LPG Cylinder को लेकर बड़ा झटका! ई-केवाईसी नहीं कराई तो बंद हुई गैस बुकिंग, हजारों कनेक्शन सस्पेंड—अब कैसे मिलेगा सिलेंडर?
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले हजारों एलपीजी उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर तक ई-केवाईसी पूरी करने का समय दिया गया था और इसके बाद 2 अक्टूबर से उन कनेक्शनों पर कार्रवाई शुरू हुई, जिनका सत्यापन पूरा नहीं हुआ था। ऐसे उपभोक्ता अब ई-केवाईसी पूरी किए बिना घरेलू गैस सिलेंडर की सामान्य बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं।
इस बीच सुलतानपुर में नए घरेलू गैस कनेक्शन पर भी रोक की बात सामने आई है। इससे उन परिवारों की परेशानी बढ़ गई है, जिनके पास अभी अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं है। दूसरी तरफ जिन पुराने उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें भी बुकिंग रुकने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ रही है।
हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सुलतानपुर के जिला पूर्ति अधिकारी ने ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं का स्पष्ट आधिकारिक आंकड़ा अभी विभाग को उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात कही है। इसलिए करीब 50 हजार का आंकड़ा मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय स्तर की जानकारी पर आधारित बताया जा रहा है, इसे जिला प्रशासन का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
50 हजार उपभोक्ताओं की बुकिंग पर लगा ब्रेक
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सुलतानपुर में करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ता बताए जा रहे हैं, जिन्होंने निर्धारित समय तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई। 2 अक्टूबर के बाद ऐसे कनेक्शनों की बुकिंग पर रोक लगने की बात सामने आई है।
कंपनी की ओर से ई-केवाईसी पूरी करने के बाद बुकिंग की सुविधा दोबारा शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। यानी जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग फिलहाल रुक गई है, उनके लिए सबसे जरूरी काम अपना सत्यापन पूरा कराना है।
सुलतानपुर की एक गैस एजेंसी के संचालक जियाउल हसनैन के मुताबिक, ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग रोक दी गई है। उनके अनुसार रोजाना करीब चार से पांच लोग ई-केवाईसी कराने के लिए एजेंसी पहुंच रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं में विदेश या दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या भी बताई जा रही है, जिसके कारण समय पर सत्यापन नहीं हो सका।
सुलतानपुर में 48 गैस एजेंसियां, लाखों उपभोक्ता
सुलतानपुर जिले में विभिन्न कंपनियों की करीब 48 गैस एजेंसियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इन एजेंसियों के माध्यम से इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के करीब 5 लाख 59 हजार 521 उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन दिए गए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के कारण ई-केवाईसी अभियान का असर भी व्यापक माना जा रहा है। बुकिंग के समय ओटीपी जैसी सत्यापन प्रक्रिया अनिवार्य किए जाने के बाद एजेंसियों पर ई-केवाईसी कराने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ने की बात रिपोर्टों में कही गई है।
सितंबर में खत्म हुई थी समय सीमा
ई-केवाईसी को लेकर उपभोक्ताओं को सितंबर तक समय दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इससे पहले उत्तर प्रदेश में करीब 49.89 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं के ई-केवाईसी पूरा नहीं करने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें इंडियन ऑयल के करीब 27.57 लाख, एचपीसीएल के 6.40 लाख और बीपीसीएल के 15.92 लाख उपभोक्ता शामिल बताए गए थे।
उस समय गैस कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को समय रहते ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा के बाद पात्र उपभोक्ताओं की सब्सिडी प्रभावित होने की चेतावनी भी दी गई थी।
सुलतानपुर में अब मामला सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं रहने की स्थानीय रिपोर्टें सामने आई हैं। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की बुकिंग रुकने की बात कही जा रही है।
25 दिन के अंतराल पर बुकिंग का नियम
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए करीब 25 दिन का अंतराल रखा गया है।
इस व्यवस्था के कारण जिन परिवारों में गैस की खपत अधिक है, उन्हें विशेष रूप से परेशानी महसूस हो सकती है। त्योहारों के समय घरों में खाना पकाने की जरूरत बढ़ने से सिलेंडर की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में दशहरा और दुर्गापूजा के आसपास बुकिंग और डिलीवरी पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
जिनके पास कनेक्शन नहीं, उनके सामने भी मुश्किल
नए घरेलू कनेक्शन पर रोक की वजह से उन परिवारों की समस्या भी बढ़ गई है, जो अभी तक एलपीजी कनेक्शन नहीं ले पाए हैं। स्थानीय रिपोर्टों में 40 हजार से अधिक परिवारों के कनेक्शन से वंचित होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में अंतर है, इसलिए इसे स्थानीय स्तर का अनुमान मानना बेहतर होगा।
ऐसे परिवारों को वैकल्पिक ईंधन या छोटे सिलेंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ उपभोक्ताओं को 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर के लिए करीब 806 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा एचपी की ओर से 10 किलोग्राम क्षमता वाला प्लास्टिक बॉडी सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है।
1800 रुपये तक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी का दावा
ई-केवाईसी नहीं होने और नए कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने के बीच कुछ उपभोक्ताओं के करीब 1,800 रुपये तक खर्च करके घरेलू सिलेंडर हासिल करने की बात भी स्थानीय रिपोर्टों में कही गई है। हालांकि ऐसी व्यवस्था अधिकृत गैस वितरण प्रणाली का सामान्य विकल्प नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को अनधिकृत या संदिग्ध माध्यम से सिलेंडर खरीदने से बचना चाहिए।
गैस सिलेंडर हमेशा अधिकृत वितरक से ही लेना सुरक्षित माना जाता है। किसी अनधिकृत व्यक्ति से सिलेंडर खरीदने पर सुरक्षा, वजन और वैधता से जुड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
त्योहारों में बढ़ सकती है मांग
दशहरा और दुर्गापूजा जैसे त्योहारों के दौरान घरों में खाना पकाने और पारिवारिक आयोजनों के कारण घरेलू गैस की मांग बढ़ सकती है। यदि पहले से लंबित बुकिंग और ई-केवाईसी से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं तो गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ने की आशंका है।
यही वजह है कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी तक पूरी नहीं हुई है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
कैसे पूरी करें ई-केवाईसी?
उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस कंपनी की अधिकृत एजेंसी से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने की जानकारी ले सकते हैं। कुछ गैस कंपनियां अपने अधिकृत मोबाइल एप के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। सितंबर में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, बायोमीट्रिक सत्यापन अथवा उपलब्ध डिजिटल सुविधा के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
उपभोक्ताओं को किसी अनजान व्यक्ति को आधार या बैंक संबंधी जानकारी देने से बचना चाहिए। ई-केवाईसी हमेशा अधिकृत गैस एजेंसी या संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही करानी चाहिए।
उपभोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी बात
सुलतानपुर में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि एलपीजी कनेक्शन से जुड़ी केवाईसी प्रक्रिया को नजरअंदाज करना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की बुकिंग प्रभावित हुई है, जबकि नए घरेलू कनेक्शन पर रोक से नए उपभोक्ताओं की मुश्किलें अलग हैं।
हालांकि गैस कंपनियों और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा सामने आना बाकी बताया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं को सोशल मीडिया या अपुष्ट संदेशों पर भरोसा करने के बजाय अपनी संबंधित गैस एजेंसी से सीधे स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
ई-केवाईसी पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह चेतावनी वाली स्थिति है। जिनका कनेक्शन बुकिंग के लिए सस्पेंड बताया जा रहा है, उन्हें पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं नए कनेक्शन की तलाश कर रहे परिवारों के लिए भी मौजूदा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। त्योहारों के दौरान गैस की मांग बढ़ने के बीच आने वाले दिनों में आपूर्ति और बुकिंग व्यवस्था पर सबकी नजर रहेगी।

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