स्कूल में आखिर उस दिन क्या हुआ था? तीसरी मंजिल से गिरी 11वीं की छात्रा, पिता और प्रबंधन के दावों ने खड़े किए बड़े सवाल
शहर के डबुआ कॉलोनी स्थित नवोदय विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा जानवी की स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
छात्रा के परिवार की ओर से स्कूल में उसे कथित तौर पर सजा दिए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि छात्रा को किसी तरह की सजा नहीं दी गई थी। दोनों पक्षों के बयानों में सामने आए इस अंतर के कारण अब पुलिस के सामने घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती है।
पुलिस छात्रा के परिजनों, स्कूल प्रबंधन और घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा के साथ घटना से पहले क्या हुआ था और वह स्कूल की तीसरी मंजिल तक किस परिस्थिति में पहुंची।
कक्षा से शुरू हुआ था पूरा मामला?
परिवार की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले कक्षा में छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मृतका के पिता प्रमोद कुमार का आरोप है कि इस विवाद में उनकी बेटी की कोई गलती नहीं थी, इसके बावजूद उसे कथित रूप से सजा दी गई।
पिता का दावा है कि जानवी को करीब चार घंटे तक कक्षा से बाहर धूप में खड़ा रखा गया। परिवार का आरोप है कि इस घटना से छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान और आहत हुई थी।
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद छात्रा स्कूल की तीसरी मंजिल की ओर चली गई और वहां से नीचे गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गई।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छात्रा को सजा दिए जाने और उसके बाद हुई घटना के बीच संबंध को लेकर परिवार ने आरोप लगाए हैं, जबकि स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। इन दावों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी तरफ स्कूल के प्रधानाचार्य आरपी शर्मा ने छात्रा को चार घंटे तक धूप में खड़ा रखने के आरोप को सिरे से खारिज किया है।
प्रधानाचार्य के अनुसार, जानवी को किसी भी प्रकार की सजा नहीं दी गई थी। उनका कहना है कि छात्रा कक्षा से वॉशरूम जाने की बात कहकर बाहर निकली थी। इसके बाद वह स्कूल की तीसरी मंजिल तक पहुंच गई और वहां से नीचे गिर गई।
स्कूल प्रबंधन का यह बयान छात्रा के पिता के आरोपों से बिल्कुल अलग है। इसी वजह से घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा कक्षा से निकलने के बाद किन रास्तों से तीसरी मंजिल तक पहुंची। स्कूल परिसर में उस समय कौन-कौन से शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अस्पताल ले जाते समय छात्रा की मौत
घटना के बाद स्कूल स्टाफ गंभीर रूप से घायल छात्रा को अस्पताल लेकर रवाना हुआ। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही छात्रा की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हुई और सिविल अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने छात्रा के परिवार से घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का ध्यान अब उन परिस्थितियों पर है जो घटना से ठीक पहले बनी थीं। जांच के दौरान छात्राओं और शिक्षकों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि कक्षा में कथित विवाद और उसके बाद की घटनाओं की जानकारी उन्हीं लोगों से मिल सकती है जो उस समय स्कूल में मौजूद थे।
तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची छात्रा?
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जानवी कक्षा से निकलने के बाद स्कूल की तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची।
अगर वह वास्तव में वॉशरूम जाने के लिए कक्षा से बाहर निकली थी, तो फिर वह तीसरी मंजिल तक कैसे पहुंची? वहीं, अगर परिवार के आरोपों के अनुसार उसे लंबे समय तक सजा दी गई थी, तो स्कूल में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने उसकी स्थिति पर क्या ध्यान दिया?
पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है।
स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस जांच में अहम साबित हो सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि छात्रा कक्षा से निकलने के बाद किस दिशा में गई और उसके बाद उसके साथ क्या घटनाक्रम हुआ।
इसके अलावा, स्कूल में मौजूद शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों से पूछताछ करके भी पुलिस घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर सकती है।
परिवार में पसरा मातम
16 वर्षीय छात्रा की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार में मातम छा गया। जिस उम्र में एक बच्चा अपने भविष्य के सपने देखता है और पढ़ाई के जरिए आगे बढ़ने की तैयारी करता है, उसी उम्र में उसकी मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिवार की ओर से स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिजन चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और अगर किसी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा को किसी तरह की सजा नहीं दी गई थी। ऐसे में जांच के नतीजे दोनों पक्षों के दावों के बीच की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच
पुलिस फिलहाल मामले को कई पहलुओं से देख रही है। छात्रा के परिवार के आरोप, स्कूल प्रबंधन का पक्ष, घटना से पहले की परिस्थितियां और स्कूल परिसर में छात्रा की गतिविधियां—इन सभी बिंदुओं को जांच में शामिल किया जा सकता है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा किसी तरह के दबाव, विवाद या परेशानी से गुजर रही थी या नहीं। हालांकि, बिना जांच पूरी हुए किसी एक वजह को घटना का कारण मानना जल्दबाजी होगी।
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
अब जांच से खुलेगा पूरा राज
जानवी की मौत ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक wellbeing को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। स्कूलों में बच्चों के बीच होने वाले विवाद, अनुशासनात्मक कार्रवाई और छात्रों की भावनात्मक स्थिति को लेकर संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवार और स्कूल प्रबंधन के बयानों में स्पष्ट अंतर है। एक तरफ पिता चार घंटे तक कथित रूप से सजा दिए जाने की बात कह रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रधानाचार्य का कहना है कि छात्रा को कोई सजा नहीं दी गई थी।
अब पुलिस की जांच, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मंगलवार को स्कूल में वास्तव में क्या हुआ था।
16 वर्षीय जानवी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया है। घटना की पूरी सच्चाई सामने आने के लिए निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है, ताकि किसी भी आरोप पर निष्कर्ष निकालने से पहले तथ्यों की पुष्टि हो सके।

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