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योगी सरकार आज खोलेगी खजाना! आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए होने वाला है ऐसा ऐलान, सुनकर खुशी से झूम उठेंगी



लखनऊ/अयोध्या: उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार मंगलवार को उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा करेंगे। सरकार के इस संभावित फैसले को प्रदेश की महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।

बताया गया है कि मानदेय में प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को हर महीने 4 हजार रुपये अतिरिक्त, जबकि सहायिकाओं को 2 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे प्रदेश में बड़ी संख्या में काम कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासन की ओर से पूरी कर ली गई हैं। इसी कार्यक्रम में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे जाएंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदेश में महिला एवं बाल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में भूमिका निभाती हैं। बच्चों के पोषण, प्रारंभिक देखभाल और महिलाओं तथा बच्चों से जुड़ी सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका रहती है।

ऐसे में लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग भी चर्चा में रही है। अब सरकार की ओर से प्रस्तावित बढ़ोतरी से इन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के मुताबिक प्रदेश में हाल ही में 71,310 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई है। इनमें 21,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं।

नियुक्ति पत्र वितरण और मानदेय बढ़ोतरी का ऐलान एक ही कार्यक्रम में होने से सरकार की ओर से महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कर्मचारियों को बड़ा संदेश देने की तैयारी मानी जा रही है।

अयोध्या में होगा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में इस संबंध में घोषणा करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने के साथ ही सरकार की योजनाओं और महिला एवं बाल विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में प्रस्तावित वृद्धि ऐसे समय में हो रही है जब सरकार की ओर से महिला कर्मचारियों और जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं को लागू करने वाले कार्यबल पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

दूसरी ओर सीएम योगी ने गिनाईं यूपी की बदलती तस्वीर

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए संभावित घोषणा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दो दिवसीय 'यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026' में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साल 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और कई जगहों पर माफिया का प्रभाव था।

उन्होंने दावा किया कि उस दौर में माफिया खुलेआम हथियार लेकर घूमते थे और जमीनों पर कब्जे की शिकायतें आम थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक तत्कालीन सरकार के दौरान ऐसी परिस्थितियों के कारण प्रदेश की छवि को भी नुकसान पहुंचा।

उन्होंने कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर राज्य के बाहर लोगों को किराये का घर या होटल में कमरा मिलने में भी परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के नागरिकों के लिए पहचान के संकट से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अर्थव्यवस्था का आगे बढ़ना मुश्किल होता है।

'2017 के बाद बदला उत्तर प्रदेश'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में कानून का राज है और अपराध, अपराधियों तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की रणनीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' जैसी पहचान बन गई थी और महिलाएं तथा बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं। उनके मुताबिक पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव और दंगों की घटनाएं होती थीं और लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति रहती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में उद्योग और निवेश का माहौल तैयार नहीं किया जा सकता था। उन्होंने बिजली और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी पिछली व्यवस्था पर निशाना साधा।

टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर क्या बोले सीएम?

टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की युवा आबादी और कपड़ा उद्योग की क्षमता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे युवा कार्यबल में से एक बड़ी हिस्सेदारी है। प्रदेश में करीब 2 लाख हैंडलूम वीवर और 5 लाख से अधिक पावरलूम वीवर हैं।

मुख्यमंत्री ने बुनकरों को इस क्षेत्र की सफलता का वास्तविक नायक बताते हुए कहा कि प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे स्थान पर है। उनके अनुसार देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 13 से 14 प्रतिशत है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज वैश्विक वस्त्र उद्योग में एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रोजगार और उद्योग पर सरकार का फोकस

यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के जरिए सरकार प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को सामने रख रही है। बड़ी संख्या में बुनकरों और पावरलूम श्रमिकों की मौजूदगी को देखते हुए यह क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को उद्योग और निवेश के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि जब प्रदेश में सुरक्षित और अनुकूल माहौल होगा, तभी उद्योग आगे बढ़ेंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इस तरह मंगलवार का दिन उत्तर प्रदेश के लिए दो अलग-अलग वजहों से महत्वपूर्ण रहने वाला है। एक तरफ अयोध्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा प्रस्तावित है, वहीं दूसरी ओर सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास और टेक्सटाइल सेक्टर की क्षमता को लेकर अपना विजन सामने रख रही है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में प्रस्तावित वृद्धि पर अंतिम स्थिति मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्पष्ट होगी। इसके बाद यह भी साफ होगा कि बढ़ा हुआ मानदेय कब से लागू होगा और कर्मचारियों को इसका लाभ किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा।

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