भाई के साथ पढ़ने निकली 19 साल की संजना फिर कभी घर नहीं लौटी, कॉलेज में ऐसा क्या हुआ? गायब CCTV ने बढ़ाया रहस्य
उत्तर प्रदेश के देवरिया में बीएससी प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा संजना की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब लगातार उलझता जा रहा है। घर से अपने छोटे भाई के साथ पढ़ाई के लिए निकली संजना कुछ घंटे बाद बाबा राघव दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विज्ञान भवन में अचेत अवस्था में मिली थी। उसे गंभीर हालत में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उसके साथ कॉलेज परिसर में क्या हुआ था। क्या संजना ने खुद किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था या फिर उसे किसी ने जहरीला पदार्थ दिया? फिलहाल इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके बाद चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित कर लिया है।
मामले में अब कॉलेज प्रशासन की भूमिका को लेकर भी परिवार की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने के बाद संजना के स्वजन ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घर से भाई के साथ निकली थी संजना
बताया गया है कि संजना रोजाना की तरह अपने छोटे भाई आदित्य के साथ घर से देवरिया पढ़ने के लिए निकली थी। आदित्य इंटरमीडिएट का छात्र है और जीआईसी में पढ़ाई करता है। सोमवार को दोनों भाई-बहन एक साथ घर से निकले थे।
दिन में पढ़ाई पूरी करने के बाद आदित्य वापस घर पहुंच गया, लेकिन संजना देर शाम तक घर नहीं लौटी। परिवार के लोग उसकी वापसी का इंतजार कर रहे थे। काफी समय बीतने के बाद जब संजना घर नहीं पहुंची तो स्वजन चिंतित हो गए और उसके बारे में जानकारी जुटाने लगे।
इसी बीच परिवार को कॉलेज की ओर से उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली। जब स्वजन को पता चला कि संजना कॉलेज परिसर में गंभीर हालत में मिली है, तो परिवार के लोग तुरंत मेडिकल कॉलेज की ओर रवाना हो गए।
विज्ञान भवन में अचेत मिली थी छात्रा
जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब तीन बजे संजना कॉलेज के विज्ञान भवन में अचेत अवस्था में मिली थी। उस समय उसकी हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
हालांकि, उपचार के दौरान संजना ने दम तोड़ दिया। 19 साल की छात्रा की अचानक मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस बेटी को परिवार पढ़ाई के लिए घर से भेज रहा था, उसकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
परिवार के मुताबिक घर में संजना का किसी से कोई विवाद नहीं था। इसी वजह से स्वजन यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसी परिस्थिति कैसे पैदा हुई, जिसके कारण उनकी बेटी की जान चली गई।
पोस्टमार्टम में नहीं खुला मौत का राज
संजना की मौत के बाद मंगलवार को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। लेकिन पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित कर लिया।
अब बिसरा जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसी रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि छात्रा के शरीर में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं।
परिवार के लिए यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संजना ने खुद किसी पदार्थ का सेवन किया था अथवा किसी अन्य व्यक्ति ने उसे कुछ खिलाया या पिलाया था। पुलिस जांच में इस पहलू को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घटना के दिन का CCTV फुटेज क्यों नहीं है?
मामले में एक और सवाल तब खड़ा हुआ जब संजना के चाचा राहुल कॉलेज पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया।
राहुल का आरोप है कि घटना वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है, जबकि उससे पहले और बाद की तारीखों का फुटेज दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर उन्होंने घटना के दिन की रिकॉर्डिंग को लेकर संदेह जताया है।
हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के गायब होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यह तकनीकी समस्या थी, रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं हुई या किसी अन्य वजह से फुटेज उपलब्ध नहीं है—इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
परिवार ने इस मामले में कॉलेज प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा है।
समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी का भी आरोप
संजना के चाचा राहुल ने कॉलेज प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संजना को अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाने में कथित तौर पर देरी हुई।
राहुल के अनुसार, परिवार को जब घटना की जानकारी मिली तो वे गांव से मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे। उनका दावा है कि इसके करीब 30 मिनट बाद कॉलेज की ओर से संजना को मेडिकल कॉलेज लाया गया।
यदि परिवार की ओर से लगाए गए ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा कि छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा और उस दौरान उसके साथ क्या चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई।
हालांकि, इस संबंध में कॉलेज प्रशासन की ओर से सामने आने वाली विस्तृत जानकारी और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
अंतिम संस्कार के बाद कॉलेज पहुंचे चाचा
मंगलवार को संजना का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद बुधवार को उसके चाचा राहुल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से घटना के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया।
परिवार का कहना है कि उन्हें कॉलेज की ओर से दी गई जानकारी संतोषजनक नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने घटना से जुड़े सवालों के जवाब मांगते हुए मामले की जांच की आवश्यकता जताई।
राहुल ने कहा कि संजना के पिता विदेश में रहते हैं। उनके वापस आने के बाद पुलिस को लिखित तहरीर देने की बात कही गई है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस कॉलेज पहुंची थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
पुलिस के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं—संजना विज्ञान भवन में किसके साथ थी, वह वहां कितनी देर रही, उसकी तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी, उसे अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा और घटना के समय कॉलेज परिसर में कौन-कौन लोग मौजूद थे।
इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज की उपलब्धता और बिसरा जांच की रिपोर्ट भी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बिसरा रिपोर्ट से मिल सकती है अहम जानकारी
संजना की मौत का कारण पोस्टमार्टम से स्पष्ट नहीं होने के बाद अब बिसरा जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। यदि जांच में किसी जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है, तो पुलिस के लिए आगे की जांच का रास्ता स्पष्ट हो सकता है।
वहीं, यदि ऐसा कोई पदार्थ नहीं मिलता है तो पुलिस को मौत के अन्य संभावित कारणों और घटनाक्रम की गहराई से जांच करनी होगी।
फिलहाल संजना की मौत कई सवालों को पीछे छोड़ गई है। परिवार अपनी बेटी की मौत की असली वजह जानना चाहता है, जबकि पुलिस जांच के माध्यम से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। संजना ने खुद जहरीला पदार्थ खाया था, उसे किसी ने खिलाया था या उसकी मौत के पीछे कोई और वजह थी—इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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