और बोलने में सक्षम नहीं है। उसकी पत्नी पैर से दिव्यांग बताई गई है। हालांकि, इन व्यक्तिगत परिस्थितियों का घटना की कानूनी जिम्मेदारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

महाअष्टमी के दिन हुई घटना से इलाके में आक्रोश

नवरात्र के दौरान महाअष्टमी का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। ऐसे दिन एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है।

परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज में और अधिक जागरूकता की जरूरत है। खासकर ऐसे लोगों से बच्चों को सावधान रखने की जरूरत है जिनके संपर्क में बच्चे रोजमर्रा के काम के दौरान आते-जाते हैं।

घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि परिवारों को बच्चों को किसी परिचित व्यक्ति के पास भेजते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि किसी भी स्थिति में अपराध की जिम्मेदारी अपराध करने वाले व्यक्ति की ही होती है।

नाबालिग पीड़ितों के मामलों में संवेदनशीलता जरूरी

नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान को गोपनीय रखना बेहद जरूरी होता है। परिवार के लिए भी यह समय बेहद कठिन होता है, इसलिए बच्ची को दोष देने या घटना के लिए उसे जिम्मेदार ठहराने के बजाय भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है।

कानून के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे मामलों में जांच के दौरान पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाण महत्वपूर्ण होते हैं।

गोरखपुर की इस घटना में भी पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद अब जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

महिलाओं को देखकर अश्लील हरकत करने के आरोप में युवक गिरफ्तार

गोरखपुर में इसी दौरान महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र के डिभिया गांव के पास महिलाओं को देखकर कथित तौर पर अश्लील हरकत करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान डिभिया गांव निवासी 19 वर्षीय आदित्य जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत कार्रवाई की।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की। बताया गया कि यह जमानतीय अपराध होने के कारण आरोपी को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

गोरखपुर में सामने आए दोनों मामलों ने सार्वजनिक स्थानों और आसपास के माहौल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। खासकर नाबालिग बच्चों के मामले में परिवार, स्कूल और समाज—सभी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को कम उम्र से ही अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जानी चाहिए। उन्हें यह भी समझाया जाना चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें डराए, धमकाए या गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो वे तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।

परिवारों को भी बच्चों की बात ध्यान से सुननी चाहिए। यदि बच्चा अचानक डरा हुआ दिखाई दे, व्यवहार में बदलाव आए या किसी व्यक्ति के नाम से असहज महसूस करे तो उसकी बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

फिलहाल तिवारीपुर थाना क्षेत्र की घटना में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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