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शादी की पहली रात ही गायब हो गया पति, पंचायत में खुला ऐसा राज कि पत्नी के पैरों तले खिसक गई जमीन! नंदोई पर भी गंभीर आरोप



झांसी न्यूज: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना थाना क्षेत्र से शादी और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 11 मई 2025 को शादी होने के बाद जब वह पहली बार ससुराल पहुंची तो उसी रात उसका पति घर से चला गया। इसके बाद लंबे समय तक दोनों के बीच सामान्य वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं हो सके।

महिला के मुताबिक, उसने काफी समय तक रिश्ते को बचाने की कोशिश की। परिवार के स्तर पर बातचीत हुई और मामले को सुलझाने के प्रयास भी किए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। मामला इतना बढ़ गया कि गांव में पंचायत बुलानी पड़ी। महिला और उसकी मां का दावा है कि पंचायत के दौरान पति ने अपनी शारीरिक स्थिति को लेकर ऐसी बात कही, जिसके बाद वैवाहिक जीवन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।

हालांकि, पति की कथित शारीरिक स्थिति से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस या किसी अधिकृत चिकित्सकीय दस्तावेज से इसकी पुष्टि होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

शादी के बाद पहली रात ही पति के घर से जाने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 11 मई 2025 को बबीना क्षेत्र में हुई थी। शादी की रस्में पूरी होने के बाद वह विदा होकर ससुराल पहुंची। महिला का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद पहली रात ही उसका पति कमरे में नहीं आया और छत पर चला गया।

महिला का कहना है कि उसे उम्मीद थी कि अगले दिन परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह कुछ दिनों तक ससुराल में रही, मगर पति का व्यवहार सामान्य नहीं हुआ। उसके अनुसार, पति-पत्नी के बीच वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं हो सके।

स्थिति से परेशान होकर महिला वापस अपने मायके चली गई। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। परिवार के लोगों ने मामले को सुलझाने और दंपती को साथ रखने की कोशिश की, लेकिन महिला के मुताबिक समस्या बनी रही।

लंबे समय तक नहीं बन सके वैवाहिक संबंध

महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसके और पति के बीच सामान्य दांपत्य जीवन शुरू नहीं हो पाया। उसने परिवार के वरिष्ठ लोगों से भी इस संबंध में बात की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

महिला के अनुसार, समय बीतने के साथ उसकी परेशानी बढ़ती गई। एक तरफ शादीशुदा जिंदगी को लेकर असमंजस बना रहा तो दूसरी तरफ परिवार और समाज के दबाव के कारण वह खुलकर अपनी परेशानी किसी के सामने नहीं रख पा रही थी।

पीड़िता का दावा है कि उसने रिश्ते को बचाने के लिए काफी समय तक इंतजार किया, लेकिन परिस्थितियों में बदलाव नहीं आया।

पंचायत में पति ने कथित तौर पर कही बड़ी बात

मामला जब परिवारों के स्तर पर हल नहीं हुआ तो करीब दस दिन पहले गांव के लकड़ादेव मंदिर में पंचायत बुलाई गई। इसमें दोनों पक्षों के परिवार और गांव के कुछ लोग शामिल हुए।

पीड़िता और उसकी मां का दावा है कि पंचायत के दौरान पति ने अपनी शारीरिक स्थिति के बारे में ऐसी बात कही, जिससे सभी लोग हैरान रह गए। महिला का कहना है कि पंचायत में पति ने कथित तौर पर खुद को ‘मर्द नहीं’ बताया।

पीड़िता की मां का यह भी दावा है कि पति की ओर से अपनी शारीरिक स्थिति से संबंधित एक रिपोर्ट दिखाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, इस रिपोर्ट की वास्तविकता और उसमें दर्ज चिकित्सकीय जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

ऐसे में इस दावे को फिलहाल महिला और उसके परिवार की ओर से लगाया गया आरोप ही माना जा सकता है। पुलिस जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय दस्तावेजों से ही इस पहलू की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

नंदोई पर अनुचित संबंध बनाने के दबाव का आरोप

महिला ने मामले में अपने नंदोई सोनू पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि नंदोई ने उस पर कथित तौर पर अनुचित संबंध बनाने का दबाव बनाया।

महिला के मुताबिक, जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ बदतमीजी की गई और उसे धमकी भी दी गई। आरोप है कि एक मौके पर नंदोई ने उसका हाथ पकड़ा और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।

पीड़िता का कहना है कि उसने इस मामले की जानकारी अपने पति, सास और ससुर को भी दी थी। लेकिन उसके आरोप के मुताबिक, उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करने के बजाय उसे ही डांटने और धमकाने की कोशिश की गई।

महिला के अनुसार, वह इस स्थिति से बेहद डर गई थी। सामाजिक दबाव और पारिवारिक विवाद के कारण उसने काफी समय तक अपने मायके वालों को भी पूरी जानकारी नहीं दी।

मारपीट और धमकी का भी आरोप

पीड़िता ने नंदोई पर सिर्फ अनुचित व्यवहार का आरोप ही नहीं लगाया, बल्कि मारपीट और धमकी देने का भी दावा किया है।

महिला का कहना है कि एक दिन उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। जब उसने विरोध किया तो उसे धमकाया गया। इसके बाद विवाद और गंभीर हो गया।

पीड़िता की मां ने भी अपनी बेटी के मामले को लेकर धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। मां के मुताबिक, जब उन्होंने बेटी के साथ कथित व्यवहार का विरोध किया तो उनके साथ भी विवाद हुआ।

महिला की मां का दावा है कि सब्जी की दुकान पर उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्होंने बबीना थाने में शिकायत करने की कोशिश की। हालांकि, उनका आरोप है कि उन्हें अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली।

इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच में शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

थाने के बाद एसएसपी कार्यालय पहुंची महिला

मामला बढ़ने के बाद पीड़िता ने बबीना थाने में शिकायत करने की कोशिश की। इसके बाद वह अपनी मां के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की।

महिला ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि वह लंबे समय से इस रिश्ते को लेकर मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना कर रही है।

अब वह पति से अलग होकर अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू करना चाहती है। इसके साथ ही उसने ससुराल में मौजूद अपने जेवर, शादी में दिया गया सामान और अन्य व्यक्तिगत सामान वापस दिलाने की मांग भी की है।

जेवर और शादी का सामान वापस मांग रही पीड़िता

पीड़िता के मुताबिक, शादी के दौरान उसे और उसके परिवार की ओर से जो जेवर और अन्य सामान दिया गया था, उसका कुछ हिस्सा अभी ससुराल पक्ष के पास है।

महिला चाहती है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका सामान उसे वापस दिलाया जाए। उसने पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में भी कार्रवाई की मांग की है।

परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य मामले को कानूनी तरीके से सुलझाना है और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले में महिला की शिकायत और उसके परिवार की ओर से लगाए गए आरोप ही सामने आए हैं। पति और नंदोई की ओर से इन आरोपों पर उनका पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं, पंचायत में क्या बातचीत हुई, कथित मेडिकल रिपोर्ट की वास्तविकता क्या है और नंदोई के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

यदि मारपीट या धमकी के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों में भी पुलिस और अदालत उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयान के आधार पर फैसला करते हैं।

महिला ने मांगा नया जीवन शुरू करने का मौका

पीड़िता का कहना है कि वह लंबे समय से इस रिश्ते को लेकर परेशान है और अब वह इस वैवाहिक संबंध से बाहर निकलकर अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करना चाहती है।

इस मामले ने शादी के बाद सामने आने वाले गंभीर पारिवारिक विवादों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है। महिला की शिकायत के बाद अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और पूरे घटनाक्रम के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

फिलहाल मामला पुलिस और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। जांच पूरी होने और दोनों पक्षों के बयान तथा दस्तावेज सामने आने के बाद ही इस विवाद की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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