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सावधान! बाजार में बिक रहा है चाइनीज लहसुन, खाने से खराब हो सकता है लिवर? ऐसे करें पहचान



बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। अमृत भारत एक्सप्रेस के साधारण कोच से 12 बोरी संदिग्ध चाइनीज लहसुन बरामद किया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी मात्रा में लहसुन बोरियों में भरकर ट्रेन के जनरल कोच में रखा हुआ था, लेकिन मौके पर किसी यात्री ने इस सामान पर अपना दावा नहीं किया।

बरामद लहसुन की अनुमानित कीमत करीब 56 हजार रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ को आशंका है कि यह खेप नेपाल के रास्ते बिहार लाई गई हो सकती है और इसके बाद इसे रेलमार्ग के जरिए दूसरे राज्यों में भेजने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, अभी यह सिर्फ जांच का एंगल है और लहसुन की वास्तविक उत्पत्ति तथा इसे ट्रेन तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच की जा रही है।

बगहा स्टेशन पर कैसे पकड़ी गई 12 बोरी लहसुन की खेप?

जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडर से सूचना मिलने के बाद बगहा आरपीएफ की टीम ने स्टेशन पर पहुंची अमृत भारत एक्सप्रेस की जांच शुरू की।

ट्रेन के साधारण कोच की तलाशी के दौरान जवानों की नजर 12 बोरियों पर पड़ी। बोरियों की जांच करने पर उनमें लहसुन भरा मिला। इसके बाद आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी भी यात्री ने इन बोरियों को अपना सामान नहीं बताया।

लावारिस हालत में इतनी बड़ी मात्रा में सामान मिलने के बाद आरपीएफ ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बरामद लहसुन की अनुमानित कीमत करीब 56 हजार रुपये है।

नेपाल के रास्ते बिहार पहुंचने की आशंका क्यों?

बगहा और पश्चिमी चंपारण का इलाका नेपाल सीमा के नजदीक है। इसी वजह से आरपीएफ को आशंका है कि संदिग्ध लहसुन की यह खेप नेपाल के रास्ते बिहार में लाई गई हो सकती है।

इसके बाद इसे ट्रेन के माध्यम से किसी दूसरे स्थान पर भेजे जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 12 बोरी लहसुन ट्रेन के जनरल कोच में किसने रखी और इसे कहां ले जाया जाना था?

किसी यात्री द्वारा बोरियों पर दावा नहीं किए जाने से मामला और भी संदिग्ध हो गया है। आरपीएफ इस बात की जानकारी जुटाने में लगी है कि यह सामान किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़ाया गया था और इसके पीछे किसी व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।

कस्टम विभाग को सौंपी जाएगी खेप

बरामद लहसुन को आवश्यक कार्रवाई के लिए बेतिया कस्टम विभाग को सौंपे जाने की तैयारी है। इसके बाद इसकी उत्पत्ति, वैधता और आयात से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

यहां यह समझना भी जरूरी है कि सिर्फ देखकर किसी खाद्य पदार्थ को निश्चित रूप से किसी देश का उत्पाद घोषित नहीं किया जा सकता। असली जांच दस्तावेज, आपूर्ति श्रृंखला, कस्टम रिकॉर्ड और जरूरत पड़ने पर संबंधित परीक्षणों के आधार पर ही होगी।

भारत में खाद्य पदार्थों के आयात के लिए नियामकीय प्रक्रिया मौजूद है। FSSAI के अनुसार खाद्य आयात पर Food Safety and Standards Act के प्रावधान लागू होते हैं और आयातित खाद्य पदार्थों की जांच तथा सैंपलिंग की व्यवस्था भी है।

चाइनीज लहसुन को लेकर इतना विवाद क्यों?

चीन से आने वाले लहसुन को लेकर भारत में लंबे समय से विवाद रहा है। उपलब्ध सरकारी संदर्भों में चीनी लहसुन के आयात पर प्रतिबंध सितंबर 2005 से बताया गया है। इसके पीछे चीनी लहसुन में कुछ फंगल संक्रमण पाए जाने का मुद्दा प्रमुख कारणों में शामिल रहा है। 2025 में संसद में दी गई जानकारी से संबंधित FSSAI के मीडिया कंपेंडियम में भी चीनी लहसुन के आयात पर सितंबर 2005 से प्रतिबंध और Embellisia alli तथा Urocystis cepulae जैसे फंगल संक्रमणों का उल्लेख किया गया था।

यानी इसे केवल 2014 से प्रतिबंधित बताना सही नहीं होगा। मौजूदा मामले में भी बरामद लहसुन की वास्तविक पहचान और उत्पत्ति संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

देखने में कैसा होता है चाइनीज लहसुन?

बाजार में अक्सर लोग आकार, रंग और गंध के आधार पर देसी और विदेशी लहसुन की पहचान करने की कोशिश करते हैं। आम तौर पर चीनी लहसुन की कुछ किस्में अपेक्षाकृत बड़ी गांठ और मोटी कलियों वाली दिखाई दे सकती हैं।

इसके विपरीत, भारतीय देसी लहसुन की कई किस्मों की कलियां अपेक्षाकृत छोटी और गंध अधिक तीखी हो सकती है। हालांकि, केवल आकार या रंग के आधार पर किसी लहसुन को चीनी साबित नहीं किया जा सकता।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले कुछ आसान घरेलू परीक्षणों को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

देसी और संदिग्ध विदेशी लहसुन में क्या अंतर बताया जाता है?

आम बाजार में देसी लहसुन और चीनी लहसुन को लेकर कुछ सामान्य अंतर बताए जाते हैं।

पहचानदेसी लहसुनचीनी लहसुन की आम तौर पर बताई जाने वाली विशेषताएं
आकारकई किस्में छोटी गांठ वालीकई किस्में बड़ी गांठ वाली
कलियांअपेक्षाकृत छोटी/पतलीमोटी और बड़ी दिखाई दे सकती हैं
रंगक्रीम या हल्का सफेदज्यादा सफेद और चमकदार दिख सकता है
गंधसामान्यतः तेजकुछ किस्मों में अपेक्षाकृत हल्की
स्वादतीखा और तेजअपेक्षाकृत हल्का हो सकता है

लेकिन यह अंतर 100 फीसदी वैज्ञानिक पहचान का तरीका नहीं है। लहसुन की अलग-अलग किस्मों में प्राकृतिक रूप से आकार, रंग और तीखापन बदल सकता है।

क्या चाइनीज लहसुन खाने से गंभीर बीमारी होती है?

चाइनीज लहसुन को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जाते हैं। कुछ जगहों पर इसे पेट की बीमारी, किडनी खराब होने, अल्सर या गले के संक्रमण से जोड़ दिया जाता है। लेकिन किसी विशेष लहसुन को देखकर यह कहना कि उसे खाने से निश्चित रूप से ऐसी बीमारी होगी, वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।

असल चिंता दूषित, अवैध या मानकों के अनुरूप न होने वाले खाद्य पदार्थ को लेकर होती है। यदि किसी खाद्य उत्पाद में हानिकारक रसायन, कीटनाशक अवशेष या रोगजनक फंगस निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाते हैं, तो वह स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसी कारण आयातित खाद्य पदार्थों के लिए नियामकीय जांच और सैंपल परीक्षण की व्यवस्था की गई है।

इसलिए बगहा में बरामद लहसुन को लेकर भी अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

कैसे करें लहसुन की खरीदारी?

लहसुन खरीदते समय केवल यह देखकर फैसला न करें कि उसकी गांठ बड़ी है या छोटी। खरीदते समय कुछ सामान्य सावधानियां जरूर रखी जा सकती हैं।

सबसे पहले देखें कि लहसुन सड़ा हुआ, बहुत नरम या फफूंद लगा हुआ न हो। अत्यधिक नमी या खराब भंडारण के संकेत दिखाई दें तो ऐसी खेप से बचना बेहतर है।

जहां संभव हो, विश्वसनीय दुकानदार, स्थानीय मंडी या प्रमाणित आपूर्ति स्रोत से लहसुन खरीदें। पैकेज्ड उत्पाद होने पर लेबल और संबंधित जानकारी भी देखी जा सकती है।

अगर किसी खेप के विदेशी मूल या गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो केवल घरेलू पहचान के आधार पर फैसला लेने के बजाय संबंधित खाद्य सुरक्षा अथवा सक्षम सरकारी विभाग से जांच कराना अधिक विश्वसनीय तरीका है।

अब जांच में क्या सामने आएगा?

बगहा रेलवे स्टेशन से बरामद 12 बोरी संदिग्ध चाइनीज लहसुन के मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल इसकी उत्पत्ति और परिवहन नेटवर्क का है। क्या यह वास्तव में प्रतिबंधित विदेशी खेप है? इसे नेपाल के रास्ते भारत में लाया गया था या नहीं? इसे ट्रेन में किसने रखा? और इसे आखिर किस जगह पहुंचाया जाना था?

इन सवालों के जवाब जांच और कस्टम कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल इतना जरूर है कि अमृत भारत एक्सप्रेस के जनरल कोच से एक साथ 12 बोरी संदिग्ध लहसुन बरामद होने की घटना ने अवैध खाद्य आयात और सीमा क्षेत्र से होने वाले संभावित परिवहन पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। बरामदगी के बाद अब कस्टम और संबंधित विभागों की जांच यह तय करेगी कि यह खेप वास्तव में कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

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