'अब सब खत्म हो चुका है...' नाना पाटेकर के निधन के 8 दिन बाद बेटे मल्हार का बड़ा बयान, पुराने विवाद पर कही ऐसी बात
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका परिवार लगातार चर्चा में है। 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में गोवा स्थित अपने घर पर नाना पाटेकर का निधन हो गया था। अस्पताल और बाद में सामने आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई। रिपोर्ट में कोरोनरी आर्टरी में ब्लड क्लॉट की बात सामने आई है।
नाना पाटेकर के निधन के बाद जहां फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं, वहीं अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के पुराने आरोपों को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। इसी बीच नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने पहली बार इन चर्चाओं, अपने माता-पिता के रिश्ते और पिता के आखिरी समय को लेकर विस्तार से बात की है।
मल्हार ने किसी का नाम सीधे तौर पर लिए बिना पुराने विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर जिस तरह की तस्वीर पेश की जा रही है, वह वास्तविकता से काफी अलग है।
पुराने विवाद पर मल्हार पाटेकर ने क्या कहा?
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता से जुड़ा विवाद साल 2018 में देशभर में चर्चा में आया था। तनुश्री ने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। यह मामला उस समय भारत में #MeToo आंदोलन के दौरान सुर्खियों में रहा और बॉलीवुड में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा तथा यौन उत्पीड़न को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई थी।
अब नाना पाटेकर के निधन के बाद एक बार फिर यह पुराना मामला सोशल मीडिया और मीडिया चर्चाओं में आया। इसी संदर्भ में मल्हार पाटेकर ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि जिस मामले का बार-बार जिक्र किया जा रहा है, वह काफी पहले कानूनी स्तर पर समाप्त हो चुका है।
मल्हार ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि वह इस विषय पर किसी व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। उनका कहना था कि मामला अदालत और कानूनी प्रक्रिया के स्तर पर स्पष्ट हो चुका है और इसके बावजूद यदि लोग बार-बार इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं तो वह उस पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझते।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 2019 में मुंबई पुलिस ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी और रिपोर्ट में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। इसलिए मल्हार के बयान को उनके परिवार के पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि पुराने मामले का कानूनी रिकॉर्ड अलग से मौजूद है।
परिवार की ट्रोलिंग पर भी बोले मल्हार
नाना पाटेकर के निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनके परिवार की निजी जिंदगी को लेकर भी कई तरह की टिप्पणियां और चर्चाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने परिवार की तस्वीरों और उनके रिश्तों को लेकर अपनी धारणाएं बनाई थीं।
मल्हार ने इस तरह की चर्चाओं पर कहा कि किसी परिवार के वास्तविक रिश्ते को सोशल मीडिया की तस्वीरों से नहीं समझा जा सकता। उनका कहना था कि केवल इसलिए कि परिवार के लोग इंस्टाग्राम या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक साथ तस्वीरें साझा नहीं करते, इसका यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि उनके बीच प्यार या जुड़ाव नहीं है।
मल्हार ने अपने माता-पिता के रिश्ते का जिक्र करते हुए बताया कि नाना पाटेकर और उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर अलग रहने के बावजूद एक-दूसरे के प्रति अच्छे संबंध रखते थे। उन्होंने लगभग 38-39 साल के रिश्ते और जुड़ाव का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बाहर से किसी रिश्ते को देखकर उसके बारे में पूरी सच्चाई जानना संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर जो दिखाई देता है, वह किसी परिवार की पूरी कहानी नहीं होती।
“इंस्टाग्राम पर फोटो नहीं डालते तो इसका मतलब प्यार नहीं है”
मल्हार की बातचीत का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर खास तौर पर चर्चा में है। उन्होंने साफ कहा कि परिवार की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने का मतलब यह नहीं है कि परिवार के सदस्यों के बीच संबंध अच्छे नहीं थे।
उनके मुताबिक, उनके माता-पिता के बीच लंबा रिश्ता रहा और अलग रहने के बावजूद उनके संबंधों में सम्मान और अपनापन बना रहा।
मल्हार की इस बात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर की निजी जिंदगी को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी सामने आती रही है। परिवार ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को कैमरों और सोशल मीडिया से काफी हद तक दूर रखा।
मल्हार ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर जो कुछ लिखा जा रहा है, उसमें कई बातें वास्तविकता से अलग हैं।
पिता की फिटनेस को लेकर मल्हार ने किया बड़ा खुलासा
नाना पाटेकर अपनी उम्र के बावजूद काफी सक्रिय जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। उनके बेटे मल्हार ने बताया कि निधन से पहले भी उनके पिता बेहद सक्रिय थे और नियमित रूप से व्यायाम करते थे।
मल्हार के अनुसार, नाना पाटेकर करीब ढाई घंटे तक जिम में वर्कआउट करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी उम्र में इस स्तर की फिटनेस बनाए रखना आसान नहीं है और कई युवा भी इतनी नियमितता के साथ व्यायाम नहीं कर पाते।
मल्हार ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया जिनमें यह कहा जा रहा था कि नाना अपने आखिरी समय में अकेले थे या लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने बताया कि परिवार का कोई न कोई सदस्य लगातार उनके संपर्क में रहता था और उन्हें अकेला नहीं छोड़ा गया था।
नाना पाटेकर के अचानक निधन ने इसलिए भी सभी को झकझोर दिया क्योंकि परिवार के अनुसार वह सामान्य रूप से सक्रिय थे और अपने काम तथा आने वाली योजनाओं को लेकर व्यस्त थे।
निधन से पहले की रात क्या हुआ था?
मल्हार ने अपने पिता के निधन से पहले के आखिरी घंटों को भी याद किया। उनके मुताबिक नाना पाटेकर उस समय गोवा में थे और उनका परिवार उनके संपर्क में था।
मल्हार ने बताया कि नाना के चचेरे भाई प्रसाद उनके मनोरंजन और काम से जुड़े कार्यक्रमों को देखते थे। उन्हें एक शूट से संबंधित काम के लिए मुंबई जाना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार नाना की अगले दिन माधुरी दीक्षित के साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मराठी संस्करण से जुड़े शूट की योजना थी।
इसी दौरान गोवा में नाना की तबीयत बिगड़ने लगी। मल्हार के मुताबिक उनके पिता किसी को परेशान करना पसंद नहीं करते थे। जब उन्हें असहज महसूस हुआ तो उन्होंने पहले संदेश भेजा और बाद में फोन किया।
परिवार के सदस्य जब तक उनके पास पहुंचे, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी।
सुबह करीब पांच बजे आया मां का फोन
मल्हार ने बताया कि उस समय वह पुणे में थे। सुबह करीब पांच बजे उनकी मां का फोन आया। इसके बाद की स्थिति को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके आसपास की पूरी दुनिया रुक गई हो।
नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 45 मिनट तक उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई थी। गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार, हृदय की मुख्य कोरोनरी धमनी में ब्लड क्लॉट बनने के कारण गंभीर हृदयाघात हुआ था।
नाना पाटेकर के निधन से परिवार को लगा बड़ा झटका
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका परिवार बेहद निजी तरीके से इस दुख से गुजर रहा है। मल्हार के बयान से यह संकेत मिलता है कि परिवार के लिए पिता को खोना अचानक आया ऐसा सदमा था जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी।
नाना पाटेकर को हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में गिना जाता रहा। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने अलग पहचान बनाई। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले थे।
उनके निधन के बाद जहां उनके अभिनय और सामाजिक कार्यों को याद किया जा रहा है, वहीं परिवार की निजी जिंदगी और पुराने विवादों पर भी बहस जारी है।
मल्हार के बयान से क्या संदेश निकलता है?
मल्हार पाटेकर के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने अपने परिवार की निजी जिंदगी को सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरों से अलग बताया। उन्होंने पुराने विवाद पर भी परिवार का पक्ष रखा और यह संकेत दिया कि अब परिवार अपने पिता के निधन के बाद शांति से आगे बढ़ना चाहता है।
नाना पाटेकर के निधन ने उनके चाहने वालों को गहरा सदमा दिया है। लेकिन उनके बेटे की बातों से यह भी सामने आता है कि परिवार के लिए यह सिर्फ एक अभिनेता को खोने का मामला नहीं, बल्कि पिता और परिवार के एक महत्वपूर्ण सदस्य को खोने का दर्द है।
पुराने विवादों को लेकर अलग-अलग पक्ष और कानूनी रिकॉर्ड अपनी जगह हैं। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर अपुष्ट दावों के बजाय आधिकारिक दस्तावेजों और विश्वसनीय रिपोर्टों को आधार बनाना जरूरी है। वहीं, किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके परिवार की निजी जिंदगी को लेकर संवेदनशीलता बरतना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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