मंदिर में पूजा कर रही थी नाबालिग, तभी पीछे से पहुंचा शख्स… CCTV में कैद हुआ खौफनाक पल, आरोपी निकला मेट्रो कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट वर्कर!
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। निगडी के यमुनानगर इलाके में स्थित एक मंदिर में पूजा करने पहुंची नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप एक ऐसे व्यक्ति पर लगा है, जो मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट वर्कर बताया जा रहा है। घटना मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान विशाल सिंह के रूप में हुई है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने भी मामले में गिरफ्तारी और केस दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
पूजा करने मंदिर पहुंची थी नाबालिग
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्ची मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंची थी। मंदिर परिसर में उस समय वह अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और बच्ची के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकत करने की कोशिश की।
मीडिया रिपोर्टों में सामने आए CCTV फुटेज के हवाले से बताया गया है कि बच्ची पूजा करने के बाद मंदिर से बाहर निकलने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान आरोपी उसके पास पहुंचा। आरोप है कि उसने बच्ची का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की।
बच्ची ने कथित तौर पर विरोध किया और आरोपी से खुद को छुड़ाने की कोशिश की। कुछ ही देर में वह वहां से निकलने में सफल रही। CCTV में घटना का यह पूरा क्रम रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।
CCTV फुटेज सामने आने के बाद मचा हड़कंप
इस घटना में CCTV फुटेज की भूमिका बेहद अहम बताई जा रही है। घटना के बाद फुटेज सामने आया और सोशल मीडिया पर भी इसके प्रसारित होने की खबरें आईं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
रिपोर्टों के मुताबिक फुटेज में बच्ची को मंदिर में पूजा करते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद एक व्यक्ति मंदिर परिसर में प्रवेश करता दिखाई देता है। आरोप है कि वह बच्ची के पास पहुंचकर उसे पकड़ने की कोशिश करता है। बच्ची विरोध करती है और खुद को छुड़ाने में कामयाब होती है।
घटना के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस के लिए CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है, क्योंकि इससे घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।
आरोपी मेट्रो निर्माण साइट पर करता था काम
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी विशाल सिंह मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़े एक ठेकेदार के लिए काम करता था। रिपोर्टों में उसे कॉन्ट्रैक्ट लेबर बताया गया है।
घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ की। बाद में उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी की मंदिर परिसर में मौजूदगी किस वजह से थी और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की वास्तविक स्थिति क्या है।
मंदिर परिसर में नाबालिक लड़की के साथ यौन उत्पीड़न! महाराष्ट्र के पिंपरी- चिंचवड़ स्थित यमुनानगर इलाके में एक शर्मनाक मामला सामने आया है आरोपी की पहचान विशाल सिंह के रूप में हुई है जो एक मेट्रो निर्माण कंपनी में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर है आरोप है कि मंदिर परिसर में पूजा कर रही नाबालिक बच्ची को देखकर उसने , छेड़छाड़ की मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। #महाराष्ट्रपुलिस #ट्रेनिंगन्यूज़
— premprakash (@pp73030711) October 13, 2026
स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण परियोजनाओं से जुड़े संविदा कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन किस स्तर पर किया जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति के पिछले रिकॉर्ड या पृष्ठभूमि को लेकर बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
BNS की धारा 74 और POCSO के तहत कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही नाबालिग से जुड़े मामले में पॉक्सो यानी Protection of Children from Sexual Offences Act की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार मामले में BNS की धारा 74 और POCSO एक्ट की धाराओं 8, 10 और 12 के तहत कार्रवाई की गई है।
POCSO कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। नाबालिग से संबंधित किसी भी मामले में जांच के दौरान बच्चे की पहचान और निजी जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इस घटना में भी बच्ची की पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
पुलिस खंगाल रही है CCTV और घटनाक्रम
पुलिस की जांच अब CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर केंद्रित है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी मंदिर परिसर में कब दाखिल हुआ, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद आरोपी किस दिशा में गया।
CCTV फुटेज के अलावा पुलिस घटनास्थल से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि घटना के बाद सबसे पहले पुलिस को सूचना किस माध्यम से मिली और आरोपी को किस तरह हिरासत में लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, निगडी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश बंसोडे ने मामले में केस दर्ज होने और आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मंदिर जैसे स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंदिर जैसे स्थानों पर आमतौर पर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, लेकिन कई बार परिसर के कुछ हिस्सों में भीड़ कम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
विशेष रूप से बच्चों के लिए ऐसे स्थानों पर पर्याप्त निगरानी, CCTV कैमरों की उपलब्धता और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस मामले में CCTV कैमरे की मौजूदगी के कारण पुलिस को घटना के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर लोगों ने भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
आरोपी के खिलाफ जांच जारी
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। पुलिस CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोपी पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। अभी तक सामने आई जानकारी पुलिस कार्रवाई और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
नाबालिग से जुड़े ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात पीड़ित बच्चे की सुरक्षा और गोपनीयता होती है। कानून भी ऐसे मामलों में बच्चे की पहचान सार्वजनिक करने से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए घटना से जुड़ी खबरों में बच्ची का नाम, पता, स्कूल या ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
पिंपरी-चिंचवड़ के यमुनानगर इलाके में मंदिर परिसर से सामने आया यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर आरोपी मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचा? घटना के समय वहां सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? CCTV फुटेज के अलावा पुलिस को और कौन-कौन से सबूत मिले हैं? आरोपी और बच्ची के बीच घटना से पहले कोई परिचय था या नहीं? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ BNS तथा POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू हो चुकी है। CCTV फुटेज ने इस मामले की जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की जांच और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर है।

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