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यूपी के इस शहर में प्लॉट खरीदने का शानदार मौका, जल्द शुरू होगी 4000 भूखंडों की बुकिंग



लखनऊ में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी में आवासीय भूखंड की तलाश कर रहे लोगों को जल्द ही एक और बड़ा विकल्प मिल सकता है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वरुण विहार आवासीय योजना में करीब 4,000 अतिरिक्त भूखंडों की बुकिंग खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए योजना के दो और सेक्टरों में पंजीकरण शुरू करने का प्रस्ताव रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा को भेजा गया है। रेरा की मंजूरी मिलने के बाद इन सेक्टरों में भूखंडों के लिए आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

वरुण विहार योजना को लेकर लोगों की दिलचस्पी पहले से ही काफी अधिक दिखाई दे रही है। अब तक बड़ी संख्या में लोग योजना की जानकारी ले चुके हैं और हजारों लोगों ने बुकलेट खरीदने के साथ भूखंड के लिए पंजीकरण कराया है। ऐसे में अतिरिक्त सेक्टरों में भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी को संभावित खरीदारों के लिए एक नए अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

4 हजार अतिरिक्त प्लॉट की तैयारी क्यों हुई?

लखनऊ में जमीन और आवासीय भूखंडों की मांग लगातार बनी हुई है। खासकर शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में लोग भविष्य के लिए जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। इसी मांग को देखते हुए एलडीए अपनी वरुण विहार योजना का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के दो सेक्टरों में पहले से ही पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब दो और सेक्टरों को इसमें शामिल करने की तैयारी है। इन नए सेक्टरों में करीब 4,000 अतिरिक्त भूखंड उपलब्ध कराए जाने की योजना है।

हालांकि, यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए सेक्टरों में पंजीकरण की प्रक्रिया रेरा की मंजूरी के बाद ही शुरू होगी। यानी इच्छुक लोगों को अभी आधिकारिक घोषणा और पंजीकरण शुरू होने का इंतजार करना होगा।

वरुण विहार योजना में अब तक कितनी दिलचस्पी?

वरुण विहार योजना को लेकर लोगों की रुचि का अंदाजा इसके पंजीकरण आंकड़ों से लगाया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना से संबंधित जानकारी के लिए 23,549 लोग विजिट कर चुके हैं।

इनमें से लगभग 11,800 लोगों ने बुकलेट खरीदी, जबकि 3,959 लोगों ने भूखंड के लिए पंजीकरण कराया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि योजना को लेकर संभावित खरीदारों की संख्या काफी अधिक है।

ऐसे में यदि दो नए सेक्टरों में करीब 4,000 और भूखंडों की बुकिंग खुलती है तो उन लोगों को अतिरिक्त अवसर मिल सकता है, जो पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए या जिनकी पसंद के अनुरूप भूखंड उपलब्ध नहीं हो सका।

रेरा की मंजूरी के बाद खुलेगा नया रास्ता

नए सेक्टरों में पंजीकरण शुरू करने के लिए एलडीए ने रेरा को प्रस्ताव भेज दिया है। अब आगे की प्रक्रिया नियामक की स्वीकृति पर निर्भर करेगी।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, वरुण विहार के दो अन्य सेक्टरों में भी भूखंडों की बुकिंग खोलने की तैयारी है। इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव रेरा को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इसका मतलब यह है कि इच्छुक लोगों को किसी अनधिकृत एजेंट, वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय एलडीए की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

वरुण विहार योजना कितनी बड़ी है?

वरुण विहार को एलडीए की बड़ी आवासीय योजनाओं में शामिल किया गया है। यह योजना आगरा एक्सप्रेसवे के पास बड़े क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय भूखंडों के साथ-साथ व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग, संस्थागत और ग्रुप हाउसिंग से जुड़े विकास का भी प्रस्ताव है।

योजना में कई सेक्टर प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा बड़े स्तर पर हरित क्षेत्र, पार्क और अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बताई गई है।

योजना के विस्तार के साथ यहां भविष्य में सड़क, आवासीय विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की संभावना है। हालांकि, किसी भी संभावित खरीदार को जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूखंड, कीमत, विकास शुल्क, नियम और आवंटन की शर्तों की पूरी जानकारी एलडीए से जरूर जांचनी चाहिए।

अभी वरुण विहार में रजिस्ट्रेशन की क्या स्थिति है?

वरुण विहार योजना को लेकर पंजीकरण प्रक्रिया पहले से चल रही है। इसके साथ ही नए सेक्टरों में अतिरिक्त भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।

ऐसे में लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि मौजूदा पंजीकरण और प्रस्तावित अतिरिक्त 4,000 भूखंडों की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों से संबंधित हो सकती है। नए सेक्टरों के संबंध में रेरा की मंजूरी के बाद ही एलडीए की ओर से आधिकारिक तौर पर आगे की जानकारी सामने आएगी।

आईटी सिटी में किसानों को भी बड़ा लाभ

इसी बीच एलडीए की आईटी सिटी आवासीय योजना से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। योजना के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को लैंड पूलिंग नीति के तहत विकसित भूखंडों का आवंटन किया गया है।

सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में आयोजित लॉटरी के जरिए 534 काश्तकारों को कुल 800 विकसित भूखंड आवंटित किए गए।

आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लॉटरी की पर्चियां खुद काश्तकारों से निकलवाई गईं। इस दौरान अधिकारियों और लाभार्थियों की मौजूदगी में आवंटन प्रक्रिया पूरी की गई।

3,500 एकड़ में विकसित हो रही है आईटी सिटी

एलडीए के मुताबिक, सुलतानपुर रोड पर करीब 3,500 एकड़ क्षेत्रफल में आईटी सिटी आवासीय योजना विकसित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य बड़े स्तर पर सुनियोजित विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराना है।

लैंड पूलिंग व्यवस्था में किसानों की जमीन को योजना के विकास में शामिल किया जाता है और निर्धारित नीति के अनुसार विकसित भूखंडों का आवंटन किया जाता है।

इसी प्रक्रिया के तहत 534 किसानों को 800 विकसित भूखंडों का आवंटन किया गया है। जिन किसानों और भू-स्वामियों ने निर्धारित समय सीमा तक अपनी जमीन का अनुबंध प्राधिकरण के पक्ष में कराया था, उन्हें नीति के अनुसार विकसित भूखंड दिए गए हैं।

भूखंडों के आकार में भी अंतर

आईटी सिटी के चौथे चरण के लॉटरी आवंटन में अलग-अलग श्रेणियों के भूखंड शामिल रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 288 वर्गमीटर के 327 भूखंड, 200 वर्गमीटर के 59, 162 वर्गमीटर के 57, 128 वर्गमीटर के 87, 72 वर्गमीटर के 118 और 35 वर्गमीटर के 152 भूखंड शामिल थे।

इस तरह कुल 800 विकसित भूखंड आवंटित किए गए।

अलग-अलग आकार के भूखंडों का आवंटन निर्धारित पात्रता और लैंड पूलिंग नीति के आधार पर किया गया है। इससे योजना में शामिल किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार विकसित जमीन प्राप्त हुई है।

घर खरीदने वालों के लिए क्या मायने रखती है यह खबर?

वरुण विहार में प्रस्तावित अतिरिक्त भूखंडों की बुकिंग खुलने की खबर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जो लखनऊ में खुद का घर बनाने के लिए जमीन तलाश रहे हैं।

लेकिन संभावित आवेदकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 4,000 नए भूखंडों की प्रक्रिया अभी प्रस्ताव और मंजूरी के चरण में है।

इसलिए बुकिंग की तारीख, भूखंड की कीमत, आकार, सेक्टर, भुगतान व्यवस्था और अन्य शर्तों की पुष्टि एलडीए की आधिकारिक घोषणा के बाद ही करनी चाहिए।

किसी भी आवेदक को बिना आधिकारिक दस्तावेज और रसीद के किसी व्यक्ति को पैसा नहीं देना चाहिए। जमीन या प्लॉट से जुड़ी योजना में आवेदन करने से पहले सभी नियम और पात्रता शर्तों को पढ़ना जरूरी है।

आगे क्या होगा?

अब सबसे अहम कदम रेरा की मंजूरी है। मंजूरी मिलने के बाद एलडीए नए सेक्टरों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसके बाद आवेदन, पात्रता, भूखंडों की उपलब्धता और आवंटन से जुड़ी जानकारी सामने आएगी।

दूसरी ओर, आईटी सिटी में किसानों को भूखंडों का आवंटन यह दर्शाता है कि लखनऊ में बड़े स्तर पर आवासीय और शहरी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

ऐसे में वरुण विहार के करीब 4,000 अतिरिक्त भूखंडों की संभावित बुकिंग लखनऊ में अपना घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण अपडेट हो सकती है।

फिलहाल इच्छुक लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे एलडीए की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें, आवेदन की शर्तों को ध्यान से पढ़ें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या माध्यम के जरिए भुगतान करने से बचें।

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