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स्कूल से लौट रही छात्रा की जबरन भरी मांग. मनचलों ने रास्ता रोककर छेड़खानी की, फिर में डाल दिया सिंदूर



बिहार के बांका जिले से एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़खानी और जबरदस्ती सिंदूर डालने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल से पढ़ाई कर साइकिल से घर लौट रही 16 वर्षीय छात्रा को रास्ते में छह युवकों ने रोक लिया। इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर छेड़खानी की गई और उनमें से एक युवक ने जबरन उसकी मांग में सिंदूर डाल दिया। घटना के बाद आरोपियों ने छात्रा को पुलिस से शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

मामला सामने आने के बाद पीड़िता की मां ने रजौन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह नामजद युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

स्कूल से घर लौटते समय रास्ते में रोका

बताया जा रहा है कि घटना बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में 30 सितंबर की शाम करीब चार बजे हुई। पीड़िता स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद साइकिल से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान मड़नी पुल के पास कथित तौर पर छह युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया।

परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, युवकों ने पहले छात्रा को रोककर उसके साथ कथित तौर पर छेड़खानी की। छात्रा के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी थी। आरोप है कि वह घटना का विरोध करती रही, लेकिन युवकों ने उसकी बात नहीं मानी।

इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि युवकों में शामिल एक युवक ने छात्रा की इच्छा के खिलाफ उसकी मांग में सिंदूर डाल दिया। परिवार ने इसे जबरदस्ती और अपमानजनक व्यवहार बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

रिश्तेदार पर भी गंभीर आरोप

पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों में पीड़िता का एक रिश्तेदार भी शामिल है। शिकायत में कहा गया है कि छह युवकों में कुंदन कुमार नाम का युवक भी मौजूद था। आरोप है कि उसी ने छात्रा की मांग में जबरन सिंदूर डाला।

परिवार का कहना है कि छात्रा की सहमति के बिना उसके साथ ऐसा किया गया। इस दौरान कथित तौर पर बाकी युवकों ने भी उसके साथ छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया।

घटना के बाद छात्रा बेहद परेशान हालत में घर पहुंची और उसने अपने परिवार के सदस्यों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने मामले को दबाने के बजाय पुलिस के पास जाने का फैसला किया और रजौन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप

पीड़िता के परिवार की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद आरोपियों ने छात्रा को पुलिस के पास जाने से रोकने की कोशिश की। कथित तौर पर उसे धमकी दी गई कि अगर उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी तो उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी जाएंगी।

इस तरह की धमकी के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है। नाबालिग छात्रा के परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक, घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।

छह युवकों के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर छह युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में म्हाडा निवासी कुंदन कुमार, रामकृष्ण कुमार, साजन कुमार, समर कुमार और साहिल कुमार के अलावा भागलपुर जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र के मदीहा निवासी ज्योतिष कुमार को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में BNS की धारा 126(2), 115(2), 76, 352, 351(2)(3), 3(5) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 लगाई गई हैं।

चूंकि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम बताई गई है, इसलिए मामले में पॉक्सो कानून के प्रावधान भी लगाए गए हैं। अब पुलिस को घटना के हर पहलू की जांच करनी है और यह पता लगाना है कि वारदात के समय कौन-कौन लोग मौजूद थे तथा किसकी क्या भूमिका थी।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। जांच के दौरान पुलिस पीड़िता और उसके परिवार के बयान दर्ज कर सकती है। इसके अलावा घटना स्थल की जानकारी जुटाने, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ करने और आरोपों से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

पुलिस के लिए इस मामले में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी घटना के बाद कहां गए और क्या उन्होंने छात्रा को वास्तव में धमकी दी थी। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटना के पीछे आरोपियों की क्या मंशा थी।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई के संबंध में भी पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

बेटियों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल से घर लौटते समय किसी नाबालिग छात्रा के साथ इस तरह का कथित व्यवहार बेहद चिंताजनक है। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्कूल जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर परिवार अक्सर चिंतित रहते हैं।

बेटियों की शिक्षा तभी पूरी तरह सफल हो सकती है, जब उन्हें घर से स्कूल और स्कूल से घर लौटने तक सुरक्षित वातावरण मिले। रास्ते में होने वाली छेड़खानी, पीछा करना, धमकी देना या किसी भी तरह का जबरन व्यवहार छात्राओं के आत्मविश्वास पर गंभीर असर डाल सकता है।

ऐसे मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल, स्थानीय समुदाय और प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। छात्राओं को यह भरोसा मिलना जरूरी है कि उनके साथ किसी भी तरह की गलत घटना होने पर वे बिना डर के परिवार और पुलिस को इसकी जानकारी दे सकती हैं।

नाबालिग की पहचान की सुरक्षा जरूरी

कानून के तहत यौन अपराधों से जुड़े मामलों में नाबालिग पीड़िता की पहचान की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए पीड़िता का नाम, पता, स्कूल या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।

इस मामले में भी पीड़िता की पहचान को सुरक्षित रखना जरूरी है। घटना की जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान उसकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति का ध्यान रखा जाना चाहिए।

फिलहाल बांका पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। छह युवकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के बाद अब सभी की भूमिका और आरोपों की सत्यता जांच का विषय है। पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

बांका की इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर स्कूल से घर लौटने वाली बेटियां कब बिना डर के अपने रास्ते पर चल सकेंगी। अब नजर पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर है।

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