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मोबाइल पर आया PM Kisan का एक मैसेज… लिंक खोलते ही खाते से गायब हुए ₹1.51 लाख, आखिर क्या हुआ?

 


चेची। सरकारी योजना का नाम लेकर भेजा गया एक संदिग्ध मैसेज एक महिला के लिए भारी नुकसान का कारण बन गया। पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ी जानकारी के नाम पर मोबाइल पर आए एक लिंक को सामान्य सरकारी संदेश समझकर खोलना महिला को कथित तौर पर 1 लाख 51 हजार 917 रुपये का नुकसान करा गया। घटना सामने आने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बैंक खाते की जांच कराने पर बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई गई है।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि साइबर ठग किस तरह सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और सरकारी सहायता के नाम का इस्तेमाल करके लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर पीएम किसान सम्मान निधि, ई-केवाईसी, किस्त जारी होने, बैंक खाता अपडेट करने और लाभार्थी सूची में नाम देखने के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक को लेकर लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है।

मोबाइल पर आया था पीएम किसान के नाम से मैसेज

जानकारी के मुताबिक चेची निवासी सुगना बाई धाकड़ के मोबाइल फोन पर पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित जानकारी के नाम पर एक मैसेज आया था। मैसेज में योजना से जुड़ी जानकारी देखने के लिए एक लिंक दिया गया था।

सरकारी योजना का नाम देखकर महिला ने इसे सामान्य सूचना से जुड़ा मैसेज समझ लिया। इसके बाद उन्होंने मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। आरोप है कि लिंक खोलने के कुछ ही समय बाद उनके मोबाइल फोन पर बैंक खाते से पैसे कटने का संदेश आने लगा।

शुरुआत में परिवार को अंदाजा नहीं था कि खाते से कितनी रकम निकल चुकी है। लगातार बैंक से जुड़े संदेश आने के बाद जब परिवार को संदेह हुआ तो उन्होंने बैंक जाकर खाते की जानकारी हासिल की।

बैंक पहुंचने पर सामने आया बड़ा नुकसान

बैंक में खाते की जांच कराने के बाद परिवार को पता चला कि खाते से कुल 1 लाख 51 हजार 917 रुपये गायब हो चुके हैं। इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए।

परिवार ने घटना को साइबर फ्रॉड मानते हुए इसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। अब संबंधित एजेंसियां शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महिला के साथ यह घटना पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ा मैसेज मिलने के बाद हुई। हालांकि, खाते से पैसे किस तकनीकी तरीके से निकाले गए और लेनदेन किस माध्यम से हुआ, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।

पीएम किसान की किस्त के नाम पर हो रही ठगी से रहें सावधान

पीएम किसान सम्मान निधि देश के लाखों किसानों से जुड़ी योजना है। इसी वजह से साइबर अपराधी भी इसके नाम का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

किसानों को मोबाइल पर ऐसे मैसेज भेजे जा सकते हैं जिनमें दावा किया जाए कि उनकी पीएम किसान की किस्त अटक गई है, ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, बैंक खाता अपडेट करना जरूरी है या लाभार्थी की जानकारी देखने के लिए लिंक पर क्लिक करना होगा।

ऐसे संदेश पहली नजर में सरकारी लग सकते हैं। इनमें सरकारी योजना का नाम, लोगो जैसी तस्वीर या आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। लेकिन केवल मैसेज में सरकारी योजना का नाम लिखा होने से यह साबित नहीं होता कि संदेश वास्तव में सरकारी विभाग की ओर से ही भेजा गया है।

एक क्लिक से पहले जरूर करें जांच

साइबर सुरक्षा के लिहाज से सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक को तुरंत न खोला जाए। अगर पीएम किसान सम्मान निधि, ई-केवाईसी या किसी सरकारी लाभ से संबंधित कोई मैसेज आता है तो पहले उसकी सत्यता जांचनी चाहिए।

लिंक पर क्लिक करने से पहले मैसेज भेजने वाले नंबर, वेबसाइट के पते और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा को ध्यान से देखना चाहिए। किसी संदिग्ध वेबसाइट पर पहुंचने के बाद बैंक खाते, डेबिट कार्ड, एटीएम, यूपीआई या अन्य वित्तीय जानकारी दर्ज नहीं करनी चाहिए।

किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, बैंक पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

ई-केवाईसी के नाम पर भी भेजे जा सकते हैं फर्जी लिंक

साइबर ठगी में ई-केवाईसी का नाम भी लगातार इस्तेमाल किया जाता है। ठग लोगों को यह कहकर संदेश भेज सकते हैं कि अगर उन्होंने तुरंत ई-केवाईसी नहीं की तो सरकारी योजना का लाभ बंद हो जाएगा।

इसके बाद मैसेज में एक लिंक दिया जाता है। लिंक पर जाने के बाद व्यक्ति से मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, कार्ड विवरण या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जा सकती है।

कई मामलों में लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए डराया भी जाता है। उदाहरण के लिए मैसेज में कहा जा सकता है कि कुछ घंटों के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर किस्त रुक जाएगी या लाभार्थी का नाम योजना से हटा दिया जाएगा।

ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

खाते से पैसे निकल जाएं तो तुरंत उठाएं कदम

अगर किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या किसी संदिग्ध लेनदेन के बाद बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकल जाएं तो कार्रवाई में देरी नहीं करनी चाहिए।

सबसे पहले संबंधित बैंक को तुरंत इसकी जानकारी देनी चाहिए। बैंक से खाते और संदिग्ध लेनदेन की जानकारी लेकर जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं।

इसके साथ ही वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर की जा सकती है। ऑनलाइन साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है।

शिकायत करते समय बैंक से मिले ट्रांजैक्शन विवरण, मैसेज, संदिग्ध मोबाइल नंबर, लिंक और अन्य उपलब्ध जानकारी सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। मैसेज या स्क्रीनशॉट को तुरंत डिलीट करने के बजाय उन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।

परिवार और बुजुर्गों को भी समझाएं साइबर सुरक्षा

साइबर ठगी से बचाव केवल मोबाइल चलाने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार के बुजुर्गों और उन लोगों को भी जागरूक करना जरूरी है जो सरकारी योजनाओं के मैसेज पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं।

विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को यह समझना जरूरी है कि सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी के नाम पर आने वाला हर मैसेज वास्तविक नहीं होता। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले परिवार के किसी जानकार व्यक्ति या संबंधित सरकारी कार्यालय से जानकारी की पुष्टि की जा सकती है।

एक घटना ने फिर बढ़ाई सावधानी की जरूरत

चेची की यह घटना लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा चेतावनी है। पीएम किसान सम्मान निधि जैसी लोकप्रिय सरकारी योजना का नाम देखकर किसी संदेश पर तुरंत भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है।

सुगना बाई धाकड़ के मामले में खाते से 1,51,917 रुपये निकलने की शिकायत के बाद साइबर शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय है कि रकम किस माध्यम से निकाली गई और संदिग्ध लिंक के जरिए किस तरह का साइबर फ्रॉड किया गया।

इस घटना के बाद सबसे जरूरी संदेश यही है कि सरकारी योजना के नाम पर मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक को बिना जांचे न खोलें। पीएम किसान की किस्त, ई-केवाईसी या लाभार्थी संबंधी जानकारी हासिल करने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों का इस्तेमाल करें। थोड़ी सी सावधानी बैंक खाते में जमा पूरी जिंदगी की कमाई को साइबर ठगों के हाथों जाने से बचा सकती है।

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