रात में खाया था आलू-चावल का पुलाव, सुबह घर में मचा कोहराम! दो मासूम भाइयों की मौत, आखिर खाने में क्या था?
आगरा के किरावली कस्बे से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद दो मासूम भाइयों की मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता और 10 साल की बहन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पहले एक पांच वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दूसरे आठ वर्षीय बच्चे की भी मौत हो गई। प्रथम दृष्टया डॉक्टरों ने पूरे मामले को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
यह घटना आगरा के किरावली कस्बे के वार्ड नंबर 10 की बताई जा रही है। परिवार मूल रूप से राजस्थान के धंतूरी महोआ क्षेत्र का रहने वाला है और फिलहाल किरावली में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। परिवार के पांच लोगों की एक साथ तबीयत बिगड़ने और दो बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
रविवार रात सबने साथ खाया था खाना
बताया जा रहा है कि रविवार रात परिवार के पांच सदस्य पास के ही एक मोहल्ले में आयोजित कार्यक्रम से अपने घर लौटे थे। घर लौटने के बाद परिवार के लोगों ने रात में आलू-चावल का पुलाव खाया। इसके साथ चाय पीने की बात भी सामने आई है।
उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि रात में खाया गया खाना अगले दिन परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा।
रात में खाना खाने के बाद परिवार के सदस्य अपने घर में सो गए। शुरुआत में किसी तरह की गंभीर परेशानी की जानकारी सामने नहीं आई। लेकिन सोमवार सुबह जब परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर नहीं निकला तो आसपास रहने वाले लोगों को कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ।
पड़ोसियों ने घर के अंदर जाकर देखा तो परिवार के सभी सदस्य अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। यह दृश्य देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल परिवार के सभी सदस्यों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरावली ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचते ही सामने आई गंभीर स्थिति
परिवार के सभी सदस्यों की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। डॉक्टरों ने बच्चों सहित परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया।
लेकिन इलाज के दौरान परिवार के पांच वर्षीय बेटे जीशान उर्फ गोलू की मौत हो गई।
परिवार के लिए यह पहला बड़ा सदमा था। अभी परिजन इस घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि आठ वर्षीय बेटे आहिल की हालत भी गंभीर बनी रही। उसे आगे के उपचार के लिए जयपुर ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी भी मौत हो गई।
एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत की खबर सामने आते ही इलाके में मातम छा गया।
मां-बाप और 10 साल की बेटी भी गंभीर
इस घटना में सिर्फ दोनों बच्चों की ही हालत नहीं बिगड़ी थी। परिवार के मुखिया हुसैन, उनकी पत्नी रेशमा और उनकी 10 वर्षीय बेटी चांदनी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
तीनों का जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार के अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल में मौजूद हैं और उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।
परिजनों के मुताबिक, परिवार के सामने अचानक ऐसी स्थिति आ गई कि उन्हें समझने का मौका तक नहीं मिला कि आखिर हुआ क्या है।
मामा नौशाद और गुलाब ने बताया कि जीशान के शव को उसके पैतृक गांव धंतूरी महोआ, राजस्थान ले जाया गया है।
डॉक्टरों ने बताया फूड पॉइजनिंग का संदेह
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरावली के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर राघवेंद्र सिंह के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के लिए खाना खाने के बाद बीमार पड़ना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वही भोजन विषाक्त था। वास्तविक कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच, भोजन के नमूनों की जांच और अन्य परिस्थितियों का विश्लेषण जरूरी हो सकता है।
यही वजह है कि घटना को लेकर जांच जारी है।
फूड पॉइजनिंग कई कारणों से हो सकती है। दूषित भोजन या पानी, खराब तरीके से रखा गया खाना, पर्याप्त तापमान पर भोजन का न पकना या लंबे समय तक बाहर रखा भोजन इसके संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं। लेकिन इस मामले में वास्तविक कारण क्या था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद किरावली थाना पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।
थाना प्रभारी के मुताबिक, परिवार के दो बच्चों की मौत हुई है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि परिवार के पांचों सदस्यों की तबीयत एक साथ इतनी गंभीर कैसे हो गई।
क्या सभी ने एक ही भोजन खाया था?
क्या खाने में किसी तरह का संक्रमण था?
क्या कार्यक्रम में भी परिवार ने कुछ खाया था?
क्या घर में रखा कोई अन्य खाद्य पदार्थ खराब था?
इन सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा सकता है।
एक साथ पांच लोगों के बीमार पड़ने से बढ़ा संदेह
इस घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिवार के सभी पांच सदस्य लगभग एक साथ गंभीर रूप से बीमार पड़े। इसके कारण भोजन या किसी साझा चीज से जुड़े कारण की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि अभी किसी एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
खाने के नमूने, परिवार के सदस्यों की मेडिकल रिपोर्ट और घटना से पहले उन्होंने क्या-क्या खाया था, इन जानकारियों से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बागपत में भी पशुओं की अचानक मौत से हड़कंप
इसी बीच उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से भी पशुओं के अचानक बीमार पड़ने और मौत का मामला सामने आया है। गांगनौली गांव में सोमवार को एक किसान के दो पशुओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य पशुओं की हालत चिंताजनक बताई गई।
गांव निवासी किसान जगपाल सिंह के मुताबिक, उन्होंने सोमवार सुबह करीब चार बजे अपने पशुओं को भूसा और ज्वार की कुट्टी मिलाकर चारा दिया था।
चारा खाने के करीब आधे घंटे बाद पशुओं की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उन्होंने चारा खाना बंद कर दिया और उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी।
इसके करीब एक घंटे बाद दो पशुओं की मौत हो गई। इनमें एक भैंसा और एक कटिया शामिल बताए गए हैं।
तीन अन्य पशुओं की हालत भी गंभीर बताई गई, जिसके बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम को सूचना दी गई।
पशु चिकित्सकों ने शुरू किया इलाज
सूचना मिलने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और बीमार पशुओं का उपचार शुरू किया। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर चारा खाने के बाद पशुओं की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी।
क्या चारे में किसी तरह का जहरीला पदार्थ मिला था?
क्या भूसा या ज्वार की कुट्टी खराब थी?
या फिर किसी अन्य कारण से पशुओं की तबीयत बिगड़ी?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
दोनों घटनाओं ने खड़े किए सुरक्षा को लेकर सवाल
आगरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों का अचानक बीमार पड़ना और दो बच्चों की मौत तथा बागपत में चारा खाने के बाद पशुओं की मौत—दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और इनके बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दोनों घटनाओं ने खाने और चारे की गुणवत्ता तथा सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
आगरा की घटना में फिलहाल फूड पॉइजनिंग का संदेह है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। वहीं बागपत में पशुओं की मौत के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा चिंता आगरा के उस परिवार को लेकर है, जिसने एक ही रात में अपने दो मासूम बच्चों को खो दिया। पांच वर्षीय जीशान और आठ वर्षीय आहिल की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दूसरी ओर, बच्चों के माता-पिता और उनकी 10 वर्षीय बहन अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था कि सुबह तक एक पूरा परिवार अचेत मिला और दो मासूम भाइयों की जान चली गई? इसका जवाब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

कोई टिप्पणी नहीं